महाराष्ट्र में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक (कॉन्क्लेव) का आयोजन किया गया है. इस बैठक में संगठन के भविष्य के रोडमैप, राष्ट्रव्यापी विस्तार और देश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर चर्चा की जा रही है. बैठक के दौरान संगठन के प्रतिनिधि अभिजीत दीपके ने मीडिया से बात करते हुए आंदोलन की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और राजनीतिक पार्टी बनाने की चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट की. आइए विस्तार से जानते हैं अभिजीत दीपके ने क्या-कुछ कहा है.
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देशभर में संगठन विस्तार और फ्यूचर रोडमैप पर चर्चा
अभिजीत दीपके ने बताया कि पिछले आंदोलनों को मिली सफलता के बाद जनता की उनसे उम्मीदें और जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं. जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित न रहकर पूरे देश में फैल चुका है. ऐसे में दो दिनों के इस कॉन्क्लेव के जरिए देश के हर राज्य में संगठन का विस्तार करने और CJP के भविष्य की रणनीति तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है.
पॉलिटिकल पार्टी या प्रेशर ग्रुप? अभिजीत दीपके का रुख साफ
राजनीतिक पार्टी के गठन और चुनाव में उतरने के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस समय देश को किसी नई राजनीतिक पार्टी की जगह एक सशक्त 'पब्लिक मूवमेंट' और 'प्रेशर ग्रुप' की जरूरत है. उन्होंने मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज जनता का चुनाव प्रणाली, न्यायपालिका, मीडिया और चुनाव आयोग जैसे संस्थानों से भरोसा कम हुआ है. विधायक-सांसद पार्टियां बदलते रहते हैं या दलबदल कराया जाता है, जिससे जनता त्रस्त आ चुकी है. इसलिए CJP अभी एक प्रेशर ग्रुप के रूप में ही काम करेगी ताकि इन लोकतांत्रिक संस्थानों में जवाबदेही और तटस्थता वापस लाई जा सके.
सोनम वांगचुक की भूमिका और झारखंड छात्र आंदोलन को समर्थन
संगठन में मेंटर की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक पहले भी उनके मेंटर रहे हैं और आगे भी मार्गदर्शक की भूमिका में बने रहेंगे. इसके अलावा, झारखंड में लंबे समय से आंदोलन कर रहे युवाओं का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि उनकी मांगों का पूरा समर्थन किया जाता है. CJP की झारखंड टीम वहां सक्रिय है और जरूरत पड़ने पर वे खुद भी वहां युवाओं के आंदोलन को मजबूत करने जाएंगे.
घायलों को कानूनी-मेडिकल मदद और लाठीचार्ज पर प्रतिक्रिया
प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा कार्रवाई पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संगठन पहले दिन से ही सभी घायलों को कानूनी और मेडिकल सहायता मुहैया करा रहा है. सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता के चलते कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR भी वापस ली जा रही हैं. उन्होंने बताया कि संसद मार्च के दौरान बैरिकेडिंग और भीड़ को संभालने का काम किया गया था और उनकी प्रवक्ता आफरीन नवाज भी लाठीचार्ज में घायल हुई थीं. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर बच्चियों के खिलाफ चलाए गए डॉक्सिंग कैंपेन की निंदा करते हुए उन्होंने कानूनी कार्रवाई की बात कही.
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