राजस्थान के फलौदी जिले में घर के बाहर चैन की नींद सो रही भंवरी देवी बिश्नोई की अज्ञात हमलावरों ने चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी. हमलावरों ने उनकी दो मासूम बेटियों पर भी जानलेवा वार किया, जिनमें से एक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है. घटना के 10 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही. इससे आक्रोशित ग्रामीणों और पूर्व विधायक के साथ दर्जनों लोग लोहावट में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं.
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आधी रात को घर में घुसे हमलावर
घटना 27 जुलाई की रात लोहावट उपखंड के जंभेश्वर नगर की है. भंवरी देवी बिश्नोई अपने घर के बाहर सो रही थीं. तभी अंधेरे का फायदा उठाकर आए अज्ञात हमलावरों ने उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. भंवरी देवी को बचाने आई उनकी दो बेटियों पर भी हमलावरों ने चाकू से वार किए. इस हमले में भंवरी देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बेटियों को जोधपुर के मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक बेटी का बड़ा ऑपरेशन हुआ है.
प्रशासन ने मांगा था 5 दिन का समय
हत्याकांड के बाद इलाके में भारी जनआक्रोश फैल गया. 30 जुलाई को फलौदी के विधायक पब्बाराम बिश्नोई, जिला कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी में परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत हुई. पुलिस प्रशासन ने 5 दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का लिखित और ठोस आश्वासन दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने अस्थाई तौर पर धरना स्थगित किया था. हालांकि, 10 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है.
EX MLA संग 50 लोग आमरण अनशन पर बैठे
पुलिस की नाकामी से नाराज होकर पूर्व विधायक कृष्णाराम बिश्नोई, मृतका के पति गंगा बिश्नोई और स्थानीय ग्रामीणों ने लोहावट उपखंड कार्यालय के बाहर फिर से मोर्चा खोल दिया है. 6 अगस्त से पूर्व विधायक समेत 50 लोग अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (आमरण अनशन) पर बैठ गए हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक भंवरी देवी के कातिलों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह अनशन जारी रहेगा.
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