Okhla Seat Analysis: दिल्ली किसका के इस एपिसोड में आज हम आपको एक ऐसी विधानसभा सीट के बारे में बताएंगे, जो हमेशा से चर्चा में रहती है. इस सीट के विधायक, अमानतुल्लाह खान, अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं. दिल्ली पुलिस ने उन्हें 'बेड कैरेक्टर' घोषित किया है, और हाल ही में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था. फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं. ये सीट है ओखला विधानसभा, जिसे आम आदमी पार्टी (AAP) की सबसे सुरक्षित सीटों में से एक माना जाता है.
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साल 2020 के विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग के CAA प्रदर्शन ने इस सीट को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया था. इस दौरान AAP के अमानतुल्लाह खान ने कांग्रेस के परवेज हाशमी को 73,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया. परवेज हाशमी अब तक ओखला से कभी नहीं हारे थे. लेकिन सवाल यह है कि इस बार ओखला पर कौन जीत का परचम लहराएगा? मुकाबला दिलचस्प है, तो आइए आपको बताते हैं ओखला सीट का समीकरण.
ओखला सीट से कौन हैं आमने-सामने?
पार्टी | उम्मीदवार |
AAP | अमानतुल्लाह खान |
कांग्रेस | अरिबा खान |
बीजेपी | घोषणा नहीं हुई |
ओखला सीट के पिछले तीन चुनावों का रिजल्ट
साल | पार्टी | उम्मीदवार | जीत का अंतर |
2013 | कांग्रेस | आसिफ मोहम्मद खान | 26,545 वोट |
2015 | AAP | अमानतुल्लाह खान | 64,532 वोट |
2020 | AAP | अमानतुल्लाह खान | 71,827 वोट |
2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजे
पार्टी | उम्मीदवार | कुल वोट |
AAP | अमानतुल्लाह खान | 1,30,367 वोट |
बीजेपी | ब्रह्म सिंह | 5,123 वोट |
कांग्रेस | परवेज हाशमी | 58,540 वोट |
2020 के बाद से, AAP ने इस सीट पर कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए मुस्लिम वोट बैंक पर मजबूत पकड़ बना ली. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़े इस बार के समीकरण में बदलाव का इशारा कर रहे हैं.
2024 लोकसभा चुनाव: ओखला सीट का प्रदर्शन
पार्टी | कुल वोट |
AAP | 1,33,989 वोट |
बीजेपी | 60,171 वोट |
लोकसभा चुनाव के इन नतीजों के आधार पर AAP को विधानसभा में बढ़त मिलने की संभावना है.
ओखला सीट के जातीय और धार्मिक समीकरण
ओखला विधानसभा सीट मुस्लिम-बहुल मानी जाती है. यहां 53% मुस्लिम वोटर हैं, जबकि 15% गुर्जर, 9% पूर्वांचली और 5% दलित वोटर हैं.
- मुस्लिम-बहुल इलाके: मदनपुर खादर, खिजराबाद, तैमूर नगर, जाकिर नगर.
- गैर-मुस्लिम इलाके: सरिता विहार, भरत नगर.
इस बार ओखला में क्या बदलेगा?
फेवर में:
- AAP के पिछले चुनावी प्रदर्शन और मुस्लिम वोट बैंक पर मजबूत पकड़.
- अमानतुल्लाह के खिलाफ बड़ा स्थानीय चेहरा नहीं.
चुनौती:
- कांग्रेस और AIMIM के मुस्लिम उम्मीदवारों से वोट बंटने की संभावना.
- निगम चुनाव में AAP का खराब प्रदर्शन.
इस बार ओखला में मुस्लिम वोट बैंक का विभाजन और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण मुख्य मुद्दा रहेगा. कांटे की टक्कर के साथ यह सीट दिल्ली चुनावी राजनीति में खास भूमिका निभाने को तैयार है.
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