Pune hit and run case: नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल गायब करने वाले अब पुलिस की गिरफ्त में, चौंकाने वाले तथ्य आए सामने

New Fact of Pune Hit and Run Case: पुणे हिट एंड रन केस में हर दिन नए तथ्य निकलकर सामने आ रहे हैं. अब पुलिस की गिरफ्त में फॉरेंसिक डिपार्टमेंट के कर्मचारी और वे डॉक्टर पुलिस की गिरफ्त में आए हैं, जिन्होंने नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल बदल दिए थे.

एमपी तक

27 May 2024 (अपडेटेड: 27 May 2024, 05:15 PM)

follow google news

Pune Hit and Run Case New Controversy: पुणे पोर्श हादसे को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है.अब पुलिस ने इस मामले में फॉरेंसिंक डिपार्टमेंट के HOD सहित 2 डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया है. इन पर नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल गायब करने का आरोप है. ऐसा करने से ही उसके सैंपल में शराब की पुष्टि नहीं हुई थी.पुलिस ने दावा ये भी किया है कि आरोपी डॉक्टरों ने तीन लाख रुपए लेकर सैंपल में हेर फेर किया था.

Read more!

आपको बता दें कि आरोपी डॉ. अजय टावरे और असिस्टेंट डॉ. श्रीहरि हार्लोर को पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट मामले में क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है. इन दोनों पर नाबालिग आरोपी की ब्लड रिपोर्ट से छेड़छाड़ का आरोप है. पता चला है कि इस मामले में आरोपी का ब्लड सैंपल लेकर कूड़े में फेंक दिया गया था और दूसरे ब्लड सैंपल में नाबालिग का नाम इस्तेमाल किया गया था.

आपको बता दें कि किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में डॉ. अजय टावरे का नाम पहली बार तब उछला जब कोल्हापुर की एक महिला को पैसे का लालच देकर एक एजेंट के जरिए पुणे लाया गया और उसकी किडनी एक अज्ञात मरीज में ट्रांसप्लांट कर दी गई. हालांकि, पैसे नहीं मिलने पर महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. साथ ही यह कहकर अंग प्रत्यारोपित किया गया कि मरीज के उसकी पत्नी से संबंध थे. इस मामले में हंगामा मचने के बाद जांच कमेटी नियुक्त की गई. इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद अधीक्षक डॉ. अजय टावरे को निलंबित कर दिया गया. जाहिर है कि डॉ. अजय टावरे का विवादों के साथ चोली-दामन का साथ रहा है.

ये भी पढ़ें- पुणे पोर्श एक्सीडेंट में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, रईसजादे को बचाने के लिए रची थी ये फिल्मी साजिश, जानें

    follow google news