ऑस्ट्रेलिया की धरती पर सजेगा बाबा बागेश्वर का दरबार, सिडनी ओपेरा हाउस और संसद भवन में गूंजेगा सनातन का शंखनाद

Dhirendra Krishna Shastri Australia Tour: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का ऑस्ट्रेलिया दौरा 8 से 15 अप्रैल तक होगा, जहां सिडनी ओपेरा हाउस और पार्लियामेंट हाउस जैसे प्रतिष्ठित स्थलों पर उनका दरबार सजेगा. जानिए सिडनी और पर्थ में कथा, कार्यक्रम की पूरी डिटेल और सनातन धर्म के वैश्विक प्रचार की इस खास यात्रा का महत्व.

Bageshwar Dham Baba Australia Event
Bageshwar Dham Baba Australia Event

न्यूज तक डेस्क

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दुनिया भर में अपनी आध्यात्मिक शक्ति और सनातन धर्म के प्रचार के लिए चर्चित, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अब सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया में अपनी दिव्यता बिखेरने के लिए तैयार हैं. 8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस 'ऑस्ट्रेलियाई आध्यात्मिक दौरे' को लेकर न केवल वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों में, बल्कि स्थानीय नागरिकों में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है.

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ऐतिहासिक स्थलों पर होंगे कार्यक्रम

बाबा बागेश्वर का यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है. पहली बार किसी भारतीय युवा संत के कार्यक्रम ऑस्ट्रेलिया के इन प्रतिष्ठित स्थानों पर होने जा रहे हैं:

पार्लियामेंट हाउस (Parliament House): बाबा बागेश्वर ऑस्ट्रेलिया की संसद में भी अपना संबोधन देंगे. इस दौरान वे सनातन परंपरा, शांति और सद्भाव के संदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखेंगे.

पर्थ और सिडनी में कथा: ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहरों पर्थ और सिडनी में भक्तों के लिए भव्य कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है.

सिडनी ओपेरा हाउस (Sydney Opera House): विश्व धरोहर और सिडनी की पहचान माने जाने वाले ओपेरा हाउस में एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा. यहां धीरेंद्र शास्त्री भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालेंगे.

प्रवासी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण

पिछले कुछ वर्षों में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी हनुमंत कथा और दरबार के जरिए वैश्विक लोकप्रियता हासिल की है. ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय का मानना है कि यह दौरा उनकी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, धर्म और संस्कृति से जोड़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा. आयोजकों का कहना है कि यह न केवल आध्यात्मिक आयोजन है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति (Soft Power) का वैश्विक प्रदर्शन भी है.

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