किसी ने क्या खूब कहा है, मोहब्बत हम कम नहीं करते...बस लोग शक नहीं करते! टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी की प्रेम कहानियां खूब सुनी-सुनाई जा चुकी है. ये भी सुना गया कि एक दिन दोनों का ब्रेकअप भी हो गया लेकिन क्या ब्रेकअप कोई लिखा हुआ कागजी दस्तावेज नहीं जो लिख दिया गया तो मिट नहीं सकता.
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मुंबई के जुहू में बीएमडब्ल्यू कार से टाइगर श्रॉफ की कार फैंस को चीरते हुए निकल रही थी तब ताबड़तोड़ गोलियां चलनी शुरू हुई. हर तरफ सिर्फ दहशत और पुलिस की सायरन की आवाजें थीं. टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बारे में जिसने सुना वो दंग रह गया. न जाने किस-किस की दुआओं का असर था कि टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए. खौफनाक मंजर के बीच, जब देर रात टाइगर के घर एक गाड़ी आकर रुकी और उससे दिशा पाटनी उतरीं, तो दुनिया की सारी हेडलाइंस एक तरफ हो गईं. कैमरे और पीआर की परवाह किए बिना, चेहरे पर साफ दिखती फिक्र के साथ दिशा का सीधे टाइगर के घर पहुंचना कह गया कि कुछ रिश्ते वक्त और ब्रेकअप के मोहताज नहीं होते. कुछ दिलों में मोहब्बत कभी कम नहीं होती, भले उसकी चर्चा कम हो जाए. टाइगर श्रॉफ चर्चित चेहरा इसलिए नहीं बने कि उनकी कोई नई फिल्म आई या उन्होंने कोई नया स्टंट कर दिया. चर्चा इसलिए कि टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू में एक जानलेवा हमला हुआ. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
पहले जानिए टाइगर पर हमले की कहानी
फुटबॉल मैच खेलने के बाद जैसे ही टाइगर श्रॉफ BMW कार में सवार हुए, पहले से रेकी कर रहे तीन बाइक सवार शूटरों ने उनकी गाड़ी पर 7 राउंड अंधाधुंध फायरिंग कर दी. हमलावर पूरे 45 मिनट से टाइगर का इंतजार कर रहे थे. हमले में टाइगर की जान किसी चमत्कार से कम नहीं बची. जब एक शूटर कार के बिल्कुल करीब आकर टाइगर पर गोली दागने वाला था, तभी उसकी पिस्टल जाम हो गई और गोली नहीं चली. इस हमले में टाइगर के केयरटेकर और ड्राइवर फिरदोस के हाथ में गोली लगी. रीयल लाइफ हीरो की तरह, टाइगर ने तुरंत फ्रंट सीट से ड्राइविंग सीट संभाली और खुद कार चलाकर अपने घायल ड्राइवर को नानावटी अस्पताल पहुंचाया.
दिशा पाटनी-टाइगर की स्टोरी
टाइगर मरहम पट्टी करके घर लौटे तो हालचाल लेने बड़े-बड़े वीआईपी पहुंचे लेकिन सबकी नजरें टिक गईं जब दिशा पाटनी टाइगर के लिए आईं. टाइगर और दिशा के मिलने की कहानी 10 साल पुरानी है. बिछड़ने का किस्सा करीब 4 साल पुराना हो चुका है. टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी की पहली मुलाकात साल 2015-16 के दौरान किसी डांस स्टूडियो और फिल्म ऑडिशन के इर्द-गिर्द हुई थी. दिशा ने टाइगर की पहली फिल्म 'हीरोपंती' के लिए भी ऑडिशन दिया था. लेकिन साथ काम करने का मौका 2016 में बेफिक्रा में मिला. पेरिस में हुई एक वीडियो की शूटिंग ने दोस्त बनने के कई सारे मौके दिए जो आगे प्यार में बदलते रहे. जब मीडिया ने रिश्ते की गहराई नापने की कोशिश की तब जवाब यही मिलता रही कि हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं.
