Narela Seat Analysis: दिल्ली विधानसभा चुनाव की गहमागहमी में नरेला सीट सुर्खियों में है. यह राजधानी की पहली विधानसभा सीट है, जो हरियाणा बॉर्डर से सटी हुई है. यहां आम आदमी पार्टी (AAP) के शरद चौहान दो बार विधायक रह चुके हैं, लेकिन इस बार शुरुआत में उनका टिकट काट दिया गया था. हालांकि, आखिरी समय पर AAP ने फिर से उन पर भरोसा जताया और उन्हें उम्मीदवार बना दिया. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या शरद चौहान लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर पाएंगे या फिर बाजी किसी और के हाथ लगेगी?
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नरेला सीट पर कौन हैं आमने-सामने?
इस बार नरेला विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है:
- AAP: शरद चौहान
- BJP: राजकरण खत्री
- CONGRESS: अरुणा कुमारी
पिछले चुनावों में नरेला सीट पर कौन जीता?
अगर पिछले तीन चुनावों के नतीजों को देखें, तो यह सीट AAP और BJP के बीच रही है.
साल | उम्मीदवार | पार्टी | जीत का अंतर |
2013 | BJP | नीलदमन खत्री | 23,545 वोट |
2015 | AAP | शरद चौहान | 40,292 वोट |
2020 | AAP | शरद चौहान | 17,429 वोट |
2020 के चुनावी नतीजे
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में भी नरेला सीट पर AAP और BJP के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था.
पार्टी | उम्मीदवार | कुल वोट |
AAP | शरद चौहान | 86,262 |
BJP | नीलदमन खत्री | 68,833 |
CONGRESS | सिद्धार्थ कुंडू | 6,270 |
इस बार कौन मारेगा बाजी?
चुनावी आंकड़ों को देखा जाए तो AAP के शरद चौहान को बढ़त मिलती दिख रही है. शायद यही वजह है कि पार्टी ने आखिरी समय पर उनका टिकट बहाल कर दिया. अब देखना होगा कि 8 फरवरी को जनता अपना भरोसा फिर से AAP पर जताती है या BJP और कांग्रेस कोई बड़ा उलटफेर करने में कामयाब होती हैं.
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