बीजेपी की 'ताई' इंदौर के अक्षय कांति बम कांड से हुईं नाराज, बोली, "मैं अपने नेताओं से दुखी और नाराज हूं"

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

04 May 2024 (अपडेटेड: May 4 2024 8:22 PM)

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन इंदौर के अक्षय कांति बम कांड से बहुत नाराज हैं. बीजेपी के अंदर ताई के नाम से मशहूर सुमित्रा महाजन एमपी तक को बताती हैं कि इस घटना की वजह से मैं अपने नेताओं से नाराज हूं और उन्हें ऐसा नहीं करना था.

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Former Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन इंदौर के अक्षय कांति बम कांड से बहुत नाराज हैं. बीजेपी के अंदर ताई के नाम से मशहूर सुमित्रा महाजन एमपी तक से चर्चा में बताती हैं कि इस घटना की वजह से वे अपने नेताओं से नाराज हैं और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. सुमित्रा महाजन बोलती हैं कि आखिर इसकी जरूरत क्या थी.

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सुमित्रा महाजन सवाल खड़ा करती हैं कि क्या अक्षय कांति बम जो कांग्रेस के उम्मीदवार थे, वो क्या बीजेपी उम्मीदवार शंकर लालवानी से अधिक मजबूत थे. सभी को पता है कि अक्षय कांति बम मजबूत उम्मीदवार नहीं थे. मौजूदा सांसद शंकर लालवानी की छवि और ग्राउंड रिपोर्ट भी जनता के बीच अच्छी है. ऐसे में इसकी जरूरत ही नहीं थी कि आप अपने विपक्ष के उम्मीदवार को नामांकन वापस कराकर अपनी पार्टी में शामिल करें.

सुमित्रा महाजन कहती हैं कि एक बार ये मान भी लें कि विपक्ष में कोई मजबूत उम्मीदवार है तो भी ये नहीं करना चाहिए था. इतिहास में बीजेपी के नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं की दम पर मजबूत से मजबूत उम्मीदवारों को चुनाव में हराया है और यहां तो कोई मजबूत उम्मीदवार ही नहीं था, फिर ऐसा करके सभी सकारात्मक कामों पर निगेटिव असर डालने वाला काम बीजेपी के नेताओं को नहीं करना चाहिए था.

फोन करके बोल रहे हैं कि अब भाजपा को नहीं नोटा को वोट देंगे- सुमित्रा महाजन

सुमित्रा महाजन एमपी तक को बताती हैं कि इस घटना की वजह से कई ऐसे लोगों के फोन उनके पास आए हैं जो बीजेपी के कट्‌टर समर्थक हैं लेकिन वे भी बोल रहे हैं कि अब बीजेपी को नहीं बल्कि नोटा को वोट देंगे और बीजेपी के नेताओं ने ऐसा करके गलत किया है. मुझे समझाना पड़ रहा है कि आप लोग मोदी जी का नेतृत्व देखें, कमल का फूल देखें और हमारे प्रत्याशी को देखें जो अभी भी मैदान में हैं, इसलिए आप इस गलती की सजा भाजपा को ना दें और भाजना को ही वोट दें.

सुमित्रा महाजन कहती हैं कि मोदी जी के नेतृत्व ने शानदार काम किया है. ऐसे में बीजेपी को कम से कम इंदौर में तो मोदी जी के कामों पर ही चुनाव लड़ना चाहिए था और इस तरह से अक्षय कांति की नाम वापसी कराकर बीजेपी को असहज स्थिति में नहीं लाना चाहिए था. सुमित्रा महाजन कहती हैं कि उनको इस घटना से बहुत दुख पहुंचा है.

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