नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में जो भी धरना-प्रदर्शन, मार्च और प्रेस कॉन्फ्रेंस किए. उनमें कई ऐसे चेहरे शामिल हुए जो पहले से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं लेकिन कुछ ऐसे चेहरे भी पूरे जोश में नजर आए, जिन्हें कम लोग जानते हैं, लेकिन इन प्रदर्शनों में दिखने के बाद उनकी चर्चा तेज हो गई.
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एक तरफ जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दिखने वाली नेहा बोरा की चर्चा हुई तो वहीं दूसरी तरफ राहुल और प्रियंका के साथ ट्रक पर खड़ी व्हाइट शर्ट पहने एक लड़की के जोश ने भी लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा. एक Gen Z लड़की हाथ में माइक, जुबां पर नारे और चेहरे पर गजब का आत्मविश्वास... वहां प्रदर्शन में जिसने भी इसे देखा या फिर सोशल मीडिया पर जो भी तस्वीरें आईं, लोगों की नजरें इस युवा चेहरे पर ठहर गईं. ये जोशीली युवा कोई और नहीं बल्कि जन्नत बिश्नोई है. जन्नत बिश्नोई की मीडिया सोशल मीडिया में काफी चर्चा है. इसलिए ये बनी हैं हमारे शो का चर्चित चेहरा.
इस वीडियो में हम आपको बताएंगे. कैसे जन्नत अचानक चर्चा में आ गईं और कैसे इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में 104 साल का इतिहास पलटा था. पहले प्रियंका और राहुल के साथ वाली ये तस्वीर देखिए. ये तस्वीर तब की है जब राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के लिए मार्च निकाला था. प्रदर्शन के दौरान जन्नत राहुल गांधी के बगल में खड़ी होकर नारे लगाते दिखीं. इस तस्वीर को देखकर सवाल उठने लगा कि आखिर ये लड़की है कौन, जो कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाती नजर आ रही है?
जन्नत बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान की हैं. राजस्थान में हनुमानगढ़ के संगरिया से आने वाली जन्नत दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में बीए सेकेंड ईयर की छात्रा हैं और कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI से जुड़ी हैं.
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर दिल्ली की छात्र राजनीति में अपनी पहचान बनाने तक का इनका सफर काफी दिलचस्प है. जन्नत के पिता खेती-किसानी करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. सामान्य और खेती-किसानी करने वाले परिवार से आने वाली जन्नत ने राजनीति की दुनिया में अपनी जगह बनाने का रास्ता चुना है.
अचानक चर्चा में जन्नत बिश्नोई
जन्नत बिश्नोई के अचानक चर्चा में आने के पीछे सिर्फ राहुल गांधी के साथ वायरल हुई तस्वीरें नहीं, बल्कि दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी DUSU की राजनीति में उनकी भूमिका भी है. जन्नत के मुताबिक, दिल्ली यूनिवर्सिटी के 104 साल के इतिहास में वो चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर यानी CEC का पद हासिल करने वाली पहली छात्रा हैं. इनका दावा है कि इस पद पर अब तक लड़कों का दबदबा रहा, लेकिन उन्होंने लगातार चुनावी संघर्ष के बाद इस परंपरा को तोड़ दिया. यानी एक तरफ पढ़ाई, दूसरी तरफ छात्र राजनीति और उसके साथ चुनावी मैदान में लगातार सक्रियता.
दरअसल, DUSU यानी दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन में चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसलर का पद छात्र संघ की कार्यकारी व्यवस्था से जुड़ा है. इस भूमिका में छात्र संघ के कामकाज, फैसलों को लागू कराने और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाने जैसी जिम्मेदारियां शामिल होती हैं. हालांकि, इसकी सटीक शक्तियां और जिम्मेदारियां यूनियन के नियमों पर निर्भर करती हैं.
छात्र राजनीति में ऐसे पद तक पहुंचने के लिए सिर्फ लोकप्रियता काफी नहीं होती. छात्रों के बीच संपर्क बनाना, उनकी समस्याओं को समझना, कैंपेनिंग करना और चुनावी रणनीति पर काम करना भी अहम होता है. जन्नत का कहना है कि कॉलेज में आने के बाद जब उन्होंने खुद छात्रों की समस्याओं को करीब से देखा, तो उन्हें लगा कि NSUI के मंच से उनकी आवाज को मजबूती मिल सकती है. यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने रफ्तार पकड़ी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जन्नत अकसर कॉलेज कैंपस के अंदर महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आवाज उठाती रहती है. वो कैंपस को सुरक्षित बनाने के लिए हर जगह CCTV कैमरा और पिंक पुलिस बूथ व्यवस्थाओं की मांग करते रहती है. इसके अलावा वह पर्यावरण से जुड़े अभियानों में भी शामिल रही हैं.
राजनीति में आने के सवाल पर जन्नत बड़े बेबाक अंदाज में मीडिया से कहा कि जब उन्होंने कॉलेज में कदम रखा और खुद छात्रों की समस्याओं को झेला, तो उन्हें लगा कि NSUI के जरिए वे स्टूडेंट्स के हक की आवाज सबसे बेहतर तरीके से उठा सकती हैं. फिर क्या था, एक बार जो कदम आगे बढ़े, तो दिल्ली की सड़कों से लेकर संसद के घेराव तक, जन्नत हर मुद्दे पर हिम्मत और पूरे दमखम के साथ खड़ी नजर आईं.
जन्नत राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ नजर आई
इसी सब के दौरान आखिरकार फिर वो मौका आया, जब जन्नत राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ नजर आईं. चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर इंडिया गठबंधन के मार्च के दौरान ट्रक पर मौजूद जन्नत की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. देखते ही देखते चर्चा उनके राजनीतिक बैकग्राउंड से आगे बढ़कर उनकी पहचान, उनके संघर्ष और उनके भविष्य तक पहुंच गई. युवा चेहरों की तलाश में रहने वाली राजनीति में जन्नत की मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जन्नत की उम्र 19 से 21 साल के बीच बताई जा रही है. जन्नत को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है कि कांग्रेस को उसका नया और एनर्जेटिक एक और 'जेन-ज़ी चेहरा' मिल गया है. हालांकि आगे चेहरा कहां तक पहुंच पाता है ये तो अभी कहना मुश्किल है लेकिन इतना जरूर है कि राहुल गांधी के साथ वायरल हुई एक तस्वीर ने जन्नत बिश्नोई को सुर्खियों में ला दिया है.
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