झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में राज्यभर के छात्र-नौजवान सड़कों पर उतर आए हैं. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 9 दिनों से छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं. राज्य के सभी 24 जिलों से छात्र रांची पहुंच रहे हैं और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. इसी क्रम में विरोध दर्ज कराने के लिए छात्रों द्वारा एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों का आक्रोश और उत्साह देखने को मिला. इसी बीच इन छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक का भी समर्थन मिला है.
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हेमंत सरकार पर संवाद न करने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि लगातार 9 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद झारखंड की हेमंत सरकार ने अब तक उनसे कोई वार्ता या संवाद स्थापित नहीं किया है. अभ्यर्थियों ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में आई 14वीं JPSC परीक्षा के नतीजों के साथ-साथ बैकलॉग 2023 और 2025 की सिविल सर्विसेज परीक्षा के नतीजों में भारी अनियमितताएं देखने को मिली हैं. यहां तक कि खाली ओएमआर (OMR) शीट और केवल कार्बन कॉपी जमा करने वालों का भी परिणाम जारी कर दिया गया है.
छात्रों की प्रमुख मांगें और परीक्षा एजेंसी पर सवाल
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के समक्ष चार मुख्य मांगें रखी हैं. छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC रेगुलर, बैकलॉग 2023 और बैकलॉग 2025 की परीक्षाओं को अविलंब रद्द किया जाए. साथ ही इन सभी मामलों की जांच सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) से करवाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पारदर्शी कार्रवाई की जाए. छात्रों ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी 'टीडीपीएल' (TDPL) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, जिन्हें हाल ही में गिरफ्तार किया गया है, खुद इस एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बैठते थे और JSSC CGL जैसी परीक्षाओं में सेकंड टॉपर तक बने हैं.
अभिजीत दीपके ने दिया समर्थन का आश्वासन
प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने छात्रों की इस लड़ाई का पूरा समर्थन किया. उन्होंने छात्रों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे इस आंदोलन में छात्रों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने छात्रों से कहा कि वे बिल्कुल न डरें और अपनी मांगों को आगे भी मजबूती से रखें. अभिजीत दीपके ने छात्रों से उनकी मांगों का लिखित दस्तावेज भी मांगा और यह भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाएंगे और युवाओं के हक की लड़ाई में हर संभव मदद प्रदान करेंगे.
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