36 साल बाद बदला ईरान का सुप्रीम लीडर! खामेनेई के बाद बेटे मोजतबा को मिली सत्ता

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है. यह फैसला IRGC के दबाव में 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' द्वारा लिया गया.

Mojtaba Khamenei
Mojtaba Khamenei

न्यूज तक डेस्क

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ईरान में लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्व को लेकर असमंजस अब खत्म होता नजर आ रहा है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश की सत्ता किसके हाथ में जाएगी, इस पर कई अटकलें लगाई जा रही थीं. अब रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है.

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सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, ईरान की शक्तिशाली धार्मिक संस्था Assembly of Experts ने मोजतबा खामेनेई के नाम पर सहमति जताई है. हालांकि यह फैसला कथित तौर पर ईरान की सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के दबाव में लिया गया बताया जा रहा है.

36 साल तक संभाली देश की कमान

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने साल 1989 से लेकर लगभग 36 वर्षों तक ईरान की सत्ता संभाली. उनके नेतृत्व में ईरान की राजनीति, विदेश नीति और सुरक्षा ढांचे में कई अहम बदलाव देखने को मिले.

अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बीच हुआ. इस खबर की सबसे पहली जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की थी, जिसकी बाद में ईरानी प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि की.

संविधान के अनुसार होता है सुप्रीम लीडर का चयन

ईरान के संविधान के मुताबिक, देश के सर्वोच्च नेता का चुनाव Assembly of Experts द्वारा किया जाता है. यह एक प्रभावशाली धार्मिक निकाय है, जिसके पास सुप्रीम लीडर को चुनने और उनकी निगरानी करने का अधिकार होता है.

खामेनेई के निधन के बाद इस संस्था की बैठक हुई, जिसमें नए नेता के चयन पर चर्चा की गई. इसी प्रक्रिया के तहत मोजतबा खामेनेई के नाम पर सहमति बनने की बात सामने आई है.

IRGC से करीबी रिश्ते

मोजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली माने जाते रहे हैं. माना जाता है कि उनका ईरान के सुरक्षा प्रतिष्ठान और खासकर IRGC के साथ मजबूत संबंध रहा है.

हालांकि उन्होंने अब तक कोई बड़ा संवैधानिक पद नहीं संभाला था, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में लंबे समय से चर्चा होती रही है.

मशहद में होगा अली खामेनेई का अंतिम संस्कार

अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा. जानकारी के अनुसार, उन्हें मशहद स्थित प्रसिद्ध इमाम रज़ा तीर्थस्थल में उनके पिता की कब्र के पास ही सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. फिलहाल अंतिम संस्कार की तारीख की घोषणा नहीं की गई है.

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