आज मैरी कॉम को देश के बच्चे से लेकर बुजुर्ग हर इंसान जानता है. लेकिन इन दिनों 43 साल की बीजेपी की राज्यसभा सांसद और बॉक्सिंग आइकन अपनी मुक्केबाजी के बजाय अपनी पर्सनल लाइफ के चलते सुर्खियों में बनी हुई हैं. अपने हालिया बयान और पति के उन पर लगाए आरोपों के चलते सोशल मीडिया पर माहौल गर्म है. दोनों के बयानों में इतनी आक्रामकता है कि 18 साल के रिश्ते का भी लिहाज नहीं हो रहा. खबरें तो पहले भी आई थीं लेकिन दोनों ने ही इस बात को ढक-दाब के रखा हुआ था.
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मैरी कॉम वही हैं जिनकी लाइफ से इंस्पायर होकर फिल्म बनी, जिसमें प्रियंका चोपड़ा ने मैरी कॉम का रोल निभाया था और कहा था कि दिल ये जिद्दी है. मैरी कॉम वो हैं जिन्होंने कई वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल अपने नाम किए. ओलंपिक में भी देश का नाम गर्व से ऊंचा किया. लेकिन उनके एक्स हस्बैंड करुंग ओन्खोलर ने मैरी के लिए और जो मैरी ने अपने एक्स हस्बैंड के लिए कहा है वहीं से सारा विवाद खड़ा हो गया है.
चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में जानेंगे क्या है पूरा मामला, क्या है पति-पत्नी और वो की कहानी जिसे अब दुनिया के सामने रखा है मैरी के एक्स हस्बैंड करुंग ओन्खोलर ने और साथ ही यह भी जानेंगे कि कैसे मजदूर की बेटी ने देश को दिलाया ओलंपिक मेडल...
मैरी कॉम के एक्स हसबैंड ने लगाए गंभीर आरोप
साल 2014 में बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम पर फिल्म बनी थीं, इसमें उनके बॉक्सिंग चैंपियन बनने के सफर और संघर्ष को दिखाया गया. फिल्म में मैरी कॉम का रोल प्रियंका चोपड़ा ने निभाया. इस फिल्म को ओमांग कुमार ने डायरेक्ट किया था. फिल्म से प्रोड्यूसर के तौर पर संजय लीला भंसाली भी जुड़े थे. आज की तारीख में मैरी कॉम बीजेपी की तरफ से राज्यसभा में सांसद हैं, बड़े-बड़े राजनेताओं और अभिनेताओं के साथ उठना-बैठना होता है. ये सब आसान नहीं है, खासकर तब जब जन्म एक मजदूर परिवार में हुआ हो. मैरी कॉम एक ऐसे खेल में आईं, जिसमें कोई भविष्य नहीं था, जोखिम बेहिसाब था. शुरूआत में घरवालों ने मना किया, खेल राजनीति ने रास्ता रोका, गरीबी और अभावों ने मुश्किलों में डाला लेकिन हार नहीं मानी. आज यही आयरन लेडी सवालों के घेरे में हैं, आरोप लगाने वाला भी कोई और नहीं साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाला एक्स हस्बैंड करुंग ओन्खोलर हैं.
मैरी के एक्स हस्बैंड करुंग ओन्खोलर के एक बयान ने सनसनी मचा दी, जो कहा उसकी चर्चा पहले भी थी लेकिन कभी किसी ने सामने आकर कुछ नहीं बोला. अब बोला तो मानों तहलका मचा दिया, आरोप लगाए हैं कि मैरी का रिश्ता 2013 और 2017 में अपने जूनियर बॉक्सर और एकेडमी में काम करने वाले के साथ रह चुका है.
मैरी के बयान का करुंग ने दिया जवाब?
