यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच सऊदी अरब ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने कहा कि हाल के हफ्तों में हुई घटनाएं गंभीर हैं और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया भी उतनी ही गंभीर होनी चाहिए। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को वैश्विक स्थिरता से जोड़ते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा संक्रमण को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा।
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प्रिंस अब्दुलअजीज ने ये बयान रियाद में आयोजित WPC Energy Congress के उद्घाटन समारोह में दिया। उनका ये बयान ऐसे समय आया है, जब हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा और उसके अहम ऊर्जा ढांचे को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि सभी के लिए ऊर्जा सुरक्षा के बिना सभी के लिए ऊर्जा का कोई भविष्य नहीं हो सकता। ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा संक्रमण को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने हाल के घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि सऊदी अरब की प्रतिक्रिया भी उसी स्तर की गंभीर होनी चाहिए।
ये बयान ऐसे समय आया है, जब यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर हमले तेज किए जाने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दो सप्ताह के दौरान इन हमलों में 15 से अधिक लोगों की मौत हुई है। सऊदी अरब वैश्विक तेल बाजार के सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक है। ऐसे में उसके आसपास बढ़ने वाला सैन्य तनाव केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि तेल की आपूर्ति, समुद्री परिवहन और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है। सऊदी अरब के लिए ऊर्जा प्रतिष्ठानों और परिवहन मार्गों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। यमन के हूती विद्रोही पहले भी सऊदी अरब और क्षेत्र में ऊर्जा और दूसरे महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने का दावा कर चुके हैं।
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