दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी टेस्ला (Tesla) आखिरकार भारत में एंट्री करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है. लंबे समय से चली आ रही अटकलों के बाद अब टेस्ला ने भारत में नौकरियों की भर्ती शुरू कर दी है. कंपनी ने अपने आधिकारिक लिंक्डइन अकाउंट पर कई पदों के लिए आवेदन मांगे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि टेस्ला जल्द ही भारतीय बाजार में अपनी एंट्री दर्ज करा सकती है.
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पीएम मोदी से हुई थी एलन मस्क की मुलाकात
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अमेरिका यात्रा के दौरान एलन मस्क से मुलाकात हुई थी. इस बैठक के बाद टेस्ला की भारत में एंट्री को लेकर चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया था. अब इस चर्चा को और अधिक बल मिला है, क्योंकि कंपनी ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन मांगते हुए भारत में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. हालांकि, अभी तक टेस्ला के भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है. लेकिन, जॉब्स की उपलब्धता से यह साफ हो गया है कि भारतीय बाजार में टेस्ला की उपस्थिति अब महज कुछ समय की बात है.
किन पदों पर निकली हैं नौकरियां?
टेस्ला ने अपने आधिकारिक लिंक्डइन अकाउंट पर कई जॉब पोस्टिंग की हैं, जो अलग-अलग विभागों से संबंधित हैं. इसमें कस्टमर सपोर्ट से लेकर ऑपरेशंस तक विभिन्न भूमिकाएं शामिल हैं.
- ऑर्डर ऑपरेशंस स्पेशलिस्ट
- सर्विस टेक्नीशियन
- कस्टमर सपोर्ट स्पेशलिस्ट
- बिजनेस ऑपरेशंस एनालिस्ट
- सर्विस मैनेजर
- स्टोर मैनेजर
- कस्टमर एंगेजमेंट मैनेजर
- कस्टमर सपोर्ट सुपरवाइजर
- इनसाइड सेल्स एडवाइजर
- पार्ट्स एडवाइजर
- टेस्ला एडवाइजर
- डिलीवरी ऑपरेशंस स्पेशलिस्ट
सरकार की नई नीति से आसान हुई टेस्ला की राह
टेस्ला की भारत में एंट्री को लेकर सबसे बड़ी बाधा भारी आयात शुल्क थी. भारत में विदेश से आयात की जाने वाली मैन्युफैक्चरिंग कारों पर पहले काफी अधिक टैक्स लगता था, जिससे टेस्ला की भारतीय बाजार में एंट्री मुश्किल हो रही थी. लेकिन, सरकार ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए एक नई नीति लागू की है. अब 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाली हाई-एंड इलेक्ट्रिक कारों पर मूल सीमा शुल्क को 110% से घटाकर 70% कर दिया गया है. यह बदलाव टेस्ला जैसी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में उतरने का रास्ता साफ कर सकता है.
इसके अलावा, सरकार ने एक नई नीति भी लागू की है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भारत में कम से कम ₹4,150 करोड़ (500 मिलियन डॉलर) का निवेश करना होगा. इस नीति का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को एक प्रमुख बाजार के रूप में स्थापित करना है.
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता क्रेज
भारत सरकार का लक्ष्य 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero Carbon Emissions) प्राप्त करना है. इसके लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी कड़ी में टेस्ला की भारत में एंट्री महत्वपूर्ण मानी जा रही है. भारतीय उपभोक्ताओं के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और सरकार की अनुकूल नीतियों के चलते टेस्ला के लिए यह बाजार काफी आकर्षक साबित हो सकता है.
क्या टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी?
फिलहाल, टेस्ला की ओर से भारत में स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टेस्ला भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू करती है, तो इससे न केवल लागत में कमी आएगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी अधिक किफायती कीमतों पर टेस्ला की गाड़ियां मिल सकेंगी.
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