कौन हैं सीनियर ब्यूरोक्रेट दीप्ति गौड़ मुखर्जी, जिन्होंने ली नरेश पाल गंगवार की जगह? 20 दिन में ही सरकार में बदला अपना फैसला

न्यूज तक डेस्क

• 01:56 PM • 11 Aug 2026

Deepti Gaur Mukherjee Profile: NEET पेपर लीक और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. वरिष्ठ IAS अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नरेश पाल गंगवार की जगह नई उच्च शिक्षा विभाग नियुक्त किया गया है. जानिए कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी, उनका प्रशासनिक करियर क्या रहा है और उनके सामने कौन-कौन सी बड़ी चुनौतियां हैं.

Deepti Gaur Mukherjee IAS
Deepti Gaur Mukherjee IAS(X/@CSSforum_)
Google CTA

नीट पेपर लीक और NTA(National Testing Agency) को लेकर हो रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक सख्त कदम उठाया है. सरकार ने सीनियर ब्यूरोक्रेट IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी को देश की नई हायर एजुकेशन सेक्रेटरी यानी उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है. शिक्षा मंत्रालय के इस फैसले की हर जगह चर्चा हो रही है क्योंकि पेपर लीक विवाद के बाद सरकार लगातार परीक्षा तंत्र में सुधार लाने और पारदर्शिता वापस लेने के लिए काम कर रही है. साथ ही दिलचस्प बात यह है कि यह नियुक्ति सरकार के करीब तीन सप्ताह पहले लिए गए एक फैसले के बदलाव के रूप में सामने आई है. ऐसे में चर्चाएं तेज हो गई है कि आखिर कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी और क्या है उनके सामने चुनौतियां. 

Read more!

20 दिन में ही हुए 2 बड़े बदलाव

नीट पेपर लीक विवाद के बीच सरकार ने पहले 23 जुलाई को एक आदेश जारी कर उच्च शिक्षा विभाग के तत्कालीन सचिव विनीत जोशी को पद से हटा दिया था. विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया और उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को जिम्मेदारी सौंपी गई थी. नरेश पाल गंगवार 1994 बैच के IAS अधिकारी है और उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां भी निभाई. लेकिन अब इस फैसले के महज 20 दिन के अंदर ही सरकार ने अपने फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया है.

कौन हैं IAS दीप्ति गौड़?

IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी मध्य कैडर की 1993 की एक वरिष्ठ IAS अधिकारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीप्ति गौड़ का जन्म उत्तर प्रदेश में 3 फरवरी 1969 को हुआ था. उन्होंने JNU से अर्थशास्त्र(Economics) में मास्टर्स डिग्री की है, वहीं लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एम.एससी. इन पब्लिक मैनेजमेंट और गवर्नेंस की डिग्री ली है. शिक्षा विभाग में नियुक्ति से पहले वे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात थी. 

अपने प्रशासनिक करियर के दौरान, दीप्ति गौड़ ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों की भूमिकाओं में कार्य किया है. मध्य प्रदेश सरकार में, उन्होंने कार्मिक, सामान्य प्रशासन, और खेल एवं युवा कल्याण जैसे विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और शासन से जुड़ी जिम्मेदारियों को संभाला.

दीप्ति गौड़ के सामने क्या है चुनौतियां?

भले ही दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बना दिया गया है, लेकिन उनके लिए यह जिम्मेदारी काफी कठिनाइयों से भरी साबित हो सकती है. NEET पेपर लीक और NTA विवाद के बाद उठ रहे सवालों के बीच उन्हें 3 बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है:

NTA के ढांचे में सुधार और साख को बहाल करना: जिस तरीके से NEET पेपर में धांधली का मामला सामने आया है, इसके बाद NTA की साख पर धब्बा लग गया है. बतौर सचिव दीप्ति गौड़ को इस साख को दोबारा बहाल करना होगा और साथ ही पूर्व ISRO चीफ डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में बनी हाई-लेवल कमेटी की सिफारिशों को लागू करना होगा जिसमें शासन व्यवस्था को मजबूत करना, राज्य सरकार और परीक्षा कराने वाले एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की बात कही गई थी.

आने वाले परीक्षाओं को पारदर्शी बनाना: IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी को देश के छात्रों का भरोसा जितना होगा. इसके लिए उन्हें आने वाले दिनों में होने वाले परीक्षाओं को पारदर्शी बनाना और साथ ही उसे लीक-प्रूफ बनाना होगा.

संसद से लेकर विपक्ष के तीखे सवालों का सामना: पेपर लीक का मुद्दा अब सड़क से लेकर संसद पर पहुंच गया है और इसी वजह से मामला काफी गरमाया हुआ है. ऐसे स्थिति में नीतिगत फैसलों में पारदर्शिता बनाए रखना, उनके लिए प्राथमिकता के साथ-साथ चुनौती भी होगी.

कई और अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

इस फेरबदल में दीप्ति गौड़ मुखर्जी के नियुक्ति के अलावा कई और अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किए गए है. इसके तहत पल्लवी जैन गोविल को अब कॉर्पोरेट मामलों का नया सचिव नियुक्त किया गया है. वहीं सुशील कुमार लोहानी को IWAI(भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण) का नया अध्यक्ष बनाया गया है. इससे पहले सुशील कुमार मंत्रिमंडल सचिवालय में OSD के पद पर थे. इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारी अर्चना वर्मा को जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग का नया प्रमुख बनाया गया है, जो वी.एल. कांता राव का स्थान लेंगी.

IIT से पढ़े, राजस्थान में रहे पावरफुल IAS... कौन हैं नए उच्च शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार? 1.16 करोड़ की सब्सिडी केस से आए थे सुर्खियों में