दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर शानदार जीत दर्ज की है. जबकि एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया है. इस चुनाव में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के खाते में एक भी पद नहीं आया है. अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जीत हासिल की, जिन्होंने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2053 वोटों के अंतर से हराया. इसके अलावा उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की, जबकि सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP के उम्मीदवारों ने ही जीत हासिल की है. अब इस पर कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास का रिएक्शन भी सामने आया है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी खबर.
ADVERTISEMENT
सौरभ दास की प्रतिक्रिया और विपक्ष की कमियां
चुनाव परिणाम आने के ठीक अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा कि डूसू नतीजों से मुख्य रूप से दो बातें सामने आती हैं. उनके मुताबिक, अधिकांश छात्र मौजूदा सरकार के खिलाफ हैं, लेकिन उनके वोट आपस में बंटे हुए हैं, जिसका सीधा फायदा सत्ता पक्ष को मिल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि जिन उम्मीदवारों को पद मिला है, उन्हें यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि वे कोई 'राजा या रानी' नहीं हैं क्योंकि बहुमत ने उन्हें वोट नहीं दिया है.
कांग्रेस और वामपंथी एकता पर सवाल
सौरभ दास ने कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली की भी कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके विभागों को सीजेपी को परेशान करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपनी राजनीतिक रणनीति को सुधारने की जरूरत है, जो पिछले 12 सालों से चली आ रही है. इसके साथ ही उन्होंने वामपंथी एकता पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वैचारिक शुद्धता पर जरूरत से ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि कोई भी उनकी मान्यताओं के लिए उनके पास नहीं आ रहा है.
युवाओं के मुद्दों और चुनाव के पैमाने पर बात
सौरभ दास ने आगे कहा कि बेरोजगारी, खराब शिक्षा व्यवस्था, जर्जर स्कूल, महंगाई और भारी निराशा का सामना कर रहे करोड़ों युवा भारतीयों के राजनीतिक मिजाज को केवल एक छात्र संघ चुनाव के नतीजों से आंकना सही विश्लेषण नहीं है, खासकर तब जब चुनाव पूरी तरह से पैसे और बाहुबली के दम पर लड़े गए हों. उन्होंने गढ़वाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुछ ही दिन पहले एबीवीपी की हार का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को सिर्फ चुनावों को ही अपनी सफलता का पैमाना नहीं मानना चाहिए.
एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ का पक्ष
इस पूरे मामले पर एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने पूरी ईमानदारी और ताकत के साथ आम परिवारों के नौजवानों को मैदान में उतारकर छात्रों के मुद्दों पर चुनाव लड़ा था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री जैसी बड़ी हस्तियों ने स्टार कैंपेनर की तरह प्रचार किया, जिसके कारण कुछ कमियों की वजह से वे चुनाव हार गए. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनएसयूआई छात्रों से किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए जमीन पर मजबूती से उतरेगी और संगठन की कमियों में सुधार करेगी.
डूसू चुनाव का रिजल्ट आया, ABVP ने जीते 3 पद; निर्दलीय दीपांशु ने VP पर मारी बाजी
ADVERTISEMENT


