मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते युद्ध के बादलों और तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत सरकार ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम उठाया है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India Tehran) ने 8 अप्रैल 2026 को एक हाई-अलर्ट एडवाइजरी जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने का निर्देश दिया है.
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एडवाइजरी में क्या है खास?
दूतावास द्वारा जारी इस निर्देश में 'Expeditiously Exit Iran' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब रुकने का समय नहीं है. 7 अप्रैल के अलर्ट को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि-
- ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स या अन्य साधनों से तुरंत स्वदेश लौटें.
- बिना दूतावास की पूर्व अनुमति के किसी भी अंतरराष्ट्रीय लैंड बॉर्डर (जमीनी सीमा) की ओर न जाएं.
- किसी भी आपात स्थिति के लिए दूतावास ने विशेष हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की है.
सीजफायर के बावजूद क्यों डरा रहा है खतरा?
हैरानी की बात यह है कि यह एडवाइजरी सीजफायर (युद्धविराम) की खबरों के बीच आई है. रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह शांति केवल ऊपरी तौर पर दिख रही है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव किसी भी समय बड़े सैन्य हमले या मिसाइल हमलों में बदल सकता है. भारत सरकार किसी भी 'अंतिम क्षण' की अफरा-तफरी से बचने के लिए 'प्रिवेंटिव एक्शन' (निवारक कार्रवाई) मोड में है.
हजारों भारतीयों पर असर
ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र, व्यापारी, पर्यटक और धार्मिक तीर्थयात्री मौजूद हैं. विशेषकर छात्रों और तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर निकलने की सलाह दी गई है. भारत की यह रणनीति ठीक वैसी ही है जैसी यूक्रेन और अफगानिस्तान संकट के दौरान देखी गई थी...यानी खतरा आने से पहले ही सुरक्षित निकासी. सरकार का यह सख्त संदेश साफ करता है कि तेहरान सहित पूरे इलाके में जमीनी हालात बेहद गंभीर हैं और किसी भी समय स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है.
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