सोशल मीडिया पर इन दिनों मशहूर गायिका अलका याग्निक की खूब चर्चा हो रही है और उनका एक वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है. अलका जो अपनी आवाज और गानों के लिए जानी जाती है, वह जब व्हील चेयर पर बैठकर पद्म भूषण लेने के लिए पहुंची तो उनके फैंस की चिंता बढ़ गई. वह पहले से काफी कमजोर दिख रही थीं. अलका याग्निक को देखते ही उनके फैंस उनकी सलामती की दुआएं करने लगे. दरअसल अलका याग्निक को एक सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस(SNHL) की दुर्लभ बीमारी हो गई है और लगभग 2 सालों से वह इससे जूझ रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या है यह बीमारी, कैस होती है, क्या है इसके लक्षण और इलाज. विस्तार से जानिए सारी बातें.
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पद्म भूषण का सम्मान मिलने के बाद किया पोस्ट
अलका याग्निक ने पद्म भूषण सम्मान लेने के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा कि, पिछले दो सालों से मैं स्पॉटलाइट से, पब्लिक में आने से और अपने सफर के बारे में ज्यादातर बातें शेयर करने से दूर रहा हूं. आप में से कई लोग जानते थे कि मेरी सेहत ठीक नहीं है और इस सब के दौरान, आपका प्यार, दुआएं, मैसेज और पक्का सपोर्ट हर कदम पर मेरे साथ रहा है.
उन्होंने आगे लिखा कि, 'जब मैं देश के सबसे बड़े सिविलियन सम्मानों में से एक- पद्म भूषण लेने के लिए निकली, तो मैंने पूरे दिल से शुक्रिया अदा किया. यह क्षण मेरे लिए अत्यंत विशेष है क्योंकि यह न केवल मेरे कार्य को मिले सम्मान का प्रतीक है, बल्कि प्रेम, आशा और साहस से प्राप्त होने वाली शक्ति का स्मरण भी कराता है. मैं मंद-मंद गति से पुनरागमन कर रही हूं और आज मैं यहाँ उपस्थित होना चाहती थी. न केवल खुद के लिए, बल्कि आप सभी के लिए भी जो इस यात्रा का भाग रहे हैं.'
2024 में अलका ने खुद बताई थी परेशानी!
साल 2024 में अलका ने एक पोस्ट शेयर कर अपनी एक दुर्लभ बीमारी का खुलासा किया था. उन्होंने बताया कि वह 'सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस' (SNHL) नाम की सुनने की एक गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं. सिंगर के मुताबिक, अचानक हुए एक वायरल इन्फेक्शन के कारण उनकी यह स्थिति हुई, जिसने उनकी सुनने की क्षमता को काफी हद तक प्रभावित कर दिया.
उस डरावने पल को याद करते हुए अलका ने एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि जब उन्हें पहली बार इस बात का अहसास हुआ, तो वह हैरान रह गईं. उन्होंने बताया, 'कुछ हफ्ते पहले, जब मैं फ्लाइट से नीचे उतर रही थी, तो मुझे अचानक महसूस हुआ कि मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा है.' बाद में डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे 'सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस' बताया. एक सिंगर होने के नाते, यह बीमारी उनके लिए किसी बहुत बड़े झटके से कम नहीं थी.
क्या होता है सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस?
सेंसरीन्यूरल हियरिंग लॉस (SNHL) का सीधा सा मतलब है कान के अंदरूनी हिस्से या उन नसों का खराब होना जो कान से दिमाग तक आवाज पहुंचाती हैं. सुनने की शक्ति कमजोर होने के कुल मामलों में से करीब 5 से 15% मामले इसी बीमारी के होते हैं. यह परेशानी कई वजहों से हो सकती है, जैसे बहुत तेज आवाज के बीच रहना, कोई इन्फेक्शन होना, शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम होना, कान या सिर में चोट लगना, नसों या खून के बहाव में दिक्कत होना, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट या फिर बहुत दुर्लभ मामलों में ट्यूमर का होना. यह बीमारी किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है और इसके कारण सुनने की क्षमता कुछ समय के लिए या फिर हमेशा के लिए भी जा सकती है.
क्या है बीमारी के लक्षण और इलाज?
इस बीमारी के मुख्य लक्षणों में दूसरों की बातचीत समझने में परेशानी होना, आवाज का साफ न सुनाई देना, कानों में लगातार घंटी जैसी आवाज गूंजना (जिसे टिनिटस कहते हैं), तेज या तीखी आवाजें सुनने में दिक्कत और शरीर का संतुलन (बैलेंस) बनाने में परेशानी होना शामिल है.
वैसे तो ज्यादातर मामलों में इस बीमारी को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन हियरिंग एड (कान की मशीन), कॉक्लियर इम्प्लांट, सही दवाओं और सुनने में मदद करने वाले अन्य उपकरणों के इस्तेमाल से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे मरीज का जीवन आसान हो जाता है.
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