Israel Khamenei Attack Video: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव कम हाेने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों तरफ से एक दूसरे पर लगातार रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं. 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके परिवार के कुछ लाेगों को अमेरिका और इजरायल एक संयुक्त एयरस्ट्राइक मार चुका है. इस बीच अब इजरायल की डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने इसी एयरस्ट्राइक का एक वीडियो जारी कर सबको चौंका दिया है. IDF ने इस वीडियो में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के गुप्त बंकर पर किए गए हमले का दावा किया गया है.
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50 इजरायली फाइटर जेट्स ने तेहरान में मचाई तबाही
इजरायली सेना एक्स में एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया है कि उनकी एयरफोर्स के करीब 50 लड़ाकू विमानों ने एक साथ तेहरान में खामेनेई के परिसर पर हमला बोला था. यह हमला सीधे उस अंडरग्राउंड मिलिट्री बंकर पर किया गया जिसे ईरानी शासन का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है. इजरायल का कहना है कि उनके पास पुख्ता इनपुट थे कि इस परिसर के नीचे ईरान के शीर्ष नेतृत्व का मिलिट्री ढांचा मौजूद है. इस कार्रवाई का मकसद ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह कमजाेर करना था.
धुएं के गुबार में तब्दील हुआ खामेनेई का गुप्त ठिकाना
IDF द्वारा जारी इस 23 सकेंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि बमबारी के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा जाता है और मौके से आग का गोल उठने लगता है. हालांकि इस हमले में हुए कुल नुकसान की ऑफिसियल डिटेल आना अभी बाकी है, लेकिन इस कार्रवाई ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था. लोग हैरान हैं कि इजरायल ने ईरान की राजधानी के भीतर इतने सुरक्षित बंकर को इतनी आसानी से कैसे भेद दिया.
यहां देखें हमले का एयरस्ट्राइक वीडियो
सटीक निशाने के लिए ट्रैफिक कैमरों में लगाई गई सेंध
गौरतलब हैे कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई और उनकी टॉप लीडरशिप पर इस सटीक हमले के पीछे इजरायल की सालों की मेहनत बताई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरा सिस्टम को हैक कर लिया था. इजरायल ने ईरान के मोबाइल नेटवर्क तक भी पहुंच बनाई थी. इसका मकसद खामेनेई और उनके सुरक्षा घेरे की हर मूवमेंट को चौबीसों घंटे ट्रैक करना था.
डिजिटल नक्शे और मूवमेंट पैटर्न से तैयार हुआ डेथ वारंट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की खुफिया यूनिट और मोसाद ने मिलकर इस लंबे ऑपरेशन को अंजाम दिया. उन्होंने तेहरान के कैमरों की लाइव फीड और मोबाइल डेटा के जरिए एक मूवमेंट पैटर्न तैयार किया. इससे इजरायल को पता चल गया कि खामेनेई का काफिला कब निकलता है, कौन सा रूट लेता है और सुरक्षा गार्ड कब बदले जाते हैं. रोजमर्रा की इन आदतों का एक डिजिटल नक्शा तैयार करने के बाद ही इजरायल ने सही समय देखकर बंकर पर बॉम्बिंग की और खामेनेई को खत्म करने का दावा किया.
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