झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा. आयोग में एक तरफ जहां प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को भी एक बड़ी सफलता हासिल हुई है.
ADVERTISEMENT
तीनों सदस्यों का इस्तीफा मंजूर
झारखंड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार ने JPSC के तीनों सदस्यों, अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा के इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है. राजभवन से मंजूरी मिलने के साथ ही आयोग के भीतर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. पिछले कुछ समय से परीक्षाओं की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इन सदस्यों के पदों से हटने को एक बड़े फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है.
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता
दूसरी ओर, परीक्षा में गड़बड़ियों और धांधली के आरोपों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की झारखंड सरकार के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता हुई। इस वार्ता में सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में से एक- JPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग को स्वीकार कर लिया है.
CBI जांच मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
हालांकि, परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बावजूद अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. वार्ता के तुरंत बाद प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका सत्याग्रह तब तक खत्म नहीं होगा जब तक कि पूरे मामले की CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग पूरी नहीं हो जाती.
ADVERTISEMENT


