Maharashtra Baba Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा नाम गूंज रहा है जो कभी लोगों का भविष्य बताने का दावा करता था. लेकिन किस्मत का पहिया ऐसा घूमा कि आज वह खुद अपने अतीत और कर्मों के जाल में फंस गया है. हम बात कर रहे हैं खुद को 'गॉडमैन' बताने वाले अशोक खरात उर्फ कैप्टन अशोक खरात की. एक वक्त था जब यह चेहरा सत्ता के गलियारों में बड़े सम्मान के साथ देखा जाता था, लेकिन आज कानून के शिकंजे में है. अशोक खरात वही शख्स है जिसके 58 अश्लील वीडियो सामने आने के बाद महाराष्ट्र की सियासत में हड़कंप मच गया है. इसकी पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि यह पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक का हाथ देखने का दावा कर चुका है. मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ 'बाबा' बने इस शख्स के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह महिलाओं के साथ बेहद आपत्तिजनक हरकतें करता दिख रहा है. धर्म की आड़ में छिपे इस काले खेल का पर्दाफाश तब हुआ, जब सालों से प्रताड़ित एक महिला ने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद तो जैसे पाप का घड़ा ही फूट गया. आज के इस खबर में हम इसी पूरे मामले की परतें खोलेंगे. आखिर कौन है यह अशोक खरात? क्यों कहा जा रहा है कि यह भक्तों के खून से तंत्र-मंत्र करता था? और इस पूरे विवाद में महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का नाम क्यों घसीटा जा रहा है? 'चर्चित चेहरा' के इस एपिसोड में आपको मिलेगी पूरी जानकारी, तो वीडियो के आखिर तक हमारे साथ बने रहिए.
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58 अश्लील वीडियो, नेताओं और सेलीब्रिटीज से कनेक्शन
आस्था के नाम पर महिलाओं की आबरू से खिलवाड़ करने वाले पाखंडी कैप्टन अशोक खरात को लेकर लगातार खुलासे हो रहे हैं. कैप्टन इसलिए क्योंकि दावा है कि 22 सालों तक वो मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है और फिर बाबा बन गया ढोंगी बाबा. अशोक खरात ने कई महिलाओं को ठगकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं. 17 तारीख को उसकी गिरफ्तारी का मुख्य कारण नासिक में दर्ज हुई एफआईआर है. जांच के दौरान पुलिस को लगभग 58 अश्लील वीडियोज मिले हैं. राजनेताओं और कई बड़े सेलीब्रिटीज के साथ अशोक तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हो रही हैं, जो बहुत कुछ बयान कर रही हैं. एकनाथ शिंदे, राधाकृष्ण विखे पाटिल जैसे नेताओं की उसके साथ तस्वीरें सामने आईं. चर्चा तो यहां तक रही कि कई नेता उससे हाथ दिखाकर भविष्य जानने जाते थे. यही नहीं महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की तस्वीरें भी सामने आईं. कहीं वह उसके लिए छाता पकड़े नजर आईं, तो कहीं पाद्य पूजन यानी पैर पूजने की रस्म करती हुईं नजर आईं. सोशल मीडिया पर एक और चर्चा ने आग में घी डालने का काम किया. रूपाली चाकणकर की एक तस्वीर, जिसमें उनकी उंगली पर पट्टी बंधी दिख रही है. इसे लेकर अफवाहें फैलने लगीं कि खरात अपने भक्तों के रक्त का इस्तेमाल काला जादू में करता था. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस तरह की चर्चाओं ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया.
महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल, विपक्ष का हमला
अब अशोक 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में रहेगा, 17 मार्च को हुई उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने खरात की तुलना आसाराम बापू से करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की. वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा. सबसे ज्यादा दबाव एनसीपी पर बना है, क्योंकि रूपाली चाकणकर का नाम इस पूरे विवाद में बार-बार सामने आ रहा है और वो अजित पवार और उनकी पत्नी के साथ कई मौकों पर नजर आ चुकी हैं. विपक्ष सवाल उठा रहा है कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्था की प्रमुख ऐसे व्यक्ति के करीब कैसे हो सकती हैं, जिस पर यौन शोषण के आरोप हैं. रूपाली चाकणकर ने सफाई देते हुए कहा है कि उनका ट्रस्ट से जुड़ाव केवल सामाजिक कार्यों के लिए था और उन्हें खरात के निजी जीवन या आरोपों की कोई जानकारी नहीं थी. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह विवाद एनसीपी की इमेज पर असर डाल सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी पहले से ही आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना कर रही है.