करुंग ओन्खोलर का ये बयान तब सामने आया है जब बीते दिनों मैरी कॉम ने अपने एक बयान में उन पर गंभीर आरोप लगाए थे. मैरी ने करूंग के करियर पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि वो गलियों में खेलने वाले फुटबॉलर थे, कभी जिंदगी में कमाया नहीं था परिवार की कमाई पर पल रहे है. लेकिन उन्हें उनका असली चेहरा 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले दिखा जब उन्होंने पति को रंगे हाथ 10 लाख रुपए उनके अकाउंट से निकालते हुए पकड़ा था. मैरी के इसी बयान के विरोध में उनके एक्स हस्बैंड ने अपनी बात एक वीडियो मैसेज के जरिए रखी. दोनों ने 2023 ने आपसी सहमति से तलाक लिया था.
कैसे शुरू हुई थी मैरी और करुंग की लव स्टोरी?
आपको बता दें कि जितनी मायूस करने वाली दोनों के अलग होने की कहानी है उससे ज्यादा इंट्रस्टिंग दोनों की लव स्टोरी है. इसकी शुरूआत साल 2000 में हुई थी, जब ओन्खोलर दिल्ली यूनिवर्सिटि के लॉ ऑफ फैक्लटी के छात्र हुआ करते थे और उन्होंने मैरी कॉम की उस वक्त मदद की थी जब वो किसी कम्पीटीशन के लिए बाहर जा रही थीं और उनका लगेज खो गया था. दोनों की लव स्टोरी यहीं से आगे बढ़ी और 2005 में दोनों ने शादी कर ली. दोनों के इस शादी से 4 बच्चे हैं. उस वक्त ओन्खोलर ने बच्चों के देखभाल करने के लिए अपना करियर और फुटबॉल छोड़कर बच्चों की देखभाल करने का फैसला लिया था.
जिसे समझा जाता था बोझ वहीं बनी सहारा
मैरी कॉम के करियर की बात करें तो उनका जन्म 24 नवंबर 1982 को मणिपुर के चुरचांदपुर जिले के सगांग गांव में हुआ था. वो एक आदिवासी परिवार से आती हैं, उनके पिता मंगते तोंपा मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे. उस समय समाज में बेटी को बोझ माना जाता था, इसलिए मैरी के जन्म पर उनकी मां भी उदास थीं लेकिन आगे चलकर मैरी अपने परिवार के लिए सहारा बनीं. बचपन से ही मैरी ने कठिन जीवन देखा. थोड़ी बड़ी होने पर वह पिता के साथ खेतों में काम करने लगीं, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी. उनके माता-पिता ने मैरी और उनके भाइयों को ढाई किलोमीटर दूर स्कूल में दाखिल कराया. कई बार फीस न भर पाने की वजह से उन्हें क्लास के बाहर खड़ा रहना पड़ता था.
घरवालों को अखबार से पता चली थी बॉक्सिंग की बात
1999 में, जब मैरी नौवीं क्लास में थीं, उन्हें पढ़ाई के लिए इंफाल भेजा गया. वहीं उन्होंने साई यानी स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कोचिंग सेंटर में जाना शुरू किया. इसी दौरान महिला बॉक्सिंग में उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने बॉक्सर बनने का फैसला किया. यही उनकी जिंदगी का अहम मोड़ साबित हुआ. अपने पहले ही मुकाबले में मैरी ने गोल्ड मेडल जीता और उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया. शुरुआत में परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी. जब अखबार में खबर छपी तो पिता पढ़ नहीं पाए, लेकिन तस्वीर देखकर बेटी को पहचान लिया. पहले उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि उनकी बेटी बॉक्सिंग कैसे कर सकती है, लेकिन जब उन्होंने देखा कि मैरी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, तो परिवार ने भी उनका साथ दिया.
मैरी कॉम ने अपनी ऑटोबायोग्राफी अनब्रेकबल में अपने संघर्षों का जिक्र किया है. वो एक समय वर्ल्ड नंबर 1 बॉक्सर भी रह चुकी हैं, उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे बड़े नागरिक सम्मान मिल चुके हैं. इसके अलावा, खेलों में योगदान के लिए उन्हें खेल रत्न पुरस्कार भी दिया गया है. लेकिन आज मैरी कॉम किसी उपलब्धि के चलते नहीं बल्कि विवादों के चलते चर्चा में हैं.
यहां देखें खबर का वीडियो
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