Bhimashankar Temple: महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल भिमाशंकर मंदिर इन दिनों विवादों में घिर गया है. मंदिर में निर्माण कार्य के कारण पिछले करीब ढाई महीने से आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद हैं. इसके बावजूद भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के लिए मंदिर के दरवाजे खोल दिए जाने का मामला सामने आया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है.
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निर्माण कार्य के कारण मंदिर था बंद
पुणे जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को देखते हुए 9 जनवरी से 9 अप्रैल 2026 तक मंदिर को पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया था.
मंदिर के सभामंडप और सीढ़ी मार्ग का काम चल रहा है, जिसके कारण सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया था.
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इस निर्णय को स्वीकार किया था. यहां तक कि महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर भी भक्तों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी. पत्रकारों को भी मंदिर परिसर में जाने से रोका गया था.
हेलीकॉप्टर से पहुंचे सांसद
शनिवार 14 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ हेलीकॉप्टर से भिमाशंकर पहुंचे. बताया जा रहा है कि उन्हें मंदिर में विशेष रूप से प्रवेश देकर दर्शन करवाए गए.
प्रशासन ने जताई अनभिज्ञता
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब आम आदमी के लिए भगवान के द्वार बंद हैं, तो एक नेता के लिए नियम क्यों बदले गए?
इस मामले में जब पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी से संपर्क किया गया तो उन्होंने आश्चर्य जताया. उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सांसद को दर्शन की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी और उन्हें इस घटना की जानकारी भी नहीं है.
इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर मंदिर प्रशासन ने किसके निर्देश या दबाव में यह फैसला लिया.
पहले भी विवादों में रहे हैं निशिकांत दुबे
डॉ. निशिकांत दुबे झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है. वे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं.
पिछले साल जुलाई में उन्होंने राज ठाकरे और मराठी अस्मिता को लेकर टिप्पणी करते हुए मराठी लोगों के बारे में विवादित बयान दिया था, जिससे महाराष्ट्र में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी.
VIP दर्शन से नाराज स्थानीय लोग
अब बंद मंदिर में सांसद के विशेष दर्शन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है. कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है.
लोगों का कहना है कि जब आम श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है तो किसी भी VIP को विशेष छूट देना नियमों और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है.
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