GDB Survey: तमिलनाडु वालों का सिविक सेंस सबसे अच्छा, यूपी-MP पिछड़े; दिल्ली वाले भी बेहतर

न्यूज तक

21 Mar 2025 (अपडेटेड: Mar 21 2025 8:13 PM)

India Today GDB Survey: इंडिया टुडे सर्वे भारत के 21 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में किया गया, जहां 9188 लोगों से ईमानदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक मानदंडों को लेकर सवाल किए गए. इसमें सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान, संकट में दूसरों की मदद, भ्रष्टाचार के खिलाफ रुख और ट्रैफिक नियमों के पालन जैसे मुद्दों को कवर किया गया.

सिविल सेंस के मामले में उत्तर भारतीय राज्यों की हालत खराब है.
सिविल सेंस के मामले में उत्तर भारतीय राज्यों की हालत खराब है.
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इंडिया टुडे सकल घरेलू व्यवहार सर्वे (GDB Survey) में यह सामने आया कि भारत में नागरिक जिम्मेदारी निभाने और सार्वजनिक जीवन में अनुशासन बनाए रखने के मामले में देश में तमिलनाडु को पहला दर्जा मिला है. इस सर्वे के नतीजे बताते हैं कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्य नागरिक आचरण में सबसे आगे हैं, जबकि पंजाब, गुजरात और असम सबसे निचले स्थानों पर रहे. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश भी इस रैंकिंग में पिछड़े हुए हैं.

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सर्वे में क्या-क्या शामिल था?

यह सर्वे भारत के 21 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में किया गया, जहां 9188 लोगों से ईमानदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक मानदंडों को लेकर सवाल किए गए. इसमें सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान, संकट में दूसरों की मदद, भ्रष्टाचार के खिलाफ रुख और ट्रैफिक नियमों के पालन जैसे मुद्दों को कवर किया गया.

तमिलनाडु नंबर 1, यूपी-पंजाब सबसे पीछे

इस सर्वे के अनुसार, तमिलनाडु नागरिक आचरण के मामले में 0.765 के स्कोर के साथ देश में अव्वल रहा, जबकि पंजाब केवल 0.322 के साथ सबसे निचले स्थान पर रहा. पश्चिम बंगाल और ओडिशा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि यूपी और एमपी नागरिक व्यवहार के मामले में पिछड़ गए.

सर्वे की खास-खास बातें

- 87% लोगों ने बिजली मीटर से छेड़छाड़ को गलत माना.

- 86% लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने को अस्वीकार किया.

- 85% लोगों ने बस-ट्रेन में बिना टिकट यात्रा का विरोध किया.

- 61% लोगों ने स्वीकार किया कि वे काम जल्दी कराने के लिए रिश्वत देने को तैयार हैं.

- पश्चिम बंगाल के 99% लोग सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की मदद करना चाहते हैं, जबकि ओडिशा में केवल 22%.

उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत: बड़ा अंतर

सर्वे के अनुसार, दक्षिण भारतीय राज्यों में नागरिक जिम्मेदारी निभाने की प्रवृत्ति अधिक दिखी, जबकि उत्तर भारतीय राज्यों में लोग व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता देते नजर आए. उदाहरण के लिए, तमिलनाडु, केरल और दिल्ली जैसे राज्य बेहतर रैंक पर रहे, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में सिविक सेंस की स्थिति कमजोर रही.