भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार ने जिस तरह अपनी जान पर खेलकर 180 लोगों को बचाया, उसकी चर्चा अब सीधे अमेरिकी संसद तक पहुंच गई है. अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी के सम्मान में एक खास प्रस्ताव पेश किया गया है. इस प्रस्ताव में न सिर्फ कैप्टन स्मित, बल्कि उस वक्त विमान में मौजूद क्रू मेंबर्स और यात्रियों की सूझबूझ की भी जमकर तारीफ की गई है, जिन्होंने मिलकर एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया था. अमेरिकी संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में तीन वरिष्ठ सांसदों- जोश गॉटहाइमर, डॉन बेकन और माइकल मैककॉल ने कैप्टन स्मित, फ्लाइट क्रू और यात्रियों के सम्मान में एक साझा प्रस्ताव पेश किया है. अमेरिकी कांग्रेस के किसी आधिकारिक प्रस्ताव में किसी व्यक्ति का सीधे नाम दर्ज होना बेहद दुर्लभ माना जाता है, इसलिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ा सम्मान देखा जा रहा है. आइए जानते हैं कि आखिर उस दिन कॉकपिट में क्या हुआ था और अमेरिकी संसद में लाए गए प्रस्ताव में क्या-क्या बातें कही गई हैं.
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प्रस्ताव में दर्ज घटना की पूरी कहानी: कॉकपिट में क्या हुआ था?
30 सितंबर, 2026 को 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट 1073 दुबई से तेल अवीव (इजरायल) के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी. विमान में करीब 174 यात्री थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक थे. इनके अलावा 4 अमेरिकी नागरिक और 27 मासूम बच्चे भी शामिल थे. सफर के बीच कॉकपिट में मौजूद ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने अचानक इमरजेंसी कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से कैप्टन स्मित मछार पर जानलेवा हमला कर दिया और प्लेन का कंट्रोल छीनने की कोशिश की. हमले और छीना-झपटी के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा और महज 30 सेकंड से भी कम समय में 14,000 फीट से ज्यादा नीचे आ गया. सिर में गंभीर चोटें लगने और लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने हमलावर का डटकर सामना किया और अपनी बची-खुची ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. दरवाजा खुलते ही सफर कर रहे एक ऑफ-ड्यूटी पायलट तुरंत कॉकपिट में पहुंचे. इसके बाद केबिन क्रू और यात्रियों ने मिलकर को-पायलट को दबोच लिया. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया. जांच के दौरान हमलावर को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कबूल किया है कि उसने यह हमला गाज़ा का बदला लेने के लिए किया था. इसके बाद 3 अक्टूबर, 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल ने आधिकारिक रूप से साफ कर दिया कि यह एक आतंकी साजिश थी.
अमेरिकी संसद के प्रस्ताव में क्या-क्या तय किया गया?
तीनों सांसदों की तरफ से पेश किए गए इस प्रस्ताव में मुख्य रूप से 5 बातें कही गई हैं:
कैप्टन स्मित का सम्मान: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा कैप्टन स्मित मछार को विमान में सवार हर व्यक्ति की जान बचाने में दिखाए गए असाधारण साहस के लिए औपचारिक रूप से सम्मानित करती है.
क्रू और यात्रियों की सराहना: उन ऑफ-ड्यूटी पायलटों, केबिन क्रू और यात्रियों की वीरता की तारीफ की गई, जिन्होंने हमलावर को काबू कर प्लेन को सुरक्षित नीचे उतारा.
जल्द ठीक होने की दुआ: हमले में गंभीर रूप से घायल कैप्टन मछार और अन्य सभी लोगों के पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की गई.
आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा: इस पूरी घटना की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की सुरक्षा पर बड़ा आतंकी हमला माना गया.
पारदर्शी जांच की मांग: प्रस्ताव में सऊदी अरब और यूएई की सरकारों से मांग की गई है कि इस साजिश की पूरी और निष्पक्ष जांच की जाए, और उसकी तमाम जानकारियां अमेरिका व इजरायल के साथ साझा की जाएं.
अब कैसी है कैप्टन स्मित की तबीयत?
इस बीच कैप्टन स्मित मछार की सेहत को लेकर भी अच्छी खबर है. अबू धाबी में मौजूद भारतीय दूतावास ने बताया है कि उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं. दूतावास की टीम लगातार डॉक्टरों, अस्पताल और उनके परिवार के संपर्क में है और उन्हें हर मुमकिन मदद दी जा रही है. जिस दिलेरी से कैप्टन स्मित ने मौत के मुंह से 174 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, आज उसी जज्बे को पूरी दुनिया सलाम कर रही है.
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