भारत-अमेरिका-यूएई की त्रिपक्षीय बैठक, व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर जोर

आयुष मिश्रा

21 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 21 2026 4:39 PM)

मुंबई में एस. जयशंकर, मार्को रुबियो और शेख अब्दुल्ला बिन जायद के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश, तकनीक, एआई और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा; भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रुबियो ने कहा कि कुछ मुद्दे अभी बाकी हैं.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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मुंबई में भारत-अमेरिका-यूएई की त्रिपक्षीय बैठक, व्यापार पर चर्चा

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जयशंकर, रुबियो और शेख अब्दुल्ला की बैठक, ऊर्जा-निवेश पर फोकस

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भारत-अमेरिका-यूएई सहयोग को मिलेगी नई दिशा

भारत, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से मुंबई में त्रिपक्षीय बैठक हुई. बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और यूएई के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान शामिल हुए. यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम बिनत इब्राहिम अल हाशिमी भी बैठक में मौजूद रहीं. यूएई के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में व्यापार, निवेश, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई. तीनों देशों ने साझा हितों को आगे बढ़ाने, आर्थिक एकीकरण को मजबूत करने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ सुरक्षा, स्थिरता और सतत विकास से जुड़े विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे.

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व्यापार, निवेश और तकनीक पर सहयोग बढ़ाने पर जोर

त्रिपक्षीय बैठक का प्रमुख उद्देश्य भारत, अमेरिका और यूएई के बीच मौजूदा साझेदारी को व्यापक बनाना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशना रहा. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, चर्चा में आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और एआई जैसे क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया गया. यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने भारत और अमेरिका के साथ अपने देश के रणनीतिक संबंधों की अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने दोनों देशों के साथ साझेदारी को लगातार विकसित होता हुआ बताया और साझा विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई.

बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे:

  • व्यापार एवं आर्थिक सहयोग: तीनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों और आर्थिक एकीकरण को आगे बढ़ाने के अवसर.
  • निवेश: विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी की संभावनाएं.
  • तकनीक एवं एआई: उभरती प्रौद्योगिकियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहयोग.
  • सतत विकास: साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के उपाय.
  • क्षेत्रीय स्थिरता: क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, सुरक्षा और सहयोग से जुड़े मुद्दे.

जयशंकर और रुबियो की बैठक में ऊर्जा एवं रणनीतिक संबंधों पर चर्चा

त्रिपक्षीय बैठक के अलावा भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने व्यापार, ऊर्जा, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा की. बैठक के बाद रुबियो ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए. उन्होंने कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं और कुछ मुद्दों पर अभी काम किया जाना बाकी है. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है. शुल्क संबंधी मतभेद और ऊर्जा व्यापार से जुड़े मुद्दे इन वार्ताओं के अहम संदर्भ रहे हैं. हालांकि, समझौते की अंतिम शर्तों और उसे लागू किए जाने की समय-सीमा को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी.

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता करीब

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौते को लेकर उम्मीद जताई. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और दोनों पक्ष इसके काफी करीब हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रस्तावित समझौता अमेरिका के पहले के कुछ व्यापार समझौतों से अलग हो सकता है. ट्रंप के बयान से व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक माहौल का संकेत मिलता है, लेकिन इसे समझौते के अंतिम रूप से संपन्न होने की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए. समझौते की वास्तविक स्थिति उसके आधिकारिक विवरण और दोनों देशों की ओर से जारी जानकारी से ही स्पष्ट होगी.

भारत-यूएई आर्थिक साझेदारी का महत्व

भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता व्यापार और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने का प्रमुख आधार है. भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी भी व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. ऐसे में यूएई की भागीदारी तीनों देशों के बीच आर्थिक अवसरों और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराती है. भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे जैसी कनेक्टिविटी पहलों के संदर्भ में भी भारत, खाड़ी क्षेत्र और पश्चिमी देशों के बीच आर्थिक संपर्क को महत्व दिया जाता है. हालांकि, मुंबई की इस बैठक में IMEC पर किसी विशिष्ट निर्णय की पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक विवरण में नहीं की गई है.

बैठक में तीनों देशों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया. आधिकारिक बयान में सुरक्षा, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है. मध्य पूर्व में बदलते हालात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े जोखिमों के बीच ऊर्जा, संपर्क व्यवस्था और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे भारत, अमेरिका और यूएई के लिए अहम बने हुए हैं.

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