महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां दुर्गापुर इलाके में एक युवक ने अपनी ही लिव-इन पार्टनर की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी ने पहले मोबाइल चार्जर के तार से महिला का गला घोंटा और फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश की. लेकिन कहते हैं न कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, करीब 20 दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आरोपी के झूठ की पोल खोल दी.
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, 22 साल के अंकेश बहिरवार और 29 साल की प्रियंका पिछले कुछ समय से साथ रह रहे थे. प्रियंका अपने पति से अलग होने के बाद अंकेश के संपर्क में आई थी. दोनों के बीच उम्र में 7 साल का फासला था, लेकिन वे दुर्गापुर में एक घर की ऊपरी मंजिल पर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे. शुरुआत में तो सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे छोटी-छोटी बातों पर उनके बीच विवाद शुरू हो गए.
झगड़ा और हत्या की खौफनाक रात
जांच में पता चला है कि प्रियंका और अंकेश के बीच अक्सर तनाव रहता था. बताया जा रहा है कि प्रियंका, अंकेश पर कुछ पाबंदियां लगाती थी और उसे उसके परिवार से बात करने से रोकती थी. इसी बात को लेकर 14 मार्च की रात दोनों में जबरदस्त झगड़ा हुआ. गुस्से में आकर अंकेश ने पास ही रखे मोबाइल चार्जर के तार से प्रियंका का गला घोंट दिया.
साजिश और गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद अंकेश ने प्रियंका के पिता को फोन किया. उसने बड़े शातिर तरीके से कहा, "प्रियंका बात नहीं कर रही है, वो शायद बेहोश है या उसने खुदकुशी कर ली है." घरवाले उसे अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. शुरुआत में पुलिस को भी यह सुसाइड का मामला लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सब बदल दिया.
गुरुवार को आई रिपोर्ट में साफ हुआ कि प्रियंका की मौत दम घुटने (गला घोंटने) से हुई है. पुलिस ने जब अंकेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस ने मौके से चार्जर का तार और एक्सटेंशन बोर्ड बरामद कर लिया है और आरोपी को जेल भेज दिया गया है.
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