Charchit Chehra: बचपन में पिता ने छोड़ा, मां ने मुश्किलों में पाला...जानिए जॉर्जिया मेलोनी कैसे बनीं इटली की पहली महिला PM

Italy PM Giorgia Meloni Profile: इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की संघर्षों से भरी कहानी एक बार फिर चर्चा में है. बचपन में पिता के छोड़ने से लेकर मां के संघर्षों में पली-बढ़ीं मेलोनी ने कैसे इटली की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई, जानिए पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी दोस्ती, #Melodi ट्रेंड और सत्ता तक पहुंचने का पूरा सफर.

Italy PM Giorgia Meloni
Italy PM Giorgia Meloni

रूपक प्रियदर्शी

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी एक बार फिर चर्चा में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली का दौरा किया जहां उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की. 4 साल में दोनों की ये 7वीं मुलाकात रही. पीएम मोदी ने मेलोनी के साथ सेल्फी ली, मेलोडी टॉफी गिफ्ट की और साथ में कार से सफर किया. इस मुलाकात के बाद से पीएम मोदी के साथ-साथ जॉर्जिया मेलोनी की खूब चर्चा हो रही है. इसीलिए चर्चित चेहरा के इस खास एपिसोड में आज जानेंगे जॉर्जिया मेलोनी की पूरी कहानी.

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जॉर्जिया मेलोनी के निजी जीवन और प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के सफर की कहानी बड़ी दिलचस्प है. जॉर्जिया मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और इनकी कहानी संघर्ष, कट्टर राजनीति और दृढ़ संकल्प से भरी हुई है. जिस तरह से हमारे देश में बीजेपी राइट विंग में आता है उसी तरह से इटली में मेलोनी इटली की सबसे प्रभावशाली राइट विंग की नेता के रूप में स्थापित हो चुकी हैं.

पीएम मोदी और मेलोनी की चर्चा

जॉर्जिया मेलोनी की साल 2024 में हुए जी-7 समिट के दौरान दुनियाभर में खूब चर्चा हुई थी. इटली के अपुलिया में हुए इस समिट में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के मुलाकात काफी चर्चा में रही. इसके बाद जून 2025 में भी जी-7 समिट के दौरान पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी मिले थे.

इस दौरान मेलोनी के पर्सनल लाइफ तब चर्चा में आई जब उन्होंने एक साल पहले ही अपने लॉन्ग-टर्म पार्टनर और टीवी पत्रकार एंड्रिया जियाम्ब्रुनो से अलग होने की घोषणा की. जॉर्जिया मेलोनी ने कभी शादी नहीं की लेकिन वो टीवी पत्रकार एंड्रिया जियाम्ब्रुनो के साथ करीब 10 साल तक बिना शादी किए 'लिव-इन रिलेशनशिप' के रूप में साथ रहीं.

मेलोनी और एंड्रिया की लव-स्टोरी

मेलोनी और एंड्रिया जियाम्ब्रुनो की मुलाकात साल 2015 में एक टीवी शो के दौरान हुई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेलोनी एक बार अपनी पॉलिटिकल रैलियों के बाद जियाम्ब्रुनो के टीवी शो मीडियासेट में गई थीं. जहां जियाम्ब्रुनो ने उनका इंटरव्यू लिया था. इस दौरान उन्होंने सेट पर जाने से पहले एक आधा खाया केला जियाम्ब्रुनो को असिस्टेंट समझकर दे दिया था. माना जाता है कि ये एक फिल्मी सीन की तरह था और ये लव एट फर्स्ट साइट वाला पल था. इसके बाद दोनों का मिलना शुरू हुआ और ये कहानी आगे बढी. 

2023 में खत्म हुआ था रिश्ता

इसके बाद वे करीब 10 सालों तक बिना औपचारिक शादी के पति-पत्नी की तरह साथ रहे. साल 2016 में दोनों की एक बेटी हुई, जिसका नाम जिनेवरा है. जॉर्जिया मेलोनी ने 20 अक्टूबर 2023 को सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए एंड्रिया जियाम्ब्रुनो से अपने रिश्ते के अंत का ऐलान किया.

पार्टनर से अलग होने की खबर देते हुए मेलोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था, 'एंड्रिया जियाम्ब्रूनो के साथ मेरा रिश्ता, जो लगभग 10 साल तक चला, वो अब खत्म हो गया है. मेलोनी ने साल 2023 के अक्टूबर में जब अलग होने का ऐलान किया, उससे कुछ वक्त पहले ही  जियाम्ब्रूनो की ऑफ एयर रिकॉर्डिंग सामने आई थी, जिसमें वो अभद्र टिप्पणी करते सुनाई दे रहे थे. जियाम्ब्रुनो को उनकी भद्दी ऑफ-एयर टिप्पणियों के लिए उनकी नौकरी से निकाल दिया गया था और उनकी काफी आलोचना हुई थी.

संघर्षों से भरी रही मेलोनी की कहानी

49 साल की जॉर्जिया मेलोनी का जन्म जनवरी 1977 में इटली की राजधानी रोम में हुआ था. मेलोनी जब छोटी थीं तो उनके पिता अचानक परिवार को छोड़कर चले गए थे. बेसहारा मां ने बेहद तंगी और उथल-पुथल भरे माहौल में मेलोनी का पालन पोषण किया. मेलोनी ने अपनी आत्मकथा "आई एम जॉर्जिया, माय रूट्स माय प्रिंसिपल्स" में अपने इन संघर्षों का जिक्र किया है. 

