जंतर-मंतर पर शुरू हुआ प्रदर्शन के बाद से ही CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के लोग लगातार चर्चा में बने हुए है. जंतर-मंतर के बाद अब CJP ने 15 अगस्त से स्कूल ठीक करो अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करना और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करना है. इस अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के हिंगोली जिले से हुई है और अब अभिजीत दीपके को एक बड़ी सफलता भी मिल गई है. दीपके की मांग मानते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. विस्तार से जानिए पूरा मामला.
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अभिजीत दीपके की हुई बड़ी जीत!
अभियान की शुरुआत अभिजीत दीपके ने पैतृक गांव संतुक पिंपरी गांव से की. उन्हें शिकायत मिली कि गांव के जिला परिषद स्कूल के प्रिंसिपल शराब के नशे में स्कूल पहुंचते है. इसके बाद उन्होंने 16 अगस्त को स्कूल का दौरा किया और प्रशासन से मामले की सख्त कार्रवाई की मांग की. इसी बीच प्रिंसिपल का शराब के नशे में स्कूल में सोते हुए वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया. आज यानी 18 अगस्त को वह फिर से संतुक पिंपरी गांव पहुंचे और वहां अनशन पर बैठे लोगों से बातचीत की. साथ ही प्रशासन ने उनकी मांग को मान लिया और प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया और स्कूल में जल्द ही 4 नए टीचर देने पर भी अपनी सहमति जताई. इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है. 'स्कूल ठीक करो' अभियान के बीच प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई को अभिजीत दीपके की बड़ी जीत मानी जा रही है.
'छिपाने से असलियत नहीं बदलती'
अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि देश के सभी राज्यों में 'स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू हो चुका है. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि, सरकार स्कूल की असलियत छिपाने की कोशिश कर रही है. लेकिन छिपाने से असलियत नहीं बदलती है और आपने जो काम किया है, वह लोगों के सामने हम लाएंगे.
अब्दुल के पिता की हत्या पर बीजेपी को घेरा
CJP संस्थापक ने अब्दुल के पिता की हत्या का आरोप बीजेपी पर लगाया है. उन्होंने कहा कि, जंतर-मंतर पर अब्दुल हमारे साथ था और जब हमने स्कूल ठीक करो अभियान की शुरुआत की तो वह अपने गांव बंगाल चला गया था. इस दौरान वह जब स्कूल का निरीक्षण कर रहा था, तो कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की. साथ ही जब अब्दुल के पिता उसे बचाने गए तो उनकी हत्या कर दी गई. मेरे पास शब्द नहीं थे कि मैं उससे क्या बोलते इतनी कम उम्र में उसने अपने पिता को खो दिया, मैं अब्दुल से कहा कि आज से तू मेरा परिवार है तू मेरा भाई है.
'यह जीत तुम्हारे पिता के नाम'
अभिजीत दीपके ने आगे बताया कि, जब मैंने अब्दुल से कहा कि हम सरकार से तु्म्हारे पिता की हत्या का मुआवजा लेंगे तो उसने मना कर दिया. अब्दुल ने कहा कि मुझे मुआवजा नहीं चाहिए, अगर कुछ करना है तो मेरे पिता के नाम पर स्कूल बनवा दीजिए जहां गरीब लड़के पढ़ाई कर सकें.
अब आज के महाराष्ट्र में हुई जीत के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि, मैं अब्दुल से कहना चाहता हूं कि यह जीत तुम्हारे लिए है और तुम्हारे पिता के लिए है. यह हमें अंकल से कहना है कि जब तक सभी स्कूल ठीक नहीं होते तब तक यह मूवमेंट चलती रहेगी.
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