देश में E20 पेट्रोल को लागू किए जाने और अमेरिका से इथेनॉल आयात किए जाने के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पीएम हाउस के लिए निकल चुके हैं. इस बीच प्रधानमंत्री आवास और जंतर-मंतर के आसपास उन्होंने ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार से इस नीति को तुरंत वापस लेने की मांग की.
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2.33 लाख लोगों का हस्ताक्षर अभियान
केजरीवाल के अनुसार देश भर के लगभग 2,33,000 (2.33 लाख) लोगों ने इस फैसले के विरोध में एक पिटीशन पर हस्ताक्षर किए हैं. केजरीवाल इसी पिटीशन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने और उनसे मुलाकात करने के लिए आगे बढ़ रहे थे जिन्हें पुलिस और सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया.
ट्रंप के दबाव में न आए सरकार, देश को मिले प्योर पेट्रोल
इस दौरान केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि देश के वाहन चालकों पर E20 ईंधन जबरन थोपा जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) के दबाव में आकर इथेनॉल खरीदना बंद किया जाना चाहिए और भारतीय नागरिकों को शुद्ध व सस्ता पेट्रोल (Pure Petrol) उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
ये पूरी कैबिनेट का निर्णय है
केजरीवाल ने ये भी स्पष्ट किया कि E20 नीति केवल किसी एक मंत्रालय (जैसे नितिन गडकरी या हरदीप सिंह पुरी) का व्यक्तिगत फैसला नहीं है, बल्कि यह पूरी केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री मोदी का फैसला है. उन्होंने मांग की कि सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करें.
आगे की रणनीति और इंतजार
सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने के बाद केजरीवाल मौके पर ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को संदेश भेजा गया है और वे मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं. यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है.
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