वाई एस शर्मिला ने जब तेलंगाना की अपनी पार्टी समेट कर कांग्रेस में शामिल हुईं तब दोनों को एक-दूसरे की जरूरत भी थी, बड़ी उम्मीदें भी थीं. पार्टी को आंध्र में ऐसा कोई चेहरा चाहिए था जो जगन और चंद्रबाबू नायडू से लोहा ले सके. चंद्रबाबू की तो गारंटी नहीं थी लेकिन ये भरोसा था कि शर्मिला जगन मोहन की विकल्प बन सकेंगी. इसी उम्मीद के साथ जनवरी 2024 में चुनावों से ठीक पहले पार्टी में लेकर सीधे प्रदेश अध्यक्ष बना दिया. राहुल गांधी ने बहन बोलकर आंध्र प्रदेश की जनता से इंड्रोड्यूस कराया था.
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