अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान को हथियारों की आपूर्ति की तो उसे इसके भारी परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है.
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ट्रंप का क्या रुख
ट्रंप ने साफ किया कि ईरान को सैन्य मदद देना चीन के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता चल रही है, लेकिन वे किसी समझौते की सफलता या विफलता को लेकर चिंतित नहीं हैं. उनका दावा है कि परिस्थिति जो भी हो जीत अमेरिका की ही होगी.
होर्मुज की घेराबंदी
पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूद (Mines) बिछाए हैं, जिसे हटाने के लिए अमेरिकी 'माइन स्वीपर्स' तैनात कर दिए गए हैं. दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि इस क्षेत्र से किसी भी अमेरिकी सैन्य जहाज को गुजरने नहीं दिया जा रहा है.
क्या चीन भेज रहा है मिसाइलें?
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence) का मानना है कि ईरान अपने कमजोर हो चुके एयर डिफेंस को मजबूत करने के लिए चीन से कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइलें (MANPADS) हासिल करने की कोशिश में है. हाल ही में अमेरिका के F-15E लड़ाकू विमानों के मार गिराए जाने के पीछे इन्हीं चीनी प्रणालियों का हाथ होने का संदेह है.
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