नई दिल्ली। भारत सरकार की "जीरो कोल लीकेज" पहल को प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत अवैध कोयला खनन, चोरी, अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है।
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एमएमडीआर अधिनियम की धारा 22, 23बी और 24 के तहत सीआईएसएफ के नामित अधिकारियों को प्राप्त अधिकारों के बाद बल ने राष्ट्रीय खनिज संसाधनों की सुरक्षा और कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक अभियान शुरू किया है। यह अभियान कोल इंडिया की सहायक कंपनियों, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वय तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर संचालित किया जा रहा है।
4 से 8 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान
04 से 08 जुलाई 2026 के बीच सीआईएसएफ ने झारखंड और पश्चिम बंगाल स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) तथा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाए।
इन अभियानों के दौरान 428.34 मीट्रिक टन अवैध रूप से खनन, भंडारित अथवा परिवहन किया जा रहा कोयला बरामद किया गया। 04 एफआईआर (FIR) दर्ज की गईं। एक हाइवा ट्रक, 13 से अधिक मोटरसाइकिलें तथा अवैध खनन में प्रयुक्त अन्य उपकरण जब्त किए गए। कई आरोपियों को गिरफ्तार कर एमएमडीआर एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
बीसीसीएल (BCCL), धनबाद
सीआईएसएफ ने कतरास, ब्लॉक-II, बसंतीमाता (कारगिल), कुस्तौर, सिजुआ, जियलगोरा, बरोरा, गोविंदपुर और एनटीएसटी क्षेत्रों में खुफिया सूचना के आधार पर छापेमारी की।
ड्रोन निगरानी और जमीनी स्तर पर जांच के माध्यम से 319.54 मीट्रिक टन अवैध रूप से संग्रहित कोयला बरामद किया गया। इसके अलावा, कोयले से लदा एक ट्रक और अवैध परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कई मोटरसाइकिलें जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई।
ईसीएल (ECL), सीतलपुर
राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर-II ओसीपी (मुगमा क्षेत्र), सोनपुर-बाज़ारी और कुनुस्तोरिया क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया गया।
तलाशी और जब्ती के साथ-साथ कोयला डिपो, धर्मकांटों (Weighbridges), परिवहन दस्तावेजों और वैधानिक उत्पादन अभिलेखों की भी जांच की गई। इस कार्रवाई में 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया, वाहन जब्त किए गए तथा घुसपैठियों को पकड़ा गया।
निरीक्षण के दौरान कई संचालित खदानों में नियमों का पालन संतोषजनक पाया गया, जिससे कोयला परिवहन में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।
सीसीएल (CCL), पिपरवार
रूटीन चेकिंग के दौरान सीआईएसएफ ने एक हाइवा ट्रक को पकड़ा, जिसमें अवैध रूप से कोयला छिपाकर ले जाया जा रहा था।
इस कार्रवाई में 13.62 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। जब्त वाहन और कोयले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
सीसीएल (CCL), करगली
विशेष अभियान के दौरान 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। साथ ही अवैध खनन गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही 7 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं।
आधुनिक तकनीक का किया गया उपयोग
इन अभियानों को सफल बनाने के लिए सीआईएसएफ ने मानव खुफिया तंत्र (Human Intelligence), ड्रोन निगरानी, परिवहन मार्गों की ट्रैकिंग, औचक निरीक्षण, परिवहन दस्तावेजों की जांच, कोयला डिपो एवं धर्मकांटों का सत्यापन तथा जीपीएस (GPS) आधारित दस्तावेजीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों और प्रक्रियाओं का उपयोग किया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और कोयला चोरी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए वह कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, उसकी सहायक कंपनियों, राज्य सरकारों तथा राज्य पुलिस के साथ समन्वय बनाकर अभियान जारी रखेगा।बल ने कहा है कि अवैध कोयला खनन, भंडारण या परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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