कौन हैं अमेरिका से पढ़े अभिजीत दीपके जिन्होंने बनाई 'कॉकरोच जनता पार्टी', जिसके इंस्टा पर आई फॉलोअर्स का सुनामी !

जानें कौन हैं बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अभिजीत दीपके जिन्होंने बनाई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP). जानें कैसे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ यह वायरल आंदोलन और क्या है इसका राजनीतिक कनेक्शन.

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काकरोच जनता पार्टी के जनक अभिजीत दीपके.

न्यूज तक डेस्क

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (X और इंस्टाग्राम) पर पिछले 72 घंटों से एक अजीबोगरीब नाम तेजी से ट्रेंड कर रहा है- 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP). महज तीन दिनों के भीतर इस व्यंग्यात्मक और मजाकिया राजनीतिक मोर्चे से देश के 1 लाख से ज्यादा युवा जुड़ चुके हैं, जबकि इसके इंस्टाग्राम पर 21 मई को दोपहर 2:50 बजे तक 14.2 मिलियन फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं, जो बीजेपी के (8.8 मिलियन) फालोअर्स से ज्यादा है. 

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इस पूरे वायरल सुनामी के केंद्र में हैं 30 साल के अभिजीत दीपके हैं. इंटरनेट पर खुद को 'बेरोजगारों और आलसियों की आवाज' बताने वाली इस अनूठी 'पार्टी' का विचार अभिजीत के दिमाग में कैसे आया और क्या है उनका बैकग्राउंड व पॉलिटिकल कनेक्शन? आइए विस्तार से समझते हैं. 

कौन हैं अभिजीत दीपके? 

मूल रूप से महाराष्ट्र के औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) के रहने वाले अभिजीत दीपके एक पेशेवर पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट (Political Communication Strategist) हैं. उन्होंने पुणे से जर्नलिज्म (पत्रकारिता) में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की. इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने प्रतिष्ठित बॉस्टन यूनिवर्सिटी से 'पब्लिक रिलेशंस' (PR) में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री हासिल की है.

क्या है उनका पॉलिटिकल कनेक्शन? 

अभिजीत दीपके का राजनीतिक संदेशों और मीम्स को वायरल कराने का पुराना और मजबूत अनुभव रहा है. AAP की सोशल मीडिया टीम: साल 2020 से 2022 के बीच वे आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम के एक प्रमुख वॉलेंटियर थे. दिल्ली चुनाव में भूमिका: 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान 'आप' के पक्ष में सोशल मीडिया पर जो मीम्स की बाढ़ आई थी, उसके पीछे अभिजीत का ही दिमाग माना जाता है. 

कैसे हुआ 'कॉकरोच जनता पार्टी' का जन्म? 

इस पूरे आंदोलन की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट की एक मौखिक टिप्पणी के बाद हुई. 15 मई 2026 को फर्जी डिग्री से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि कुछ बेरोजगार लोग कॉकरोचों की तरह नकल करके लॉ, मीडिया और आरटीआई एक्टिविज्म जैसी प्रणाली में घुस जाते हैं.

हालांकि, बाद में कोर्ट की तरफ से यह साफ किया गया कि यह टिप्पणी आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं बल्कि फर्जी डिग्री धारकों के लिए थी, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर युवाओं का गुस्सा भड़क चुका था. नीट (NEET) पेपर लीक और नौकरी न मिलने से परेशान युवाओं के इस आक्रोश को अभिजीत दीपके ने बखूबी भांप लिया. 

उन्होंने 16 मई को एक्स (X) पर मजाक में लिखा- "क्या हो अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं?" इसके तुरंत बाद उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक वेबसाइट और गूगल फॉर्म लाइव कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया.

खुद अभिजीत ने क्या कहा? 

BBC को दिए एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया X पर भारत के मुख्य न्यायाधीश का बयान देखा. वे सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे. अभिजीत ने कहा कि उन्होंने इसे बेहद हास्यास्पद समझा क्योंकि सीजेआई को देश के संविधान का संरक्षक माना जाता है. अब एक ऐसा शख़्स जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए वो कैसे युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर सकता है?

गुस्सा इतना आया कि सोशल मीडिया पर मांगी राय 

अभिजीत आगे कहते हैं-  ''CJI के बयान ने ग़ुस्से और निराशा से इतना भर दिया कि ट्विटर पर इस मामले पर अपनी राय देते हुए मैंने पूछ लिया कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा.'' अभिजीत के मुताबिक, उन्हें जेन ज़ी और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले. उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफ़ॉर्म बनाना चाहिए. 

युवाओं का रुझान देख लगा- अब ये मजाक से आगे की बात है 

अभिजीत बताते हैं- सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी बनाते ही कुछ ही घंटों में चमत्कार होने लगा. हर कोई इसपर रिएक्शन देने लगा और खुद को रजिस्टर्ड करने लगा. इसके बाद हमें लगा कि कुछ बड़ा होने वाला है. ये अब केवल मजाक नहीं रह गया है. 

'क्रोनिकली ऑनलाइन' और 'प्रोफेशनल रोने वाले' ही होंगे शामिल! 

अभिजीत ने इस 'पार्टी' में शामिल होने के लिए जो पात्रता और शर्तें रखीं, उसने आज के 'जेन-जी' (Gen-Z) युवाओं का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा. CJP की सदस्यता के लिए जो शर्तें रखी गईं, उनमें शामिल हैं- 

  • बेरोजगार और आलसी. 
  • 'क्रोनिकली ऑनलाइन' (24 घंटे इंटरनेट पर एक्टिव रहने वाले). 
  • प्रोफेशनली अपना दुखड़ा रोने की क्षमता रखना. 

नेताओं का भी मिला समर्थन 

इस अनोखे डिजिटल विरोध को टीएमसी (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे बड़े राजनेताओं का भी सोशल मीडिया पर समर्थन मिल चुका है. भले ही इसकी शुरुआत एक डिजिटल मजाक और व्यंग्य के रूप में हुई हो, लेकिन आज यह देश में पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं के मानसिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों पर एक बड़ा राजनीतिक व सामाजिक विमर्श बन चुका है. 

CJP का X अकाउंट हुआ बंद 

इधर गुरुवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का X अकाउंट बंद (Withheld) हो गया है. जब ये बंद हुआ तब उस पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लॉक होने से ठीक पहले यह आंकड़ा लगभग 165.5K से लेकर 2 लाख के बीच था. दिलचस्प बात यह है कि इस कार्रवाई के समय तक इसके साथ कई जानी-मानी हस्तियां भी जुड़ चुकी थीं. CJP के इस X हैंडल को प्रशांत भूषण, अरुंधति रॉय, ध्रुव राठी और कुणाल कामरा जैसे बड़े नाम भी फॉलो कर रहे थे.  X पर भले ही यह अकाउंट ब्लॉक हो गया हो, लेकिन इंस्टाग्राम पर इसका क्रेज अलग ही लेवल पर चल रहा है. 

'कॉकरोच इज बैक' नाम से फिर नया अकाउंट 

इधर अभिजीत दीपके ने एक नया सोशल मीडिया X पर एक नया अकाउंट बना दिया है. इसका नाम है @Cockroachisback. ये अकाउंट 21 मई को दोपहर ढाई बजे बनाया गया. साढ़े 3 बजते-बजते 14 हजार फॉलोअर्स हो गए हैं. इस अकाउंट को दीपिके ने अपने X अकाउंट से शेयर किया है. 

'कॉकरोच जनता पार्टी' बनाने वाले अभिजीत दीपके का AAP से निकला बड़ा कनेक्शन?
 

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