दुबई के क्राउन प्रिंस ने की कैप्टन स्मित से मुलाकात, दुनिया भर में गूंज रही भारतीय पायलट की बहादुरी!

ऋषि सिंह

03 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 3 2026 6:54 PM)

कैप्टन स्मित से मिलने के बाद क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि कैप्टन स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और इंसानियत की एक शानदार मिसाल पेश की है. शेख हमदान ने कहा कि यूएई (UAE) को इस बात पर गर्व है कि कैप्टन स्मित उनकी टीम और उनके देश की कहानी का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि कैप्टन का यह हौसला शांति, करुणा और दूसरों की जान बचाने वाले उन्हीं मूल्यों को दर्शाता है, जिनके लिए यूएई खड़ा है.

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हवा में उड़ते विमान में अगर अचानक कॉकपिट के अंदर ही हिंसक हमला हो जाए, तो क्या होगा? सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं. लेकिन भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने ऐसी ही खौफनाक स्थिति में न सिर्फ अपनी हिम्मत बनाए रखी, बल्कि अपनी सूझबूझ से करीब 180 लोगों की जान भी बचा ली.

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अब उनकी इस असाधारण बहादुरी के लिए दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम ने खुद उनसे मुलाकात की है और उनकी जमकर तारीफ की है.

दुबई के क्राउन प्रिंस ने क्या कहा?

कैप्टन स्मित से मिलने के बाद क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि कैप्टन स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और इंसानियत की एक शानदार मिसाल पेश की है.

शेख हमदान ने कहा कि यूएई (UAE) को इस बात पर गर्व है कि कैप्टन स्मित उनकी टीम और उनके देश की कहानी का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि कैप्टन का यह हौसला शांति, करुणा और दूसरों की जान बचाने वाले उन्हीं मूल्यों को दर्शाता है, जिनके लिए यूएई खड़ा है.

आसमान में क्या हुआ था उस दिन?

यह चौंकाने वाली घटना 30 सितंबर को हुई थी. फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी. विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर्स सवार थे.

उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर और ओमानी को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई. ओमानी को-पायलट विमान को क्रैश कराना चाहता था उस दौरान उसने कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया, जिसमें कैप्टन बुरी तरह घायल हो गए.

ऐसी हालत में भी कैप्टन स्मित ने होश नहीं खोया. उन्होंने भारी चोटों के बावजूद किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित दरवाजा अंदर से खोल दिया.

दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद कुछ यात्री और रिजर्व क्रू सदस्य तुरंत कॉकपिट में दाखिल हुए और हमलावर को-पायलट को काबू में किया. इसी अफरा-तफरी के बीच विमान तेजी से नीचे की ओर आने लगा था, लेकिन हालात संभलते ही दूसरे क्रू ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड करा दिया. इस तरह एक बहुत बड़ा हादसा टल गया.

दुनिया भर से मिल रही है तारीफ

कैप्टन स्मित के इस हौसले की गूंज सिर्फ दुबई ही नहीं, पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी को सलाम किया है. उन्होंने कॉकपिट में मदद करने वाले चार यात्रियों को नागरिक वीरता पदक (President's Medal for Civilian Bravery) से सम्मानित करने का ऐलान किया है. वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित की सूझबूझ और अदम्य साहस की सराहना की है.


गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी अपनी जिम्मेदारी निभाना और 180 जिंदगियों को सुरक्षित जमीन पर उतारना—कैप्टन स्मित मच्छर का यह कारनामा हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है.