मध्यप्रदेश सरकार के इस मंत्री ने पार की सारी हदें, अतिथि शिक्षकों को लेकर दिया शर्मनाक बयान, अब उलटा पड़ा

MP News: मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह इन दिनों चर्चा में हैं. उन्होंने बीते बुधवार को अतिथि शिक्षकों लेकर ऐसा शर्मनाक बयान दिया, जिसके बाद से प्रदेेशभर के अतिथि शिक्षक भड़क गए हैं.

School Education Minister Rao Uday Pratap Singh
School Education Minister Rao Uday Pratap Singh

अभिषेक शर्मा

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न्यूज़ हाइलाइट्स

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मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह इन दिनों चर्चा में हैं.

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उनके एक बयान के कारण प्रदेश के अतिथि शिक्षक उन पर भड़क गए हैं.

MP News: मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह इन दिनों चर्चा में हैं. उन्होंने बीते बुधवार को अतिथि शिक्षकों लेकर ऐसा शर्मनाक बयान दिया, जिसके बाद से प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक भड़क गए हैं. बीते रोज जब अतिथि शिक्षक नियमितिकरण की मांग लेकर स्कूली शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे थे तो उन्होंने साफ तौर पर अतिथि शिक्षकों को नियमित करने से इनकार कर दिया.

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स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षक शब्द में अतिथि लगा है. अतिथि का मतलब होता है मेहमान. मंत्री ने कहा कि आप हमारे घर में मेहमान बनकर आए तो अब क्या पूरे घर पर ही कब्जा कर लोगे. मेहमान को एक समय के बाद जाना ही होता है. वह हमेंशा के लिए किसी के घर में जाकर नहीं बैठता है. अतिथि शिक्षक स्कूल शिक्षा मंत्री के इस बयान से भड़क गए.

अतिथि शिक्षकों ने इस पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी की है. उन्होंने सीएम मोहन यादव को भी मंत्री की शिकायत की है. अतिथि शिक्षकों का साफ कहना है कि मंत्री ने अपनी हद पार कर दी है. क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था. बीजेपी ने अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का भरोसा देकर उनके वोट लिए थे. लेकिन अब सरकार बन जाने के बाद मोहन यादव सरकार को अतिथि शिक्षक बोझ लगने लगे हैं. इसलिए उनके स्कूल शिक्षा मंत्री ने ऐसा बयान देकर अतिथि शिक्षकों को किनारे लगाने की कोशिश की है.

जीतू पटवारी ने कहा, अतिथि शिक्षकों के लिए वे सड़क पर उतरेंगे

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि वे अतिथि शिक्षकों की मांग को पूरा कराने के लिए सड़क पर उतरेंगे और आंदोलन करेंगे. जीतू पटवारी ने कहा कि "मेहमान बनकर अतिथि शिक्षक नहीं आए, आपकी व्यवस्था में कमियां थीं इसलिए अतिथि शिक्षक बनकर उन्हें बच्चों को शिक्षा देनी पड़ रही है. अगर आप व्यवस्थित इनको नियमित करते, उनकी लगातार नियुक्तियां होतीं तो नियमित स्कूल जैसे चलते हैं, उनमें शिक्षकों की भर्ती होती. पटवारी ने कहा- यदि अतिथि शिक्षकों के साथ न्याय नहीं होगा तो मैं सड़क पर आ जाऊंगा"

अतिथि शिक्षक संघ चलाएगा अब आंदोलन

अतिथि शिक्षक संघ इस मुद्दे को लेकर बहुत नाराज है. अतिथि शिक्षकों को लग रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने उनके साथ धोखा कर दिया है. पहले वादा करके वोट ले लिए और अब चुनाव जीतने के बाद उनको किनारे किया जा रहा है और मंत्री राव उदय प्रताप सिंह तो सीधे-सीधे अपमानित ही कर रहे हैं. इससे नाराज होकर अतिथि शिक्षक संघ ने बड़ा आंदोलन करने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है.

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