पति करता था दूसरी महिलाओं से बात, पत्नी ने पुलिस के पास जाकर अवैध कमाई का कर दिया भांडाफोड़

हिमांशु शिवा

• 01:47 PM • 21 Aug 2026

घरेलू कलह के कारण पुलिस तक पहुँचे एक मामले की जाँच में भोपाल तक फैले बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है. इस कार्रवाई के तहत सागर पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लगभग 2.69 करोड़ नकद, 30 लाख का सोना और नोट गिनने की मशीन बरामद की है.

सागर (Sagar) में करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के भंडाफोड़ की कहानी
सागर (Sagar) में करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के भंडाफोड़ की कहानी
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मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी शुरुआत तो पति-पत्नी के घरेलू विवाद से हुई, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के होश उड़ गए। पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के धागे पकड़ते हुए जब पुलिस आगे बढ़ी, तो भोपाल तक फैले एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी और फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ. 

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पुलिस ने भोपाल स्थित ठिकाने पर छापेमारी कर 2.69 करोड़ से अधिक नकद, ₹30 लाख का सोना और नोट गिनने की मशीन बरामद की है. 

घरेलू विवाद से शुरू हुई सट्टेबाजी के नेटवर्क की कहानी

मामले की शुरुआत अगस्त की शुरुआत में हुई, जब एक महिला मकरोनिया थाने में अपने पति सोनू दांगी के खिलाफ प्रताड़ना, अवैध संबंधों और संदिग्ध पैसों के लेन-देन का आरोप लेकर पहुंची. पुलिस सोनू दांगी से पूछताछ कर ही रही थी कि 13 अगस्त को एक नया मोड़ आया.

रोहित पटेल नाम का एक पंचर बनाने वाला युवक थाने पहुंचा. रोहित ने शिकायत दर्ज कराई कि सोनू दांगी और धर्मेंद्र नाहर ने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर 'ग्लैमर एंटरप्राइजेज' नाम से एक फर्जी फर्म बनाई और फेडरल बैंक में करंट अकाउंट खोल दिया. बैंक से जांच करने पर पता चला कि उस खाते से महज कुछ महीनों (जनवरी से अगस्त) के भीतर ₹90 लाख का संदिग्ध लेन-देन हुआ था. 

भोपाल में चल रहा था सट्टे का मास्टर सिंडिकेट

सागर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए 15-16 ऐसे ही फर्जी फर्मों के खातों का पता लगाया जो इंडियन बैंक और फेडरल बैंक सहित कई बैंकों में खोले गए थे. ये खाते गरीब और बेरोजगार लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बनवाए जाते थे. 

जब पुलिस इस सिंडिकेट की अगली कड़ी भोपाल में बैठे अमित विश्वकर्मा तक पहुंची, तो उसने मुख्य सरगना ऋषभ पटेल का नाम उगला. ऋषभ पटेल टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए बड़े पैमाने पर ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग का नेटवर्क चला रहा था. 

करोड़ों का कैश, सोना और नोट गिनने की मशीन बरामद

जब सागर पुलिस की टीम ने भोपाल में ऋषभ पटेल के ठिकाने पर दबिश दी तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. 

  • ₹2,69,42,700 की नकदी बरामद की गई. 
  • ₹30 लाख मूल्य के सोने के आभूषण. 
  • नोट गिनने की मशीन, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल जब्त किए गए. 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऋषभ पटेल कॉलेज के दिनों से ही सट्टेबाजी में शामिल था. शुरुआत में वह खुद सट्टा खेलता था, फिर टिप्स देने लगा और बाद में उसने खुद का सिंडिकेट बना लिया.

6 आरोपी गिरफ्तार, बैंक अधिकारियों और फर्जी रजिस्ट्रेशन की भी जांच

मामले में मकरोनिया और साइबर सेल की टीम ने मिलकर कार्रवाई करते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  • सोनू दांगी
  • धर्मेंद्र नाहर
  • अमित विश्वकर्मा
  • ऋषभ पटेल
  • विपिन गिरी
  • स्वर्णेंद्र पांडे (कैश हैंडलर)

अदालत ने मुख्य आरोपियों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है [05:58], जबकि दो आरोपी (सरमन उर्फ शुभम रैकवार और राशि केशव सिंह) अभी भी फरार हैं. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते खुलवाने में क्या किसी सरकारी संस्था या बैंक अधिकारियों की मिलीभगत थी.

सागर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी कमीशन के लालच में आकर अपने दस्तावेज, बैंक खाता, ओटीपी या चेकबुक किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें, वरना वे कानूनी मुसीबत में फंस सकते हैं. 

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