SCO बैठक के लिए पाकिस्तान पहुंचा भारतीय दल, तनाव के बीच क्या हैं इसके मायने?

ऋषि सिंह

• 04:58 PM • 29 Sep 2026

इस्लामाबाद में सोमवार से शुरू हुई नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की यह बैठक तीन दिन तक चलेगी. इसमें भारत का प्रतिनिधित्व आलोक डिमरी कर रहे हैं, जो विदेश मंत्रालय में मल्टीलेटरल इकोनॉमिक रिलेशंस डिपार्टमेंट के एडिशनल सेक्रेटरी हैं. इस बैठक का मुख्य एजेंडा पाकिस्तान की अध्यक्षता में अगले एक साल में होने वाले सम्मेलनों और बैठकों का कैलेंडर तय करना और संगठन के एजेंडे पर चर्चा करना है. अगले साल अगस्त में पाकिस्तान में SCO का मुख्य शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है, इसलिए इस तैयारी बैठक को काफी अहम माना जा रहा है.

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भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनातनी के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है. करीब डेढ़ साल के कड़े तनाव के बाद आखिरकार एक भारतीय अधिकारी पाकिस्तान की जमीन पर पहुंचे हैं. विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी और भारत के SCO (शंघाई सहयोग संगठन) नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी इस्लामाबाद में शुरू हुई SCO की अहम बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.

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पाकिस्तान इस वक्त SCO की अध्यक्षता कर रहा है, ऐसे में इस बैठक को लेकर कूटनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है और इसे संगठन की आगामी गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

इस्लामाबाद में 3 दिन का मंथन

इस्लामाबाद में सोमवार से शुरू हुई नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की यह बैठक तीन दिन तक चलेगी. इसमें भारत का प्रतिनिधित्व आलोक डिमरी कर रहे हैं, जो विदेश मंत्रालय में मल्टीलेटरल इकोनॉमिक रिलेशंस डिपार्टमेंट के एडिशनल सेक्रेटरी हैं. इस बैठक का मुख्य एजेंडा पाकिस्तान की अध्यक्षता में अगले एक साल में होने वाले सम्मेलनों और बैठकों का कैलेंडर तय करना और संगठन के एजेंडे पर चर्चा करना है. अगले साल अगस्त में पाकिस्तान में SCO का मुख्य शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है, इसलिए इस तैयारी बैठक को काफी अहम माना जा रहा है.

क्या द्विपक्षीय बातचीत की शुरुआत है?

भारत का रुख पाकिस्तान को लेकर हमेशा से शीशे की तरह साफ रहा है "आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते." हालांकि, SCO एक बहुपक्षीय (मल्टीलेटरल) मंच है, जिसमें भारत और पाकिस्तान दोनों पूर्ण सदस्य हैं. भारत का इस बैठक में हिस्सा लेना संगठन के नियमों, प्रोटोकॉल और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का हिस्सा है. इसे दोनों देशों के बीच किसी नई द्विपक्षीय वार्ता की शुरुआत के तौर पर नहीं देखा जा रहा है.

तनाव की पृष्ठभूमि: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार

यह बैठक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए थे. 22 अप्रैल 2025 को हुए हमले के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू कर सीमा पार आतंकी ठिकानों पर कड़ा प्रहार किया था. सैन्य तनातनी और 4 दिनों तक चले भारी संघर्ष के बाद पाकिस्तान के अनुरोध पर दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ था. अब उस घटना के करीब डेढ़ साल बाद दोनों देश पहली बार किसी साझा अंतरराष्ट्रीय मंच पर आमने-सामने बैठे हैं.

इतिहास के पन्नों से: जब पाकिस्तान गए थे जयशंकर


इससे पहले अक्टूबर 2024 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर SCO की बैठक के सिलसिले में पाकिस्तान गए थे. वह करीब 9 साल बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री का पहला पाकिस्तान दौरा था (इससे पहले 2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज गई थीं). 

क्या है SCO और भारत की भूमिका?

स्थापना: 2001 (शुरुआती सदस्य: चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान).
भारत-पाकिस्तान की एंट्री: 2017 में दोनों देश इसके पूर्ण सदस्य बने. 2023 में ईरान भी शामिल हुआ.
उद्देश्य: सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, कनेक्टिविटी, व्यापार और आतंकवाद व ड्रग तस्करी के खिलाफ साझा सहयोग.

फिलहाल, इस्लामाबाद में जारी इस बैठक में भारत की भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि बहुपक्षीय मंचों पर भारत अपनी सक्रिय भूमिका बनाए रखेगा.