मेलोनी की राजनीतिक एंट्री

बात 1992 की है, जब सिर्फ 15 साल की उम्र में मेलोनी नव-फासीवादी इतालवी सामाजिक आंदोलन के यूथ विंग में शामिल हो गई थीं. यहां से मेलोनी का राजनीति की तरफ जाने का रास्ता बना.  इसके बाद साल 1996 में 'नेशनल एलायंस' पार्टी के छात्र संगठन 'स्टूडेंट एक्शन' की राष्ट्रीय नेता बन गईं. साल 1998 में, 21 साल की उम्र में मेलोनी रोम प्रांत की पार्षद चुनी गईं और 2002 तक इस पद पर रहीं. 

साल 2006 में मेलोनी ने देश के निचले सदन 'चैंबर ऑफ डेप्युटीज' का चुनाव जीता और इसकी सबसे कम उम्र की उपाध्यक्ष बनीं. मेलोनी की जबरदस्त धाक को देखते हुए 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में युवा मंत्रालय का जिम्मा सौंप दिया. सिर्फ 31 साल की उम्र में मंत्री बनकर मेलोनी ने इतालवी इतिहास में सबसे कम उम्र की मंत्री होने का गौरव हासिल किया.

मेलोनी के राजनीतिक जीवन में उस वक्त यूटर्न 2012 में उस वक्त आया जब उन्होंने खुद की नई पार्टी की नींव की. बर्लुस्कोनी की सरकार गिरने के बाद, मेलोनी ने साल 2012 में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक नई राष्ट्रवादी और रूढ़िवादी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' की सह-स्थापना की. 2014 में मेलोनी इस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गईं और इसके विस्तार में जुट गईं. 2021 में मारियो द्राघी की राष्ट्रीय एकता सरकार में शामिल न होकर उन्होंने विपक्ष में बैठने का विकल्प चुना, जिससे जनता के बीच उनकी छवि एक दृढ़ और समझौता न करने वाले नेता की बनी.

मेलोनी ने रचा इतिहास!

2022 में मेलोनी की पार्टी ने तो ऐसा कमाल किया जिसकी चर्चा दुनियाभर में होने लगी. सितंबर 2022 के आम चुनावों में मेलोनी की पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अकेले 26% वोट हासिल किए और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. मेलोनी ने फोर्जा इटालिया और लीग जैसी राइट विंग पार्टियों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन बनाया, जिसे संसद के दोनों सदनों में स्पष्ट बहुमत मिला. मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' ने संसद के दोनों सदनों को मिलाकर कुल 184 सीटें जीती थीं. 

कुल 400 सीटों में से मेलोनी की पार्टी ने चैंबर ऑफ डेप्युटीज यानी निचले सदन में 118 सीटें हासिल कीं और सीनेट यानी उच्च सदन की कुल 200 निर्वाचित सीटों में से मेलोनी की पार्टी को 66 सीटें मिलीं. इस तरह से मेलोनी को इटली की प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया और मेलोनी ने इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया. प्रधानमंत्री बनने के बाद मेलोनी ने अपनी आक्रामक दक्षिणपंथी छवि को संतुलित करते हुए एक व्यावहारिक और कूटनीतिक नेता के रूप में खुद को स्थापित किया है. इटली की बेहद अस्थिर राजनीति के बीच मेलोनी को सरकार को मजबूती और स्थिरता के साथ आगे बढ़ा रही हैं. 

मेलोनी और भारत का दौरा

जॉर्जिया मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री बनने के बाद से कुल 2 बार भारत आ चुकी हैं. उनकी ये दोनों यात्राएं साल 2023 में हुई थीं. पहली बार 2-3 मार्च 2023 को वो 8वें रायसीना डायलॉग में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत आई थीं. दूसरी बार 8-10 सितंबर 2023 को मेलोनी दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक G20 शिखर सम्मेलन में इतालवी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने भारत आई थीं. G20 शिखर सम्मेलन के दौरान जॉर्जिया मेलोनी पूरे भारत और वैश्विक मीडिया में सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र बनी थीं. 

कैसे शुरू हुआ #Melodi ट्रेंड?

सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच एक द्विपक्षीय बैठक हुई. दोनों नेताओं की गर्मजोशी से हाथ मिलाते और हंसते हुए बातचीत करने की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुई थीं. इसी समय से दोनों नेताओं के फैन्स ने सोशल मीडिया पर #Melodi हैशटैग को टॉप ट्रेंड बना दिया था. उस वक्त #Melodi हैशटैग चल रहा था लेकिन इस बार पीएम मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की तो अब #Melody ट्रेंड कर रहा है. पीएम मोदी की तरफ से दिए गए मेलोडी टॉफी के गिफ्ट और दोनों की सेल्फी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. 

सोशल मीडिया पर कई लोग पीएम मोदी और मेलोनी के राजनीतिक संघर्ष के कई हिस्सों को एक जैसा बता रहे हैं. वैश्विक राजनीति में जॉर्जिया मेलोनी के राजनीतिक कौशल के साथ-साथ उनके पहनावे, सादगी और आकर्षक व्यक्तित्व की भी काफी चर्चा होती है. सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अक्सर उनकी तस्वीरों और वीडियो को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जाता है. सोशल मीडिया में अक्सर मेलोनी की चर्चा सबसे खूबसूरत प्रधानमंत्रियों में से एक की तरह भी की जाती है. 

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