जंतर-मंतर प्रदर्शन खत्म करने के बाद अब CJP ने एक बार फिर सरकार को चेताया है. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार को अपने वादे को याद दिलाते हुए लिखा है कि वादा निभाना भी होता है. साथ ही उन्होंने अलग-अलग राज्यों के प्रदर्शनकारियों को धैर्य रखने की सलाह कहा है कि 'हम आपके साथ है'.
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गौरतलब है कि बीते दिनों सरकार के बातचीत के तीसरे राउंड के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया था की उनकी सारी मांगे पूरी कर दी जाएगी. ऐसे में अचानक सौरभ दास के एक ट्वीट ने फिर हलचल तेज कर दी है. आइए विस्तार से जानते है आखिर ऐसा क्या हुआ है.
सौरभ दास ने ट्वीट में क्या लिखा?
CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है, हमें रिपोर्ट मिल रही है कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई छात्रों और प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग सरकारी एजेंसियां निशाना बनाकर हिरासत में ले रही हैं और गिरफ्तार कर रही है. यह हमारे लिए काफी चिंता का विषय है.
उन्होंने आगे लिखा कि, 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने अपना देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन तभी वापस लिया था जब भारत सरकार ने हमें भरोसा दिलाया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ, चाहे वह बीजेपी या एनडीए शासित राज्य हो, अभी या भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसलिए, इन राज्यों से आ रही खबरें बहुत चिंताजनक हैं.
सरकार को याद दिलाई अपनी गारंटी
सौरभ दास ने आगे लिखा है कि, पहली बात हम प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाना चाहते है कि हमारी लीगल संबंधित राज्यों के बेहतरीन वकीलों के साथ मिलकर हिरासत में लिए लोगों की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. यह प्रक्रिया पहले दिन से ही हो रही है.
दूसरी बात यह है कि, 'हम भारत सरकार, खासकर @JPNadda जी और @DrJitendraSingh जी से अपील करते हैं कि वे हमें दिए गए भरोसे का तुरंत सम्मान करें. वे हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करें और निर्देश दें कि देश में कहीं भी किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई जबरदस्ती या बदले की कार्रवाई न हो. कहीं भी दर्ज की गई FIR भी वापस ली जानी चाहिए.'
सौरभ दास ने आगे लिखा कि, 'हम भारत सरकार को यह भी याद दिलाना चाहते हैं कि उन्होंने कल, मंगलवार, 28 जुलाई 2026 तक इस मामले में लिखित गारंटी देने का वादा किया था.'
'युवाओं के साथ विश्वासघात बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं'
सौरभ दास अपने इसी पोस्ट में आगे लिखते हैं कि, देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन को रोकने का हमारा फैसला नेक नीयत से और पूरी तरह सरकार के इस भरोसे पर लिया गया था कि वह अपनी बात पर कायम रहेगी. उस भरोसे से पीछे हटना न सिर्फ 'कॉकरोच जनता पार्टी' के साथ विश्वासघात होगा, बल्कि उन लाखों युवा भारतीयों के भरोसे को भी तोड़ना होगा जिन्होंने विरोध-प्रदर्शन के बजाय बातचीत का रास्ता चुना था. युवाओं के लिए ऐसा विश्वासघात बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं होगा.
'सिर्फ वादा करने से नहीं...'
सौरभ दास ने सरकार को आगे चेताते हुए साफ शब्दों में लिखा कि, हम भारत सरकार को याद दिलाना चाहते हैं कि उसकी विश्वसनीयता सिर्फ वादा करने से नहीं, बल्कि वादों को पूरा करने से बनती है.
उन्होंने आगे लिखा कि, 'युवा प्रदर्शनकारियों से हम कहना चाहते हैं कि धैर्य रखें, हम आपके साथ हैं. CJP स्थिति पर लगातार करीब से नजर बनाए हुए है और भारत सरकार तथा सभी भाजपा/एनडीए राज्य सरकारों से उस अत्यंत तत्परता, जिम्मेदारी और सद्भाव के साथ काम करने की उम्मीद करती है जिसकी वर्तमान परिस्थितियां मांग करती हैं. हमारी मांग है कि हिरासत में लिए गए/गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को तुरंत और हर हाल में कल तक रिहा किया जाए, और सभी प्राथमिकी (FIR) तुरंत वापस ली जाएं. ऐसा न होने पर हम आगे के आवश्यक कदम उठाएंगे.'
क्या थी CJP की 3 प्रमुख मांगे?
NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगे रखी थी. इनमें सबसे पहला शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था, जो कि शनिवार को सरकार के साथ तीसरे राउंड के बातचीत से पहले ही हो गया था. साथ ही उन्होंने NEET पेपर लीक के चलते जान गंवाने वाले स्टूडेंट्स को 1-1 करोड़ का मुआवजा और उनकी तीसरी मांग थी की इस प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्रों पर कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी.
यहां देखें सौरभ दास का ट्वीट
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