ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा स्टेटस की जांच की मांग, BJP नेता भास्कर राव ने गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी ! 

ऋषि राज

09 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 9 2026 8:20 PM)

Dhruv Rathee's citizenship

CJP protest: CJP leaders, Dhruv Rathee, Prakash Raj at Bengaluru's Freedom Park
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न्यूज़ हाइलाइट्स

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बीजेपी नेता और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर ध्रुव राठी की नागरिकता, भारत में प्रवेश और वीजा संबंधी स्थिति की जांच कराने की मांग की

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भास्कर राव ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि क्या ध्रुव राठी जर्मन नागरिक हैं और अगर ऐसा है, तो वह किस वीजा या अनुमति के आधार पर भारत आए हैं


यूट्यूबर ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा स्टेटस को लेकर विवाद सामने आया है। बीजेपी नेता और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर ध्रुव राठी की नागरिकता, भारत में प्रवेश और वीजा संबंधी स्थिति की जांच कराने की मांग की है। यह मामला 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में ध्रुव राठी की कथित मौजूदगी के बाद सामने आया।

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भास्कर राव ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि क्या ध्रुव राठी जर्मन नागरिक हैं और अगर ऐसा है, तो वह किस वीजा या अनुमति के आधार पर भारत आए हैं। हालांकि, ध्रुव राठी की जर्मन नागरिकता को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इन दावों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

 गृह मंत्रालय से क्या मांग की गई?

 भास्कर राव ने गृह मंत्रालय से ध्रुव राठी की नागरिकता और भारत में उनके प्रवास से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी विदेशी नागरिक को भारत में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की अनुमति है और क्या ध्रुव राठी अपनी पिछली भारत यात्राओं के दौरान भी ऐसे कार्यक्रमों में शामिल हुए थे।

पत्र में भारत आने-जाने के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और मामले में संभावित कानूनी उल्लंघनों की पड़ताल करने की मांग भी की गई है। राव ने कहा है कि यदि जांच में किसी नियम का उल्लंघन सामने आता है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

विदेशी नागरिकों के लिए क्या हैं नियम?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(b) के तहत भारतीय नागरिकों को शांतिपूर्वक और बिना हथियार एकत्र होने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। यह अधिकार विदेशी नागरिकों को इसी रूप में प्राप्त नहीं है।

विदेशी नागरिकों को भारत में अपने वीजा की शर्तों और लागू कानूनी प्रतिबंधों का पालन करना होता है। विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार विदेशी नागरिकों की भारत में मौजूदगी और गतिविधियों को विनियमित करने के लिए आदेश जारी कर सकती है।

हालांकि, किसी विदेशी नागरिक का किसी विरोध प्रदर्शन में मौजूद होना अपने आप में हर परिस्थिति में कानून का उल्लंघन साबित नहीं करता। इसके लिए संबंधित व्यक्ति की नागरिकता, वीजा की श्रेणी, लागू शर्तों और वास्तविक गतिविधियों को देखना जरूरी होगा।

 OCI कार्ड होने पर क्या बदलेंगे नियम?

अगर किसी व्यक्ति के पास ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि वह भारतीय नागरिक है। OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों की तरह राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं होते। उनकी गतिविधियों पर लागू नियम उनकी स्थिति और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार तय होते हैं।

ध्रुव राठी के मामले में उनकी नागरिकता और वीजा स्टेटस को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।