Charchit Chehra: जौहर विवाद से चर्चा में आई स्वरा भास्कर हैं राहुल गांधी की जबरदस्त फैन? जानिए उनकी पूरी कहानी

रूपक प्रियदर्शी

• 11:56 AM • 03 Sep 2026

Charchit Chehra Swara Bhasker: जौहर सीन पर दिए बयान को लेकर विवादों में आईं अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर चर्चा में हैं. दिल्ली में जन्मीं स्वरा ने मिरांडा हाउस और JNU से पढ़ाई के बाद बॉलीवुड में कदम रखा और कई बड़ी फिल्मों से पहचान बनाई. जानिए स्वरा भास्कर की पूरी कहानी, फिल्मी सफर, निजी जिंदगी, विवादों और राहुल गांधी से उनके जुड़ाव के बारे में.

Swara Bhasker Biography
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जौहर, यह शब्द मूल रूप से फारसी भाषा के जिवहर (Jivhar) से आता है. फारसी में इसका मतलब होता है- रत्न, गुण (jewel, merit). जौहर एक ऐसी परंपरा थी जिसका पालन राजपूत महिलाएं शत्रु के हाथों में पड़ने से बचने के लिए करती थीं. विष ग्रहण करने के बजाय, वे अग्नि में जलना पसंद करती थीं, क्योंकि अग्नि पवित्रता का प्रतीक था. ऐसा कहा जाता है कि यह प्रथा केवल राजपूत पुरुषों और मुस्लिम आक्रमणकारियों के बीच युद्धों के दौरान, हार की स्थिति में ही अपनाई जाती थी. 

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लेकिन आप सोचेंगे महिलाएं ऐसा क्यों करतीं थी, तो इसका जवाब है कि, वो आक्रमणकारियों द्वारा गुलाम बनाए जाने और बलात्कार से बचने के लिए ऐसा करती थीं. मतलब ये कि वे अपने  सम्मान की रक्षा के लिए ऐसा करतीं थीं. रानी पद्मावती ने भी ऐसा ही किया था और फिल्म पद्मावत में भी इसका चित्रण है. आज रानी पद्मावती के उस जौहर की कहानी फिर वायरल होने लगीं क्योंकि स्वरा भास्कर ने ऐसी टिप्पणी की जो किसी के गले नहीं उतर रही. उनके एक बयान को ऐसे देखा जा रहा है कि उन्होंने उस जौहर को कायरता बताया, रेप सर्वाइवर्स से तुलना कर दी. चर्चा में फिर आई स्वरा भास्कर इसलिए बन गई हैं हमारा चर्चित चेहरा. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.

स्वरा भास्कर का वो बयान जिसने मचाया बवाल

31 अगस्त को स्वरा भास्कर दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक में मौजबद थी. इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है. स्वरा ने कहा कि, 'मैं जौहर सीन को देख रही थे. मैंने सोचा कि अगर भगवान न करें, मैं रेप सर्वाइवर होती, तो यह फिल्म मुझे क्या बता रही है? मुझे कायर महसूस होता कि मैंने अपनी इज्जत बचाने के लिए आत्महत्या नहीं की.' स्वरा ने कहा, क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं तो आपने खुद को मार लिया होता? मैं कायर जैसा महसूस करती कि मैंने खुद की इज्जत बचाने के लिए अपनी जान नहीं ली. क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?

एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है. स्वरा ने कहा कि, 'यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था. 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था.' स्वरा भास्कर की इन्हीं बातों के कारण उनकी आलोचना हो रही है.  

बढ़ते विवाद के बीच स्वरा की सफाई

रानी पद्मावती ने 1303 में चित्तौड़ की घेराबंदी के बाद राजपूतों के सम्मान की रक्षा की, आक्रमणकारी सेना द्वारा बलात्कार और बंदी बनाए जाने से बचने के लिए आग के गड्ढे में वो कूद गईं. राजपूतों की प्रबल सम्मान भावना ने पद्मावती को आत्मदाह का कठोर कदम उठाने के लिए प्रेरित किया, ताकि दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश के शक्तिशाली शासक अलाउद्दीन खिलजी की विजय खोखली साबित हो जाए, क्योंकि उसके और उसकी सेना के पास गुलाम बनाने के लिए कोई शाही महिला शेष नहीं बचेगी.

पद्मावत पर स्वरा भास्कर की टिप्पणी को ऐसे देखा गया जैसे वो उस जौहर को कायरता बता रही हों. ऐसा समझा गया कि स्वरा ने इस ऐतिहासिक बलिदान को 'कायरता' और 'बौद्धिक अंधापन' से जोड़कर राजपूत वीरांगनाओं का अपमान किया है. ये तो राजपूत महिलाओं का एक सर्वोच्च और साहसी बलिदान था.

