In politics, there are no permanent friends or enemies, only permanent interests, इसका हिंदी में अनुवाद करें तो राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं, सिर्फ स्थायी स्वार्थ होते हैं... इस कहावत की चर्चा इसलिए क्योंकि दोस्त, दोस्त न रहा.. प्यार का तो पता नहीं लेकिन बयानों में अंगारे उगले जा रहे हैं... वक्त और जज्बात दोनों बदल गए बीजेपी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के... जिन राहुल के लिए कभी तारीफों के पुल बांधते थे, कंधे से कंधा मिलाकर चलते थे.. आज उनके लिए क्या-क्या नहीं कह रहे हैं, टेरारिस्ट उन्हे बता चुके हैं... कहा जाता है कि वो राहुल ही थे जो रवनीत सिंह बिट्टू को राजनीति में लाए लेकिन 2024 के बाद से अब तक जो हो रहा है वो शायद ही किसी ने सोचा हो... 4 फरवरी को ये शायद पहली बार है जब राहुल ने कभी अपने दोस्त रहे बिट्टू को आड़े हाथ लिया हो और कह दिया Hello Traitor Friend मतलब हैलो मेरे गद्दार दोस्त... वैसे कहानी ये नहीं कि किसने किससे क्या कहा.. कहानी तो ये है कि 3 बार के कांग्रेस सांसद रहे बिट्टू कैसे कभी अपनी लीडर और कभी अपने दोस्त रहे राहुल को बुरा-भला कह रहे हैं... क्या है पूरा मामला, कौन हैं कांग्रेस के बड़े नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री रहे बेअंत सिंह के पोते, क्यों राहुल के लिए दिल में अचानक आ गई इतनी कड़वाहट और अब उनके एक्शन पर कैसे कांग्रेस कर रही है रिएक्ट बताएंगे सब चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में तो बने रहें वीडियो के आखिर तक...
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