दुनिया का सबसे महंगा MIYAZAKI आम MP में क्यों बिक रहा सस्ता, क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी ?

ये रिपोर्ट मध्य प्रदेश के जबलपुर में उगने वाले दुनिया के सबसे महंगे जापानी 'मियाजाकी' आम पर आधारित है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 2.5 लाख किलो है. हालांकि, स्थानीय बाजार और खरीदारों के अंतर के कारण यह भारत में 11,000 से 15,000 प्रति किलो के मुनाफेदार दाम पर बिक रहा है.

मध्य प्रदेश में मिल रहा है दुनिया का सबसे महंगा आम
मध्य प्रदेश में मिल रहा है दुनिया का सबसे महंगा आम

धीरज शाह

follow google news

जब भी फलों के राजा आम की बात आती है तो हमारे दिमाग में लंगड़ा, दशहरी, चौसा या हापुस जैसे नाम आते हैं, जो अमूमन 50 रुपये से लेकर 200 रुपये किलो तक मिल जाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे आम के बारे में सुना है जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है? जी हां, हम बात कर रहे हैं जापान की मशहूर प्रजाति 'मियाजाकी' (Miyazaki Mango) की.

Read more!

हैरानी की बात यह है कि दुनिया का यह सबसे महंगा आम मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक किसान के बगीचे में शान से लहलहा रहा है. लेकिन उससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि जो आम विदेशों में लाखों में बिकता है, वह एमपी में बेहद सस्ता बिक रहा है. आखिर क्या है इसके पीछे की वजह और क्या है इस जापानी आम के जबलपुर पहुंचने की पूरी कहानी? आइए जानते हैं.

ट्रेन के सफर से शुरू हुई कहानी

जबलपुर के रहने वाले किसान संकल्प परिहार के पास करीब 4 एकड़ का एक खूबसूरत बगीचा है, जिसमें देश-विदेश की 65 से ज्यादा प्रजातियों के आम उगाए जाते हैं. संकल्प परिहार बताते हैं कि उनके बगीचे में मियाजाकी आम के आने की कहानी बेहद दिलचस्प है.

दरअसल, कुछ साल पहले वह चेन्नई 'हाइब्रिड नारियल' के पौधे लेने जा रहे थे. ट्रेन के सफर के दौरान उनकी मुलाकात एक अनजान शख्स से हुई. जब उस शख्स को पता चला कि संकल्प का आम का बगीचा है तो उसने उन्हें कुछ अनोखे आम के पौधे ऑफर किए. उस व्यक्ति ने बताया कि इन पेड़ों पर लाल, पर्पल, गुलाबी और काले रंग के आम उगते हैं. संकल्प ने उन पौधों को खरीद लिया और अपने बगीचे में लगा दिया. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वह अनजाने में दुनिया का सबसे कीमती आम अपने घर ले आए हैं.

जब इंटरनेट से पता चली असली कीमत

जब पेड़ों पर पहली बार गहरे लाल रंग के खूबसूरत फल आए तो संकल्प और उनके परिवार को लगा कि यह कोई आम हाइब्रिड प्रजाति है. वे इसे 2000 या 5000 रुपये किलो का मानकर ही बेहद खुश थे. लेकिन जब बगीचे में जानकारों का आना-जाना शुरू हुआ और उन्होंने इंटरनेट पर रिसर्च की, तब उन्हें पता चला कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी बोली 2,70,000 रुपये प्रति किलो तक लग चुकी है और यह जापान का मशहूर 'मियाजाकी' आम है.

विदेशों में लाखों का तो MP में क्यों है इतना सस्ता?

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये कीमत होने के बावजूद यह आम जबलपुर में इतना सस्ता क्यों मिल रहा है? इस पर किसान संकल्प परिहार ने इसके पीछे का पूरा गणित समझाया है:

संकल्प के मुताबिक भारत और खासतौर पर जबलपुर जैसे शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कीमतें मिलना मुमकिन नहीं है. कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि आपका खरीदार कौन है और आप इसे किस मार्केट में बेच रहे हैं.

जब भारत में पहली बार इस आम की चर्चा हुई तो शुरुआती साल में उनका मात्र 1 किलो आम 50,000 रुपये में बिका था. इसके बाद अगले कुछ सालों में इसकी कीमत 11,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रति किलो के बीच बनी हुई है.

भारतीय किसान के लिए यह भी बड़ी रकम 

संकल्प परिहार का कहना है कि विदेशों में भले ही इसकी कीमत लाखों में हो लेकिन भारत के छोटे शहरों या जबलपुर के लिहाज से 15,000 रुपये किलो भी एक किसान के लिए बहुत बड़ी और मुनाफे वाली रकम है. उनका मानना है कि अगर भारत के आम किसानों को इस उन्नत प्रजाति के लिए 1000 से 2000 रुपये किलो के दाम भी मिल जाएं, तो वे आर्थिक रूप से काफी प्रगति कर सकते हैं.

'डॉग्स' करते हैं इस कीमती आम की सुरक्षा

जब लाखों रुपये के आम पेड़ों पर लटके हों तो चोरी का डर होना लाजमी है. संकल्प बताते हैं कि जब इस आम की प्रसिद्धि देश भर में फैली तो उनके बगीचे में चोरी की कुछ घटनाएं भी हुईं. इसके बाद उन्होंने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए. शुरुआत में सीसीटीवी कैमरे और गार्ड्स तैनात किए गए, लेकिन सबसे भरोसेमंद सुरक्षा गार्ड्स उनके पालतू कुत्ते (Dogs) साबित हुए. अब पूरे बगीचे और इन महंगे आमों की सुरक्षा की जिम्मेदारी वफादार डॉग्स की फौज संभालती है, जिसकी वजह से पिछले साल से बगीचे में एक भी चोरी नहीं हुई है.

अनोखी तकनीक और 4 किलो का आम भी है मौजूद

संकल्प परिहार अपने बगीचे में हाई-डेंसिटी प्लांटेशन (10x10 फीट की दूरी पर पौधे) और जैविक (Organic) खेती करते हैं. खास बात यह है कि वह आमों को कीड़ों, मक्खियों और आंधी-तूफान से बचाने के लिए उन पर एक खास 'कवर' या पैकेट चढ़ाते हैं, जिससे आम का रंग-रूप और निखर जाता है और आंधी में भी फल नहीं गिरते.

उनके इस जादुई बगीचे में सिर्फ मियाजाकी ही नहीं, बल्कि '4 KG मैंगो' नाम की एक और विदेशी प्रजाति है, जिसके एक आम का वजन लगभग 4 किलोग्राम तक चला जाता है. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की 'R2E2', टॉमी एटकिन, सेंसेशन और डॉक माय गोल्ड जैसी 30 से ज्यादा विदेशी और कई उन्नत भारतीय प्रजातियां यहां मौजूद हैं. यही वजह है कि इस अनोखे और दुनिया के सबसे महंगे आम को देखने के लिए दूर-दूर से लोग जबलपुर में संकल्प परिहार के बगीचे में पहुंच रहे है.


 

    follow google news