भारत में बढ़ने लगे कोरोना के मामले, अभी तक 7 मौतें, केरल में सबसे ज्यादा केस

अक्षय शर्मा

28 May 2025 (अपडेटेड: May 28 2025 6:59 PM)

भारत में फिर बढ़ने लगे हैं कोरोना के मामले. केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में एक्टिव केस बढ़े. डॉक्टरों की चेतावनी- बुजुर्ग रहें सतर्क.

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तस्वीर: AI
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 क्या कोरोना वायरस एक बार फिर भारत में दस्तक दे रहा है? बीते कुछ दिनों में देश के कुछ राज्यों में कोविड मामलों में अचानक आई बढ़ोतरी और हालिया मौतों ने स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है. 

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हालात कैसे हैं? 

पिछले 10 दिनों में COVID-19 से 7 मौतें हुई हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 4, केरल में 2 और कर्नाटक से 1 डेथ रिपोर्ट की गई हैं. सबसे चिंताजनक बात ये है कि महाराष्ट्र में एक 21 वर्षीय युवक की मौत कोरोना से हुई है. 

कोरोना का कौन सा वैरिएंट है जिम्मेदार? 

इस बार कोरोना की यह नई लहर Omicron के सबवैरिएंट्स NB.1.8.1, LF.7 और JN.1 के कारण मानी जा रही है. इन वैरिएंट्स के लक्षण ज़्यादातर मामूली होते हैं- से गले में खराश, हल्का बुखार, खांसी और थकान. 

कहां कितने केस

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश कोविड के मामले
केरल 430
महाराष्ट्र 209
दिल्ली 104
गुजरात 83
कर्नाटक 80
तमिलनाडु 70
उत्तर प्रदेश 15
पश्चिम बंगाल 12
राजस्थान  9
ओडिशा 5
अरुणाचल प्रदेश 1
अन्य राज्य 2
कुल मामले 1,010

डॉक्टरों की सलाह 

नोएडा के सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ प्रशांत चौधरी ने बताया- "फिलहाल पैनिक करने की जरूरत नहीं है, लेकिन हमें सतर्क रहना चाहिए. संक्रमित मरीजों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं. बुजुर्गों, हृदय रोगियों और डायबटीज़ पेशेंट्स को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए."

उन्होंने यह भी कहा कि- "समय के साथ वैक्सीन की प्रभावशीलता घटती है, इसलिए सरकार को जल्द ही बूस्टर डोज़ अभियान को तेज करना चाहिए."

क्या करना चाहिए?

  • लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें.
  • घर में बुजुर्ग या बीमार सदस्य हैं तो मास्क पहनें.
  • भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें.
  • पहले ली गई वैक्सीन का समय देखें, ज़रूरत हो तो बूस्टर लगवाएं.
  • अफवाहों से बचें, केवल सरकारी और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लें. 

निष्कर्ष

फिलहाल भारत में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में बढ़ते मामलों ने सतर्कता की घंटी बजा दी है. आम लोगों को घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की ज़रूरत है.