स्वरा भयंकर ट्रोल होने लगीं तो सफाई भी देनी पड़ गई. कहा कि, 'मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा. मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है.'

लोगों के निशाने पर आई स्वरा भास्कर

सोशल मीडिया पर लोग स्वरा के पीछे पड़ गए. स्वरा की शिवसेना यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी से भी बहस हो गई. कहा कि जब चुनाव मौत और हराम में गुलाम बनने के बीच हो, तो महिलाओं ने मौत को चुना, जो उनका एक फैसला था. इस पर स्वरा ने प्रियंका चतुर्वेदी को अड्रेस करते हुए लिखा कि आप बात नहीं समझ रही हैं. बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, उन्होंने तो एक ट्रेजेडी फेस की और टफ चॉइस की. पाइंट ये है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं. क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है? 

ऐसे ही कई लोग स्वरा भास्कर से सवाल पूछने लगे. उनकी बात पर अहसमति जताने लगे. लेकिन लोग उन्हें कठघरे में खड़ा करते रहे. करणी सेना की वुमेन विंग ने तो कहा कि स्वरा भास्कर अपनी भाषा को सुधार ले. हमारी पूजनीय रानी पद्मिनी ने 16 हजार क्षत्राणियों के साथ अपने बलिदान को आगाज दिया और दिखा दिया कि क्षत्राणियां किसी से कम नहीं है.

वैसे ये कोई पहली बार नहीं जब स्वरा ट्रोल्स के निशाने पर आई हों. वो अभिनेत्री जो अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने बेबाक, तीखे और कभी-कभी बेहद विवादित बयानों के लिए खबरों में रहती हैं.

कौन हैं स्वरा भास्कर?

स्वरा की कहानी शुरू होती है देश की राजधानी दिल्ली से. 9 अप्रैल 1988 को जन्मी स्वरा कोई आम स्ट्रगलर नहीं थीं. पिता चित्रपू उदय भास्कर भारतीय नौसेना के जाने-माने रणनीतिक विश्लेषक और मां इरा भास्कर जेएनयू में सिनेमा की प्रोफेसर. घर में पढ़ाई-लिखाई और राजनीति का माहौल था. स्वरा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से इंग्लिश लिटरेचर पढ़ा और फिर उसी जेएनयू (JNU) में दाखिला लिया, जो आज देश की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा है. समाजशास्त्र यानी सोशियोलॉजी में मास्टर्स करते-करते स्वरा के भीतर का एक्टिविस्ट और थियेटर आर्टिस्ट जाग चुका था.

स्वरा की लाइफ जर्नी

साल 2008 में ये लड़की जेएनयू की किताबें समेटकर मुंबई पहुंचती है. आंखों में स्टार बनने का नहीं, बल्कि एक बेहतरीन कलाकार बनने का सपना था. साल 2011 में निर्देशक आनंद एल राय ने उन्हें फिल्म तनु वेड्स मनु में कंगना रनौत की सहेली 'पायल' का रोल दिया. कंगना जैसी बड़ी स्टार के सामने स्वरा ने अपनी देसी टोन और कमाल की एक्टिंग से सबका ध्यान खींच लिया. इसके बाद साल 2013 में आई फिल्म रांझणा. एकतरफा प्यार में पागल 'बिंदिया' के किरदार ने यह साबित कर दिया कि स्वरा के पास एक्टिंग का वो 'जौहर' है, जो किसी भी बड़े स्टार पर भारी पड़ सकता है.

स्वरा सिर्फ बड़ी कमर्शियल फिल्मों तक सीमित नहीं रहीं. जब बात लीक से हटकर सिनेमा की आई, तो उन्होंने नील बट्टे सन्नाटा में एक कामवाली बाई और मां का ऐसा किरदार निभाया कि आलोचक खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर हो गए. अनारकली ऑफ आरा में एक बोल्ड लोक गायिका के रोल ने उन्हें एक्टिंग की दुनिया का एक बड़ा नाम बना दिया. लेकिन... सिक्के का एक दूसरा पहलू भी था.

स्वरा का विवादों से रहा पुराना नाता!

जैसे-जैसे स्वरा की फिल्में हिट हो रही थीं, वैसे-वैसे उनका राजनीतिक रूप भी बाहर आ रहा था. जेएनयू विवाद हो, सीएए-एनआरसी का विरोध हो या फिर फिल्म पद्मावत के जौहर सीन पर दिया गया उनका वो बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि फिल्म देखकर उन्हें लगा कि वो 'सिर्फ एक योनि तक सिमट कर रह गईं', स्वरा हर जगह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गईं. सोशल मीडिया पर उनके बायकॉट की मांग उठने लगी. 

