लद्दाख के प्रमुख समाज सेवी सोनम वांगचुक के एक हालिया बयान को लेकर चल रही चर्चाओं पर अभिजीत दीपके ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के वीडियो के एक छोटे से हिस्से को आउट ऑफ कांटेकस्ट करके दिखाया जा रहा है.
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99% तारीफ को काटकर 1% हिस्सा चलाया गया
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक ने अपने पूरे बयान में आंदोलन से जुड़े युवाओं की कुशलता और नेतृत्व क्षमता की 99% तारीफ की थी. वांगचुक ने कहा था कि आंदोलन का नेतृत्व करने वाले युवा बेहद प्रतिभाशाली, ईमानदार हैं और उन्होंने पूरी निष्ठा से आंदोलन चलाया है.
दीपके के अनुसार, जब सोनम वांगचुक से भविष्य के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने एक सामान्य और तार्किक बात कही कि भविष्य की गारंटी कोई नहीं दे सकता. अभिजीत ने कहा, "मैं खुद लोगों से कहता हूं कि किसी पर आंख बंद करके भरोसा मत करिए. आगे जाकर कौन क्या करेगा, इसकी गारंटी कोई नहीं ले सकता. लेकिन मीडिया या कुछ तत्वों द्वारा 99% तारीफ वाले बयान को काटकर सिर्फ 1% वाले हिस्से को हाइलाइट किया गया, जो कि निष्पक्ष नहीं है."
इंडिया गेट पर होगा बड़ा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन
आंदोलन की आगे की रणनीति पर बात करते हुए अभिजीत दीपके ने बताया कि वे सभी इंडिया गेट पर एकत्र होंगे और वहां से पुलिस मुख्यालय (Police HQ) तक शांतिपूर्ण मार्च (Peaceful March) निकालेंगे.
उन्होंने दावा किया कि यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन से भी बड़ा होगा. इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
सरकार का रवैया: पिछले एक महीने से लगातार बातचीत की कोशिशों के बावजूद सरकार छात्रों पर दर्ज FIR वापस नहीं ले रही है.
मुआवजे की मांग: पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की जा रही है. दीपके ने कहा कि सरकार के लिए यह कोई बड़ी राशि नहीं है, फिर भी सरकार टालमटोल की नीति (delay tactics) अपना रही है.
इलेक्शन कार्ड विवाद पर घेरा
वोटर लिस्ट और चुनाव प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में लोकतंत्र के लिए बहुत ही चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जनता सरकार चुनती थी, लेकिन अब सरकार यह तय कर रही है कि वोटर कौन होगा. महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग सत्तारूढ़ दल के खिलाफ हैं, उनके नाम जानबूझकर मतदाता सूची से बाहर किए जा रहे हैं.
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