Norway Viral Sibi George: देश और दुनिया के कूटनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया के ट्रेंड्स तक, सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है, सिबी जॉर्ज. विदेश मंत्रालय (MEA) के सचिव (वेस्ट ) सिबी जॉर्ज रातों-रात इंटरनेट पर छा गए हैं. विदेशी धरती...एजेंडा वाला सवाल...और भारत का वो जांबाज डिप्लोमेट, जिसने एक झटके में पूरे प्रोपेगैंडा की बोलती बंद कर दी. नार्वे में पीएम मोदी के दौरे के दौरान दुनिया के चर्चित चेहरा बने हैं सिबी जॉर्ज. नार्वे के ओस्लो में पिछले बीते घंटों में जो हुआ उससे लगा कि सरकार फंसने वाली है लेकिन डिप्लोमैसी के माहिर खिलाड़ी सिबी जॉर्ज फॉरेन मीडिया के भारत विरोधी प्रोपेगंडा को ध्वस्त करके माने.
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चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में आज जानेंगे आखिर कौन हैं सिबी जॉर्ज, क्यों उन्हें विदेश मंत्रालय के सर्कल में क्राइसिस मैनेजर कहा जाता है और कैसे इस एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया.
हेला लेंग ने प्रोटोकॉल तोड़ पूछा सवाल!
सिबी जॉर्ज की चर्चा नहीं होती अगर ओस्लो में नार्वे की पत्रकार हेला लेंग का खड़ा किया हुआ हंगामा न होता. ओस्लो में भारत और नार्वे के पीएम जोनास गेर स्टोर की मीटिंग के बाद एक जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट का कार्यक्रम रखा था. जैसा कि अक्सर होता है कार्यक्रम में मीडिया के लोग मौजूद जरूर थे लेकिन कोई सवाल-जवाब का सेशन नहीं रखा गया था. मतलब पत्रकारों को सिर्फ दोनों प्रधानमंत्रियों को सुनना था, सवाल नहीं पूछना था. जैसे ही दोनों पीएम का कार्यक्रम खत्म हुआ, दगसाविसेन की पत्रकार हेला लेंग ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए तेज आवाज में चिल्लाकर सीधे पीएम मोदी से सवाल दाग दिया.
जब सवाल-जवाब का सेशन प्लान में था नहीं तो पीएम मोदी ने हेला लेंग के सवाल पर कोई रिएक्शन नहीं दिया. हेला लेंग ने इसे भारत के प्रेस फ्रीडम से जोड़कर इंटरनेट पर हंगामा खड़ा कर दिया. एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिख दिया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया. मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी. वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है. बस इसी से सोशल मीडिया पर रातों-रात चर्चित हो गईं.
राहुल गांधी ने साधा निशाना, एक्शन में सिबी जॉर्ज
ओस्लो की चिंगारी भारत पहुंचते ही एक बड़े राजनीतिक बारूद में बदल गई. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हेला लेंग का वीडियो को शेयर करते हुए सीधे सरकार पर निशाना साध दिया कि -जब छुपाने के लिए कुछ नहीं है, तो सवालों से डर कैसा? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब दुनिया भारतीय प्रधानमंत्री को मीडिया से बचते हुए देखती है, तो इससे इंटरनेशनल लेवल पर भारत की छवि को गहरा नुकसान पहुंचता है.
हेला लेंग को सवाल का जवाब नहीं मिला लेकिन भारत सरकार ने उनकी अनदेखी नहीं की. शाम को भारतीय दूतावास ने पत्रकार हेला लेंग को विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल प्रेस ब्रीफिंग में आने के लिए आमंत्रित किया. हेला लेंग ने वहां भी वही तेवर दिखाए तो विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज एक्शन में आए.
कौन है सिबी जॉर्ज?
सिबी जॉर्ज इंडियन डिप्लोमैसी के कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं. उनका डिप्लोमैट वाला करियर प्रोफाइल बेहद बेदाग और शानदार रहा है. 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी सिबी जॉर्ज केरल के कोट्टायम के रहने वाले हैं. उन्होंने ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन दोनों में गोल्ड मेडल हासिल किया. अमेरिकन यूनिवर्सिटी, IIM अहमदाबाद और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से डिग्री लेकर आईएफएस बने. उनकी शादी आर्टिस्ट जॉयस जॉन पम्पूरेथु से हुई. परिवार में दो बेटियां एलहिता थंपुरन और आयिलिया थंपुरन और एक बेटा जेफ वखान थंपुरन हैं.
सिबी जॉर्ज को क्यों कहा जाता है क्राइसिस मैनेजर?
mea.gov.in के मुताबिक सिबी जॉर्ज विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) हैं. जापान, स्विट्जरलैंड, होली सी, लिकटेंस्टीन रियासत, कुवैत और मार्शल द्वीप समूह गणराज्य में भारत के राजदूत रहे हैं. सिबी जॉर्ज का करियर काहिरा से शुरू हुआ था. दोहा, इस्लामाबाद और वॉशिंगटन डीसी, तेहरान, रियाद में भी पोस्टिंग रही. 2014 में, विदेश मंत्रालय ने भारतीय विदेश सेवा में उत्कृष्टता के लिए एस.के. सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया. संकट के समय भारतीयों को सुरक्षित निकालने से लेकर कूल-कूल रहते हुए देश का मजबूत पक्ष रखने के उन्हें विदेश में भारत का क्राइसिस मैनेजर माना जात है. जब ओस्लो में बात भारत की इमेज पर बात आई, तो उन्होंने डिप्लोमैटिक तजुर्बे ने पूरी बाजी पलट दी.
