पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल्स ने देश की सियासी हलचल बढ़ा दी है. पश्चिम बंगाल में क्या ममता बनर्जी अपना किला बचा पाएंगी या बीजेपी पहली बार सत्ता की दहलीज पार करेगी? क्या तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय राजनीति के नए किंग बनकर उभरेंगे? इन तमाम सवालों पर इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने न्यूज तक के खास कार्यक्रम साप्ताहिक सभा में तक चैनल्स के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर के साथ बेबाक विश्लेषण किया है. राजदीप के मुताबिक, अगर ये एग्जिट पोल नतीजों में बदलते हैं, तो भारत के राजनीतिक नक्शे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कद इंदिरा गांधी के दौर वाले कांग्रेस के दबदबे की याद दिलाएगा.
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पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर और बीजेपी का उभार
राजदीप सरदेसाई ने बंगाल के एग्जिट पोल्स पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में मुकाबला बेहद कड़ा है. पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक बीजेपी और टीएमसी के बीच फासला बहुत कम रह गया है. राजदीप का मानना है कि बीजेपी बंगाल में एक 'पार्टी ऑन द राइज' है, जिसका ग्राफ 2021 के मुकाबले ऊपर गया है. वहीं ममता बनर्जी के लिए यह उनके जीवन की सबसे कठिन लड़ाई है. बंगाल में अक्सर वोटर खामोश रहता है, जिससे पोलस्टर्स के लिए सटीक अनुमान लगाना टेढ़ी खीर साबित होता है. 27 लाख प्रभावित वोटों और भारी मतदान के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी 144 के जादुई आंकड़े को छू पाती है.
तमिलनाडु में 'वी-फैक्टर' और विजय का चमत्कार
तमिलनाडु के एग्जिट पोल्स में सबसे चौंकाने वाला नाम अभिनेता विजय का है. राजदीप के अनुसार, एक्सिस माय इंडिया का 35% वोट शेयर का अनुमान अगर सच साबित हुआ, तो यह भारतीय राजनीति में 1983 के एनटीआर युग की वापसी जैसा होगा. उन्होंने बताया कि तमिलनाडु का युवा वर्ग बदलाव चाहता है और विजय उनके लिए एक बड़े विकल्प बनकर उभरे हैं. हालांकि, अन्य पोलस्टर्स विजय को इतनी सीटें नहीं दे रहे हैं, लेकिन विजय का 'किंगमेकर' या 'किंग' बनना इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर हो सकती है.
असम और केरल: कांग्रेस के लिए मिली-जुली चुनौती
असम और केरल के नतीजों पर बात करते हुए राजदीप ने कहा कि असम में कांग्रेस के लिए वापसी की राह मुश्किल नजर आ रही है और बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाती दिख रही है. वहीं केरल कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित हो सकता है, जहां 10 साल बाद यूडीएफ की सत्ता में वापसी के आसार हैं. राजदीप का एनालिसिस है कि कांग्रेस अब धीरे-धीरे दक्षिण भारत के राज्यों तक सिमटती दिख रही है, जबकि बीजेपी उत्तर, पश्चिम और पूर्व भारत में अपना एकाधिकार जमा रही है.
मोदी युग और इंदिरा गांधी के दौर की तुलना
राजदीप सरदेसाई ने इस चुनावी विश्लेषण का समापन एक बड़ी टिप्पणी के साथ किया. उन्होंने कहा कि यदि ये नतीजे 4 मई को सच साबित होते हैं, तो यह देश में 'वन पार्टी डोमिनेंस' यानी एक ही पार्टी के प्रभुत्व के दौर की वापसी होगी. जिस तरह इंदिरा गांधी के समय में कांग्रेस का पूरे देश पर प्रभाव था, वैसा ही प्रभाव आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी का दिख रहा है. दक्षिण के दो-तीन राज्यों को छोड़कर बीजेपी अब देश के हर कोने में एक मजबूत शक्ति बन चुकी है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नई राजनीतिक तस्वीर होगी.
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बंगाल में किसकी बनेगी सरकार, 6 सीटों पर बड़ा खेला! फलोदी सट्टा बाजार के अनुमान ने चौंकाया
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