मर्चेंट नेवी से तांत्रिक बाबा बनने तक का सफर
वैसे देखा जाए तो अशोक खरात की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. खुद को कैप्टन कहता है क्योंकि दावा है कि 22 सालों तक वो मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है. उसने अपने प्रवचनों में अक्सर दावा किया कि उसने दुनिया के 150 से ज्यादा देशों की यात्रा की और कई भाषाओं का ज्ञान हासिल किया. फिर अचानक लंबे समय तक गायब हो गया और सालों बाद जब नासिक लौटा, तो एक बदले हुए रूप में. अब वो सिर्फ अशोक नहीं, बल्कि दैवीय शक्तियों से संपन्न ज्योतिषाचार्य बन चुका था. धीरे-धीरे उसने भविष्यवाणी, न्यूमेरोलॉजी और तंत्र-मंत्र का ऐसा जाल बुना कि आम लोगों से लेकर बड़े उद्योगपति और राजनेता तक उसके दरबार में पहुंचने लगे. नासिक के सिन्नर तालुका के मिरगांव में उसने एक मंदिर और ट्रस्ट खड़ा किया, जहां कथित तौर पर विशेष पूजा, अनुष्ठान और समाधान के नाम पर लोगों को आकर्षित किया जाता था. धीरे-धीरे उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि बड़े राजनीतिक चेहरे भी उससे जुड़ने लगे. अब भी जब पुलिस जांच चल रही है तो नागपुर पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान उन्हें कई पेन ड्राइव मिली, जिसमें दर्जनों वीडियोड हैं, जिनमें कुछ मशहूर महिलाएं और सेलिब्रिटीज की तस्वीरें भी हैं. हाल ही में दक्षिण कोरिया की यात्रा की तस्वीरें भी वायरल हुई थीं, जिनमें वो लक्जरी लाइफस्टाइल का लुत्फ उठाता हुआ नजर आया.
चमत्कार के नाम पर ठगी और नकली सांप का खेल
जांच में सामने आया कि अशोक खरात लोगों को प्रभावित करने के लिए अजीबोगरीब तरीके अपनाता था. वो रिमोट से चलने वाले नकली सांपों को चमत्कार बताता था. सस्ते इमली के बीजों को सिद्ध रत्न कहकर हजारों-लाखों में बेचता था. वो सामने वाले व्यक्ति की आर्थिक स्थिति भांपकर इलाज और उपाय की कीमत तय करता था. 100 रुपये की चीज को 10 हजार से 1 लाख तक में बेचना उसके लिए आम बात थी. उसके ठिकानों से नकदी, दस्तावेज, हथियार और करोड़ों की संपत्ति के सबूत मिले हैं. शुरुआती जांच में करीब 500 करोड़ रुपये की संपत्ति का अंदाजा लगाया गया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि खरात अपने आसपास डर और प्रभाव का माहौल बनाता था और कथित तौर पर बाघ की खाल और दूसरी प्रतिबंधित वस्तुएं दिखाकर लोगों को डराता था. हाल की गिरफ्तारी से पहले अशोक खरात के एक वायरल वीडियो पर विवाद हुआ था. इस वीडियो में खरात धार्मिक रस्म के बहाने एक महिला के सिर पर तांबा रखने के बाद अश्लील हरकत करते हुए नजर आया.
ऐसे खुला बाबा का राज
यूं तो सालों तक ढोंगी अशोक खरात का धंधा बढ़िया चल रहा था लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित महिला ने एफआईआर दर्ज कराई. जिस महिला ने अशोक खरात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई वो डी-फार्मेसी की पढ़ाई कर रही एक शादी-शुदा महिला थी, जिसे बाबा ने अपना शिकार बनाया. यह महिला अपने पति के साथ बाबा का आशीर्वाद लेने उसके ऑफिस गई थी. वहां अशोक खरात ने दोनों के हाथ देखकर कहा कि उनकी शादी को नजर लग गई है. इसके लिए उसने उन्हें एक प्लास्टिक की बोतल में भरा पानी दिया और तीन दिन तक बेडरूम में रखने को कहा. उसने कहा कि यदि पानी काला हो गया, तो नजरदोष दूर हो जाएगा. इसके बाद बाबा ने महिला के पति को केबिन से बाहर भेज दिया और महिला से दरवाजा बंद करने को कहा.
धमकी, दुष्कर्म और डर का जाल
फिर उसने उसे तांबे के बर्तन में रखा पानी पिलाया, पानी पीने के बाद महिला को चक्कर आने लगे और उल्टी होने लगी. इसके बाद उसने महिला से एक गिलास सिर पर रखकर आंखें बंद कर गायत्री मंत्र जपने को कहा. तभी बाबा ने कमरे की लाइट बंद कर पीछे से उसे पकड़ लिया और उसके साथ जबरदस्ती की. उसने खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बताते हुए महिला को राधा कहा और उसका यौन शोषण किया. घटना के बाद बाबा ने महिला को धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वो उसे और उसके पति को मार देगा. 2023 से दिसंबर 2025 के बीच बाबा ने उसे कई बार ऑफिस बुलाकर बार-बार दुष्कर्म किया. मार्च 2026 में महिला की एक रिश्तेदार ने उसे बताया कि अशोक खरात एक ढोंगी बाबा है और वो महिलाओं का शोषण करता है. शुरुआत में महिला बहुत डर गई, लेकिन रिश्तेदार के समर्थन से उसने हिम्मत जुटाई और पूरा मामला सामने आया. इसके बाद 17 मार्च को महिला ने नासिक शहर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया. जो व्यक्ति लोगों की किस्मत बदलने का दावा करता था, वही खुद अपने कर्मों की वजह से सलाखों के पीछे है. लेकिन सवाल ये है कि क्या समाज इस घटना से सबक लेगा. या फिर कोई नया बाबा इसी तरह एक और साम्राज्य खड़ा कर लेगा?
यहां देखें खबर का वीडियो
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