समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं. इसी कड़ी में आज वे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक का मकसद पार्टी की एक मजबूत डिजिटल टीम तैयार करना है, जो चुनाव के दौरान पार्टी का पक्ष प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचा सके.
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सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ऐसे इन्फ्लुएंसर्स को बुलाया गया है जिनकी सोशल मीडिया पर अच्छी पकड़ है. इनमें इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म पर सक्रिय लोग शामिल हैं. ये वे चेहरे हैं जो पहले से समाजवादी पार्टी के समर्थक रहे हैं या पार्टी के साथ जुड़ने की इच्छा रखते हैं.
बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव इस पहल के जरिए बिखरे हुए डिजिटल समर्थकों को एक मंच पर लाना चाहते हैं. इसके साथ ही नए इन्फ्लुएंसर्स को भी पार्टी से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि एक संगठित "डिजिटल आर्मी" तैयार की जा सके.
सिर्फ राजनीति नहीं, मनोरंजन और संस्कृति भी
इस बैठक में सिर्फ राजनीतिक कंटेंट बनाने वाले ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और एंटरटेनमेंट से जुड़े क्रिएटर्स को भी बुलाया गया है. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अलग-अलग माध्यमों से पहुंच बनाना है.
सूत्र यह भी बताते हैं कि पार्टी चाहती है कि सोशल मीडिया पर चलने वाले किसी भी नकारात्मक प्रचार का तुरंत जवाब दिया जाए. इसके लिए डिजिटल टीम को सक्रिय और संगठित रखा जाएगा.
भोजपुरी गानों से सबक
अखिलेश यादव पहले भी इस बात को लेकर सतर्क रहे हैं कि पार्टी की छवि पर गलत असर डालने वाले कंटेंट से दूरी बनाई जाए. खासकर भोजपुरी गानों में हिंसा और विवादित विषयों को लेकर वे अपनी पार्टी को आगाह कर चुके हैं.
जानकारों का मानना है कि बिहार चुनाव के दौरान एक गाने ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया था, जिससे सबक लेते हुए अब समाजवादी पार्टी पहले से ज्यादा सतर्क है.
I-PAC भी होगी शामिल
इस बैठक में कुछ पेशेवर एजेंसियों के शामिल होने की भी संभावना है, जिनमें I-PAC जैसी रणनीतिक टीम का नाम भी सामने आ रहा है. कुल मिलाकर, यह बैठक 2027 चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की डिजिटल रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है.
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