जैकी श्रॉफ के बेटे होने से टाइगर श्रॉफ को स्टार-किड का एडवांटेज मिल रहा था लेकिन दिशा पाटनी तो दूसरी दुनिया एकदम नॉन फिल्मी दुनिया से आकर इंडस्ट्री में जमने की कोशिश कर रही थी. दिशा को बड़ी पहचान 2016 के एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' से मिली. टाइगर और दिशा की जोड़ी बनाई साजिद नाडियाडवाला की एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'बागी 2 ने जो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर बन गई. बागी ने दोनों के करियर को एकदम टॉप पर पहुंचा दिया. टाइगर अपनी बैक-टू-बैक सक्सेसफुल एक्शन फिल्मों से 'एक्शन स्टार' बन गए. दिशा लुक्स, ग्लैमर के साथ नेशनल क्रश बनती गईं.
क्यों दूर हुए थे टाइगर और दिशा?
इस दौरान टाइगर एक-दूसरे के लिए सीरियस रहे. कहा जाता है कि 6 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में प्यार बढ़ता रहा. लोग शादी जैसे खुशखबरी का इंतजार करते रहे. तभी 2022 में अचानक ये खबरें आने लगीं कि दोनों का ब्रेकअप हो गया. क्राइसिस इन रिलेशनशिप बना, शादी को लेकर अलग-अलग थॉट्स. दावे किए जाने लगे कि दिशा पाटनी रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए शादी करना चाहती थी. उन्होंने कई बार टाइगर के सामने शादी के लिए प्रपोज किया लेकिन टाइगर हर बार "अभी नहीं" कहकर बात टाल देते थे. चीजें और खराब हो गईं जब टाइगर के पिता जैकी श्रॉफ ने मीडिया में बयान दे दिया कि टाइगर अभी सिर्फ अपने काम और फिटनेस से 'शादी' कर चुके हैं और किसी और बंधन के लिए तैयार नहीं हैं.
दिशा को टाइगर के साथ रिश्ता धीरे-धीरे थकाने और एकतरफा होने लगा. टाइगर ने सारा फोकस अपनी जिंदगी, रूटीन और करियर में लगा रखा था. शायद दिशा पर फोकस कम था. बॉलीवुडशादीज डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक एक चर्चा ये भी रही कि दिशा परेशान थी कि टाइगर तारा सुतारिया के क्लोज रहे थे जिसके साथ उन्होंने Student Of The Year 2 की थी. फिर एक दिन दोनों ने राजी-खुशी ब्रेकअप करके अपने-अपने रास्ते अलग कर लिए. ऐसा ब्रेकअप हुआ जिसकी लव स्टोरी कभी कन्फर्म नहीं हुई.
दिशा के टाइगर के फैमिली से है गहरा कनेक्शन!
उस बात को 4 साल हो गए लेकिन फिर न तो टाइगर का नाम किसी और के साथ जुड़ा, न दिशा का. दोनों ने कभी इस बारे में बात करना भी मंजूर नहीं किया. सवालों को टाइगर ने ये कहकर टाला कि दोस्तों के साथ डेट पर नहीं जा सकते. दिशा ने इतना तक कहा कि मुंबई में उनका एक ही दोस्त बना टाइगर श्रॉफ. टाइगर और दिशा आज तक मोस्ट एलिजिबल बैचलर्स बने हैं. ब्रेकअप तो हुआ लेकिन किसी कड़वाहट, किसी शिकायत या किसी आरोप के साथ नहीं. इसीलिए जब टाइगर की जान पर बन आई तो दिशा पहुंच गईं जान टाइगर के पास. अभी कोई कह नहीं सकता कि ये सिर्फ पुराने दोस्तों की कर्टसी थी या कोई रीयूनियन.
