अग्निवीरों को 4 साल बाद मिल सकते हैं 2 साल और, अग्निपथ योजना में बदलाव की तैयारी?

मंजीत नेगी

• 02:55 PM • 04 Nov 2026

अग्निपथ योजना में बदलाव की तैयारी चल रही है. सरकार कुछ अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने के बाद दो साल का अतिरिक्त समय देने पर विचार कर रही है. CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने योजना की समीक्षा के संकेत दिए हैं. अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है.

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अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए एक बड़ा बदलाव हो सकता है. अभी अग्निवीरों की नौकरी सिर्फ 4 साल की होती है. लेकिन अब सरकार कुछ अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने के विकल्प पर विचार कर रही है. यानी कुछ अग्निवीर 4 साल के बाद भी सेना में अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं.

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इसकी चर्चा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की प्रेस ब्रीफिंग के बाद शुरू हुई है. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, सरकार ऐसे अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त समय देने पर विचार कर रही है, जिन्हें चार साल की सेवा के बाद सेना के नियमित कैडर में जगह नहीं मिलती. हालांकि, यह सुविधा सभी अग्निवीरों को नहीं मिलेगी. फिलहाल चुनिंदा अग्निवीरों को सेवा विस्तार देने का विकल्प देखा जा रहा है.

अभी क्या है अग्निपथ योजना का नियम?

पहले मौजूदा व्यवस्था समझ लीजिए. अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है. चार साल पूरे होने के बाद इनमें से 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाता है. बाकी 75 फीसदी को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है. उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाता है.

अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव की संभावना तलाश रही है. दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने के पीछे मकसद यह है कि सेना में प्रशिक्षित जवानों के अनुभव का ज्यादा समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

पहले बैच का कार्यकाल खत्म होने से पहले समीक्षा

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 2026-27 में पूरा होने वाला है. ऐसे में सेना के भीतर भी इस बात पर चर्चा हो रही है कि प्रशिक्षित अग्निवीरों को ज्यादा समय तक सेवा में बनाए रखने के लिए क्या विकल्प हो सकते हैं.

इसी बीच CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने भी संकेत दिया है कि अग्निपथ योजना की लगातार समीक्षा की जा रही है. इसके लिए सेना के कमांडरों, जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और खुद अग्निवीरों से मिलने वाले फीडबैक को ध्यान में रखा जा रहा है. सरकार का भी कहना है कि अग्निपथ योजना कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है, जिसमें बदलाव नहीं किया जा सकता. समय और जरूरत के हिसाब से इसमें सुधार किए जा सकते हैं.

फिलहाल दो साल के सेवा विस्तार पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, इसे लेकर अभी किसी अंतिम फैसले की जानकारी नहीं दी गई है.

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