संसद के दोनों सदनों में पेपर लीक अमेंडमेंट पास होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुंबई तक से खास बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने इस बिल को लेकर कई तीखे सवाल उठाए है. साथ ही उन्होंने साफ कहा है कि केवल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो जाना ही काफी नहीं है. सरकार ने शिक्षा विभाग में बदलाव करते हुए सेक्रेटरी और अधिकारियों को बदला जरूर है, लेकिन नए फैसलों से छात्र संतुष्ट नहीं हैं. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि अगर सरकार नहीं मानेगी तो उनके पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं बचेगा.
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पेपर लीक अमेंडमेंट पर दागे तीखे सवाल
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने पेपर लीक अमेंडमेंट पर तीखे सवाल दागते हुए कहा है कि, सरकार यह मानकर चल ही रही है कि पेपर लीक तो होगा ही. उन्होंने पेपर लीक के बाद क्या किया जाना चाहिए इसे लेकर बिल बनाया है. इसलिए ही उन्होंने जेल की सजा 4 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी और जुर्माना भी बढ़ा दिया. लेकिन हमारा आंदोलन इसको लेकर नहीं था, हमारी मांगे थी की पेपर लीक ही ना हो.
अभिजीत ने आगे सरकार पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि, मुझे तो सरकार की भी मंशा पर शक है. प्रधानमंत्री ने पहले फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात कही थी, लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे, जिससे यह टल गया.
युवाओं के दबाव में शिक्षा पर बात करने को मजबूर हुई सरकार
इंटरव्यू के दौरान अभिजीत दिपके ने कहा कि पिछले कुछ समय से जिस तरह से छात्र और युवा लामबंद हुए हैं, उसी के दबाव में सरकार को शिक्षा और परीक्षाओं पर चर्चा करनी पड़ी है. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और 'जेन-जी' ने सरकार को यह अहसास कराया है कि अब असली मुद्दों पर बात करना अनिवार्य है. उनके मुताबिक, यह देश के युवाओं की एक बड़ी जीत है कि सरकार को आखिरकार शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा तंत्र पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
नए शिक्षा मंत्री के चयन पर खड़े किए गंभीर सवाल
नए शिक्षा मंत्री के चयन पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि इस फैसले से वे बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नए शिक्षा मंत्री का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह बिल्किस बानो के दोषियों का स्वागत और समर्थन करते दिख रहे थे. उनका कहना था कि ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बनाना बेहद शर्मनाक है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि पर भी बुरा असर पड़ता है.
छात्राओं और समाज पर पड़ेगा गलत संदेश
अभिजीत दिपके ने आगे कहा कि देश की हर प्रतियोगी परीक्षा में छात्राएं और बेटियां सबसे आगे रहती हैं. ऐसे में अगर एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री का पद दिया जाता है जो बलात्कारियों का स्वागत करता नजर आया हो, तो इससे समाज और छात्राओं के बीच बहुत गलत संदेश जाता है. इसके साथ ही उन्होंने नए अधिकारियों और सेक्रेटरी की नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार सिर्फ एक विवादित चेहरे की जगह दूसरे गलत इंसान को जिम्मेदारी सौंप रही है.
केस वापस न लेने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी
सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों और विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विषय पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि गुस्सा ठंडा हो गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं पर दर्ज किए गए मुकदमे पूरी तरह से वापस नहीं लिए जाते हैं, तो उनके पास दोबारा सड़कों पर उतरने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा.
दिपके बनाएंगे अपनी पार्टी?
इंटरव्यू के दौरान जब अभिजीत दिपके से सवाल किया गया कि, क्या आने वाले दिन में वे अपनी राजनीतिक पार्टी बनाएंगे? इसपर उन्होंने कहा कि, इस आंदोलन से मुझे एक बात तो साफ समझ में आ गई है कि कोई भी राजनेता जनता की बात नहीं सुनता है. लोगों की सबसे बड़ी शिकायत भी यहीं है कि उनकी सुनवाई नहीं होती है. इसलिए हम पहले इन लोगों तक पहुंचकर समझेंगे की आखिर उनकी जरूरतें क्या है? उन्होंने आगे कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी को जॉइन नहीं करने जा रहे है और यह एक(CJP) रिस्पॉन्स ग्रुप है, जो अगले चुनाव तक अलग-अलग मुद्दों पर काम करेगा.
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