यह सिर्फ टाइगर और दिशा का रिश्ता नहीं है, बल्कि दिशा आज भी श्रॉफ परिवार के सबसे करीब हैं. टाइगर की बहन कृष्णा श्रॉफ और मां आयशा श्रॉफ के साथ दिशा की बॉन्डिंग जगजाहिर है. जब दिशा वहां पहुंचीं, तो वह सिर्फ एक एक्स-गर्लफ्रेंड की तरह नहीं, बल्कि उस परिवार के एक हिस्से की तरह खड़ी थीं.
कैसे बदली श्रॉफ परिवार की किस्मत?
टाइगर की लाइफ जर्नी को समझने के लिए श्रॉफ परिवार के इतिहास को जानना जरूरी है. टाइगर के पिता जैकी श्रॉफ यानी जयकिशन काकुभाई श्रॉफ मुंबई की चाल से उठकर बॉलीवुड के 'जग्गु दादा' और 'भिडू' बने. जैकी की शादी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है. टाइगर श्रॉफ की रगों में जो फाइटिंग स्पिरिट है, वह उन्हें विरासत में मिली है. जैकी श्रॉफ ने मुंबई की बेहद साधारण चाल 'तीन बत्ती' में अपना बचपन बिताया था. जैकी के पिता गुजराती थे और मां तुर्किश-कजाख मूल की थीं, जिन्होंने बहुत गरीबी झेली थी.
जैकी जब स्टार नहीं बने थे, तब 13 साल की अमीर घराने की आयशा दत्त ने उन्हें एक बस में देखा था और दिल दे बैठी थीं. स्टेटस का भारी अंतर होने के बावजूद, आयशा ने जैकी के संघर्ष के दिनों में उनका हाथ थामा और साल 1987 में दोनों ने शादी कर ली. इसी मजबूत बुनियाद पर श्रॉफ परिवार खड़ा हुआ, जिसमें टाइगर और उनकी फिटनेस एंटरप्रेन्योर बहन कृष्णा श्रॉफ का जन्म हुआ. जैकी और आयशा का यह रिश्ता आज भी बॉलीवुड के सबसे मजबूत रिश्तों में से एक माना जाता है.
टाइगर की लाइफ जर्नी!
2 मार्च 1990 को मुंबई में जन्मे टाइगर का असली नाम जय हेमंत श्रॉफ है. बचपन में वे बेहद नटखट थे और सबको दांतों से काट लिया करते थे, इसी आदत की वजह से जैकी श्रॉफ ने उनका नाम प्यार से टाइगर रख दिया. टाइगर ने मुंबई के अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे से पढ़ाई की. बचपन से ही पढ़ाई से ज्यादा स्पोर्ट्स, फुटबॉल, जिमनास्टिक और मार्शल आर्ट्स में रुचि रखते थे. उन्होंने ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हासिल की है. टाइगर हमेशा कहते हैं कि स्कूलों में मार्शल आर्ट्स को कंपलसरी कर देना चाहिए ताकि बच्चे अनुशासित और सुरक्षित रह सकें.
2014 में फिल्म हिरोपंती से डेब्यू करने वाले टाइगर ने पहली ही फिल्म से दिखा दिया था कि उनके जैसा डांस और स्टंट बॉलीवुड में कोई नहीं कर सकता. इसके बाद बागी (2016) और वार (2019) जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का एक्शन किंग बना दिया. हालांकि पिछली कई फिल्में गणपत/बड़े मियां छोटे मियां, बागी 4 पिटने के बाद टाइगर श्रॉफ का करियर रिबूट मूड में पहुंच गया है. उन्हें एक बड़ी वापसी का इंतजार है क्या पता वो शायद सलमान खान के साथ हो जाए. टाइगर आज एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां उन्हें न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर अपनी खोई साख वापस पानी है, बल्कि इस खौफनाक अंडरवर्ल्ड के साए से भी अपनी और अपने परिवार की हिफाजत करनी है.
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