स्वरा भास्कर हमेशा से अपने बेबाक राजनीतिक विचारों के लिए जानी जाती रही हैं. साल 2019 के अंत और 2020 की शुरुआत में जब देश भर में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, तब स्वरा दिल्ली और मुंबई के कई आंदोलनों में हिस्सा ले रही थीं. इसी दौरान एक रैली के मंच पर उनकी मुलाकात फहद अहमद से हुई. फहद उस समय टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (TISS) के छात्र नेता और समाजवादी पार्टी की यूथ विंग (समाजवादी युवजन सभा) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष थे. दोनों की पहली मुलाकात किसी फिल्मी सेट पर नहीं, बल्कि इंकलाबी नारों और भीड़ के बीच हुई थी. रैलियों में मिलने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई. स्वरा ने अपनी लव स्टोरी शेयर करते हुए बताया था कि शुरुआत में वे सिर्फ अच्छे दोस्त बने. दोनों को जानवरों से प्यार था और फहद ने एक लावारिस बिल्ली गालिब को गोद लेने में स्वरा की मदद की थी, जिससे उनकी दोस्ती और गहरी हो गई.

फहद से रचाई थी गुपचुप शादी!

करीब तीन साल की गहरी दोस्ती के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया. 6 जनवरी 2023 को उन्होंने बेहद गुपचुप तरीके से 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत कोर्ट में शादी के दस्तावेज जमा किए. 16 फरवरी 2023 को स्वरा ने सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत वीडियो शेयर कर दुनिया को अपनी शादी की खबर दी, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को हैरान कर दिया. इसके बाद मार्च 2023 में उन्होंने दिल्ली और बरेली में दोनों धर्मों (हिंदू और मुस्लिम) के रीति-रिवाजों और रस्मों के साथ पारंपरिक शादी का बड़ा जश्न मनाया. 23 सितंबर 2023 को स्वरा और फहद के घर एक नन्ही परी राबिया ने जन्म लिया. 

स्वरा के इस सफर में विवाद भी बहुत रहे. उनमे से एक विवाद साल 2018 में आई फिल्म वीरे दी वेडिंग को लेकर हुआ. स्वरा एक इंडिपेंडेंट लड़की का किरदार निभा रही थी. उसी फिल्म के एक सीन पर लोगों को आपत्ति हुई.

स्वरा ने कई बार की राहुल गांधी की तारीफ!

ट्रोल्स से लड़ते लड़ते स्वरा के राजनीतिक तेवर भी धीरे धीरे बाहर आने लगे. यूं तो स्वरा फिल्मों से गायब होती रहीं. लेकिन पॉलिटिक्स में फुल फ्लेजेड नया करियर नहीं तलाशा. राहुल गांधी के मंचों पर वो जरूर कई बार देखी गई. स्वरा भास्कर और राहुल गांधी की सबसे चर्चित सार्वजनिक मुलाकात मध्य प्रदेश के उज्जैन में रहा है. 1 दिसंबर 2022 को स्वरा कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुईं. इस दौरान उनकी राहुल गांधी के साथ पैदल चलते हुए कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें वे राहुल गांधी को लाल गुलाब का गुलदस्ता देती हुई भी नजर आई थीं. इसके बाद, 17 मार्च 2024 को स्वरा मुंबई में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली 'जन न्याय पदयात्रा' में भी शामिल हुईं. 

2021 में स्वरा ने राहुल की पुशअप्स वाली एक वीडियो शेयर करते हुए तारीफ की थी. तमिलनाडु से आई उस वीडियो पर स्वरा ने लिखा था, This man is such a sport! 2022 में स्वरा ने राहुल की तारीफ में एक्स पर पोस्ट किया. कहा कि, चुनावी हार, ट्रोलिंग, व्यक्तिगत हमले और लगातार आलोचना अप्रभावी होने के बावजूद, राहुल गांधी न तो सांप्रदायिक बयानबाजी और न ही सनसनीखेज राजनीति के आगे झुके हैं. इस देश की स्थिति को देखते हुए इस तरह के प्रयास भारत जोड़ो यात्रा प्रशंसनीय है!' 

2026 में राहुल के बर्थड़े पर स्वरा ने ऐसे विश किया जिससे उनके विचारों के बारे में साफ पता चलता है. कहा कि, भारतीय राजनीति के सबसे अच्छे शख्स को जन्मदिन का हार्दिक बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं. आपके प्रयासों को और ज्यादा ताकत मिले और आप और ऊंची उड़ान भर सकें.'

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