सिबी जॉर्ज क्राइसिस मैनेजमेंट स्किल का भारत ने कई बार फायदा उठाया. संकट के समय ठंडे दिमाग से रास्ता निकालना खासियत है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2020 में दिखा जब वो कुवैत में भारत के राजदूत थे. कोरोना काल में जब लाखों भारतीय मजदूर वहां फंस गए थे, तब सिबी जॉर्ज ने खुद ग्राउंड पर कमान संभाली और 24 घंटे चलने वाली हेल्पडेस्क बनाई. हजारों भारतीयों को मुफ्त राशन, दवाइयां और भारत वापसी के टिकट दिलवाए. उन्होंने बिना पासपोर्ट के फंसे मजदूरों को सुरक्षित भारत पहुंचाया. कुवैत में सिबी जॉर्ज सबसे लोकप्रिय राजदूत माना जाता है.
कौन हैं हेला लेंग?
हेला लेंग नार्वे के पुराने अखबार दगसाविसेन की सीनियर पॉलिटिकल कमेंटेटर हैं. नार्वे की पत्रकारिता में हेला लेंग को तेजतर्रार पत्रकार माना जाता है. किसी भी बड़ी हस्ती से बेझिझक सवाल पूछने के लिए नार्वे में मशहूर हैं. खुद को प्रेस फ्रीडम की सिपाही मानती हैं लेकिन नार्वे में पीएम मोदी के दौरे के दौरान जो हुआ तो अपने बचाव में कहा कि पत्रकारिता का स्वभाव ही सत्ता से सीधे और तीखे सवाल पूछना है. वो किसी भी देश की जासूस नहीं और PM मोदी से सवाल करना गुनाह नहीं.
सिबी जॉर्ज ने क्यों कहा- Don't Interrupt Me?
पीएम की मीटिंग के बाद सिबी जॉर्ज की प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के साथ ओस्लो में भारत की राजदूत ग्लोरियन गैंगटे भी मौजूद थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौका मिलते ही हेला लेंग ने पूछा-भारत में मानवाधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए हम भारत पर भरोसा क्यों करें? जब विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने उनके सवाल का जवाब देना शुरू किया, तो पत्रकार ने बीच में कुछ बोलने या टोकने की कोशिश की. इससे तंग सिबी जॉर्ज ने कड़े लहजे में कह दिया 'Don't Interrupt Me' ये मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है. आपने सवाल पूछा है, तो मुझे जवाब देने दीजिए. आप मुझे ये नहीं बता सकतीं कि मुझे किस तरह जवाब देना है.
फिर सिबी जॉर्ज ने नार्वे से विदेशी मीडिया को रगड़ा. समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ पश्चिमी पत्रकार भारत के विशाल और जीवंत लोकतंत्र को समझे बिना कुछ अज्ञानी एनजीओ की मनगढ़ंत रिपोर्टों के आधार पर अपनी राय बना लेते हैं. सिर्फ दिल्ली में ही 200 टीवी चैनल हैं. हमारे पास एक संविधान है जो जनता के मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है. भारत में देश की महिलाओं के लिए समान अधिकार हैं. तीखी बहस के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का वही वीडियो जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
राहुल गांधी से मांगा इंटरव्यू का समय
हेला लेंग ने जिस विवाद की शुरुआत की थी, राहुल गांधी ने उसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया. वायरल पोस्ट के बाद, हेला लेंग ने सोशल मीडिया पर सीधे राहुल गांधी को टैग करते हुए फोन इंटरव्यू का समय मांग लिया. राजनीतिक लहर का फायदा उठाकर राहुल गांधी का इंटरव्यू करना चाहती हैं ताकि विवाद को और आगे ले जा सकें.
इस रार से सोशल मीडिया पर सिबी जॉर्ज और हेला लेंग को लेकर जबर्दस्त बहस छिड़ गई है. सरकार के समर्थक सिबी जॉर्ज को ‘सच्चा देशभक्त’ और ‘नया रॉकस्टार’ बता रहे हैं, जो विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करने वालों को उनकी औकात याद दिलाता है. लोग सिबी जॉर्ज के वीडियो क्लिप्स को शेयर कर लिख रहे हैं- 'यह बदलता हुआ भारत है, जो आंख झुकाकर नहीं, आंख मिलाकर बात करता है.
विपक्ष के समर्थक नार्वे की पत्रकार हेला लेंग की तारीफ कर रहे हैं. सोशल मीडिया का एक धड़ा कह रहा है कि हेला लेंग ने एक सच्चे पत्रकार की तरह बिना डरे सत्ता से सीधे सवाल पूछे, जो आज के समय में बेहद जरूरी है. ओस्लो की एक प्रेस ब्रीफिंग ने इस समय भारत के सियासी और सोशल मीडिया के पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.
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