केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन (Jiji Thomson) के एक ताजा दावे के बाद देश की राजनीति में नया भूचाल आ गया है. जीजी थॉमसन ने दावा किया है कि साल 2016 में एक हवाई यात्रा (फ्लाइट) के दौरान तत्कालीन आईएएस अधिकारी और वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने उन्हें बीजेपी के टिकट पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था.
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जीजी थॉमसन के इस खुलासे के बाद कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला है.
मिला था सांसद-मंत्री बनने का ऑफर
केरल कैडर के 1980 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी जीजी थॉमसन के अनुसार, 2016 में दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट के दौरान उनकी बातचीत ज्ञानेश कुमार से हुई थी. उस समय दोनों अधिकारी एक-दूसरे को जानते थे. जब ज्ञानेश कुमार ने उनसे रिटायरमेंट के बाद का प्लान पूछा, तो थॉमसन ने बच्चों से जुड़े किसी प्रोजेक्ट पर काम करने की इच्छा जताई.
थॉमसन का दावा है कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे कहा कि वे राजनीति में आएं और केरल की पथनामथिट्टा (Pathanamthitta) लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर 2019 का चुनाव लड़ें. ज्ञानेश कुमार ने उन्हें सांसद और आगे चलकर केंद्र में मंत्री बनने तक का सुझाव दिया था. हालांकि, जीजी थॉमसन ने इस प्रस्ताव को उसी समय खारिज कर दिया था.
Rahul Gandhi ने लगाया 'मैच फिक्सिंग' का आरोप
जीजी थॉमसन के इस बयान के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार और चुनाव आयोग को घेरा. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकारी सेवा में रहते हुए ज्ञानेश कुमार बीजेपी के लिए उम्मीदवारों की भर्ती (रिक्रूटमेंट) कर रहे थे.
राहुल गांधी ने कहा कि बाद में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी. उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को 'मैच फिक्सिंग' करार दिया.
वहीं, केरल कांग्रेस ने भी सवाल उठाया कि जब ज्ञानेश कुमार 1988 कैडर के सरकारी सेवा में तैनात आईएएस अधिकारी थे, तो वे किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ाने की बात कैसे कर सकते थे और उन्हें ऐसा करने के लिए किसने अधिकृत (Authorize) किया था?
कौन हैं Jiji Thomson?
जीजी थॉमसन केरल कैडर के 1980 बैच के एक वरिष्ठ पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी हैं, जो जनवरी 2015 से फरवरी 2016 तक राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary) के रूप में सेवा दे चुके हैं. अपने 36 साल से भी लंबे शानदार प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के महानिदेशक और केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) के प्रबंध निदेशक जैसे कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभाई. प्रशासनिक सेवा के अलावा वह एक प्रतिष्ठित लेखक भी हैं, जिन्हें उनकी साहित्यिक रचनाओं के लिए 'केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया जा चुका है. हालांकि, वर्ष 2021 में कांग्रेस पार्टी द्वारा उन्हें वट्टियोरकावु सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने हमेशा खुद को चुनावी राजनीति से दूर रखा है.
चुनाव आयोग में चल रही खींचतान के बीच आया बयान
ज्ञानेश कुमार को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर मतभेद की खबरें आई थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने (Form 6) और चुनावी डेटा तक पहुंच जैसी प्रक्रियाओं पर अपनी राय रखी थी.
हालांकि, शनिवार (26 सितंबर) को चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि तीन सदस्यीय आयोग में अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न विचार होना एक सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और अंतिम फैसलों पर सभी सदस्यों की सहमति होती है.
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